बरेली में अमर उजाला के 'भविष्य ज्योति सम्मान समारोह' का शुक्रवार को आगाज हुआ। सम्मान समारोह में अफसरों ने यूपी बोर्ड के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। अफसरों ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और सही मार्गदर्शन भी सफलता के लिए जरूरी है।
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भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में अफसर व मेधावी छात्र-छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
बरेली में विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने और सही कॅरिअर मार्गदर्शन के उद्देश्य से शुक्रवार को जीआईसी ऑडिटोरियम में अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। पदक पाकर सुनहरे हुए चेहरे मेधावियों के संघर्ष को बयां कर रहे थे। अफसरों ने अपने अनुभव से सफलता का मंत्र दिया। पहले सत्र में एसपी सिटी मानुष पारीक, संयुक्त निदेशक माध्यमिक राकेश कुमार, डीआईओएस डॉ. अजीत कुमार एडी हेल्थ डॉ. तेजपाल, दूसरे सत्र में डीआईजी दूसरे अजय साहनी, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा और तीसरे सत्र में सीडीओ देवयानी, डीडीओ दिनेश कुमार, पीडी डीआरडीए चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, विद्युत निगम के मुख्य अभियंता, मंडलीय क्रीड़ा सचिव नईम अहमद ने क्रमवार यूपी बोर्ड के 10वीं, 12वीं के मेधावियों को पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। शाम पांच बजे तक सभागार तालियों से गूंजता रहा।
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अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह
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फोन से ऑटिज्म का खतरा पोस्ट पर लाइक, कमेंट से बचें विद्यार्थी
एसपी सिटी मानुष पारीक ने विद्यार्थियों को जरूरत पर ही फोन के इस्तेमाल का सुझाव दिया। कहा कि एक व्यक्ति ने 15 साल के बेटे को मोबाइल फोन की लत से छुटकारा दिलाने का अनुरोध किया। उसका स्क्रीन टाइम 11 घंटे मिला। पांच साल तक के बच्चों को फोन नहीं देना चाहिए। इससे ऑटिज्म की आशंका बढ़ती है। एकाग्रता प्रभावित होती है। स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। बच्चों को सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। मेधावी लाइक और कमेंट के फेर में न पड़ें।
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अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह
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समर्पण, अनुशासन, मार्गदर्शन से संवरेगा भविष्य
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने कहा कि प्रतिस्पर्धी दौर में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और सही मार्गदर्शन भी सफलता के लिए जरूरी है। छात्रों के लिए समय प्रबंधन और आत्मविश्वास के साथ ही तकनीक का बेहतर उपयोग भी जरूरी है। उन्होंने डॉक्टर बनने के लिए 10वीं पास होने के बाद 12वीं में जीव विज्ञान वर्ग से नीट की तैयारी का सुझाव दिया। कहा, ग्रेजुएशन के बाद विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षा पास कर अफसर बन सकते हैं, लेकिन डॉक्टर बनने के लिए न्यूनतम पांच वर्ष अधक परिश्रम करना होता है।
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सम्मान समारोह में पदक पाकर खिले चेहरे
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अपना लक्ष्य स्वयं निर्धारित करें विद्यार्थी और निरंतरता बनाए रखें
संयुक्त निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) राकेश कुमार ने कहा कि सबसे पहले विद्यार्थियों को लक्ष्य तय करना चाहिए। बिना लक्ष्य के मेहनत अक्सर भटकाव में बदल जाती है। जिस क्षेत्र में रुचि हो, उसी के अनुसार तैयारी शुरू करें। रोजाना पढ़ाई और कौशल विकास के लिए निश्चित समय दें। सोशल मीडिया और अनावश्यक गतिविधियों से बचें। छोटे लक्ष्य बनाएं और पूरा करें। निरंतर अभ्यास और अनुशासन से ही सफलता मिलती है।
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मेधावियों को किया गया सम्मानित
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समय प्रबंधन जरूरी, इसके बिना भटकाव की रहती है गुंजाइश
सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए समय प्रबंधन चाहिए। विद्यार्थियों को पढ़ाई, आराम समेत अन्य गतिविधियों में संतुलन बनाना चाहिए। टाइम टेबल के अनुसार तैयारी करें। कठिन विषयों को ज्यादा समय दें और रिवीजन करते रहें। इंटरनेट का उपयोग जरूरत के अनुसार करें। पर्याप्त नींद और स्वस्थ दिनचर्या भी क्षमता बढ़ाती है। ऐसी स्थिति में कम संसाधनों में बेहतर परिणाम मिलेगा।
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सम्मान समारोह कार्यक्रम में सेल्फी लेती छात्रा
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सिर्फ डिग्री मिलना काफी नहीं, कौशल विकास चाहिए
डीआईओएस डॉ. अजित कुमार ने कहा कि वर्तमान में सिर्फ डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं, विद्यार्थियों को संचार कौशल, कंप्यूटर ज्ञान, भाषा दक्षता और नेतृत्व क्षमता में कुशल होना चाहिए। कंपनियां भी ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देती हैं जो टीम में काम करे और समस्या का समाधान निकाल सके। इंटर्नशिप, वर्कशॉप, ऑनलाइन कोर्स से नई तकनीकों और विषयों को सीखते रहना चाहिए। अपडेट रहना भी सफलता का मंत्र है।
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अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह
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छोटे-छोटे प्रयासों से प्राप्त करें बड़ी सफलता : डीआईजी
दूसरे सत्र में डीआईजी अजय साहनी, एएसपी शिवम आशुतोष और सीओ आशुतोष शिवम पहुंचे। डीआईजी ने कहा कि सभी विद्यार्थी बहुत लंबा गोल लेकर न चलें। छोटे-छोटे प्रयास करें। इस दौरान जो भी बाधाएं आएं उन्हें सकारात्मक रूप से पार करते जाएं। मार्ग में बहुत बार ऐसा भी होगा कि आसपास के वातावरण से मन में नकारात्मकता आएगी, लेकिन हमें लक्ष्य को साधते हुए प्रतिदिन अपने प्रयास जारी रखने हैं। वर्तमान में केवल बोर्ड परीक्षाओं में ही नहीं, यूपीएससी, इंजीनियरिंग, एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। एएसपी शिवम आशुतोष ने भी मेधावियों को सम्मानित होने पर बधाई दी। सीओ आशुतोष ने भी पुरस्कृत होने वाले विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया।
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अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह
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12वीं के बाद खुलते हैं भविष्य के रास्ते : सीडीओ
तृतीय सत्र में सीडीओ देवयानी ने कहा कि जिले का यूपी बोर्ड परिणाम शानदार आने से मुझे प्रसन्नता हुई है, लेकिन यह मंजिल नहीं, बल्कि एक नए सफर की शुरुआत है। 10वीं पास कर चुके विद्यार्थियों को अब 11वीं और 12वीं के लिए और अधिक कमर कसने की जरूरत है, क्योंकि इन दो वर्षों की मेहनत ही आपके भविष्य की राह को आसान बनाएगी। मेरे 10वीं में 95.6 और 12वीं में 89 प्रतिशत अंक आए थे। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए मैं रोजाना आठ से नौ घंटे पूरी एकाग्रता से पढ़ाई करती थी।
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अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह
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सीडीओ ने कहा कि आज सोशल मीडिया और मनोरंजन के कई ऐसे साधन हैं जो आपका ध्यान भटका सकते हैं। पढ़ाई के दौरान इन तंत्रों से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। अभी आप जितनी कड़ी मेहनत करेंगे, आगे का जीवन उतना ही सरल और सुगम होगा। अभिभावक भी बच्चों पर अच्छे अंक लाने का मानसिक बोझ न डालें। इसके बजाय, एक दोस्त की तरह उनकी मदद करें। अच्छे अंक आना अच्छी बात है, लेकिन केवल नंबर ही सब कुछ नहीं होते। हमें बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान देना चाहिए।
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अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह कार्यक्रम में लगे स्टॉल पर छात्र-छात्राएं।
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इनका रहा सहयोग
इस आयोजन के मुख्य प्रायोजक फ्यूचर यूनिवर्सिटी, जबकि सह प्रायोजक के रूप में राजश्री ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस अपनी सहभागिता दर्ज करा रहे हैं। अन्य प्रमुख सहयोगियों में एएनए ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, आरबीएमआई ग्रुप, बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, श्री सिद्धि विनायक ग्रुप, महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय, उत्कर्ष ग्रुप, माइल्स अहेड इमिग्रेशन, गंगाशील ग्रुप और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) बरेली शामिल हैं।
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अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह
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कार्यक्रम का संचालन अनिल नायर ने किया। इस दौरान राजश्री ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के भौतिकी विभाग के प्रो. स्वतंत्र गुप्ता, प्रबंधन विभाग के प्रो. गौरव कपूर, फ्यूचर यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर प्रो. अनुभव सिंह, ज्वॉइंट डायरेक्टर हेमंत यादव आदि मौजूद रहे।
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शीतल, अनुष्का और सत्यांंश
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भविष्य के विकल्पों की मिली जानकारी
सम्मान पाकर अच्छा रहा है। यहां कॅरिअर के विकल्पों के बारे में जानकारी हुई। मुझे भविष्य में शिक्षक बनना है, उससे जुड़े अलग-अलग कोर्स के बारे में पता चला।- शीतल शर्मा, राजकीय हाईस्कूल हरहरपुर मटकली
मुझे भविष्य में नीट उत्तीर्ण कर डॉक्टर बनना है। यहां आकर काफी कुछ पता चला है। ग्रामीण क्षेत्र में कॅरिअर की उतनी चात नहीं होती। जो भी पता चलता है, मात्र शिक्षकों से ही पता चलता है। - अनुष्का, जीजीआईसी, नवाबगंज
मैं पहली बार इस कार्यक्रम का हिस्सा बना हूं। मैंने अपनी गृह स्वयं सोच रखी है, लेकिन यहां और मेधावियों से मिलकर अच्छा लग रहा है। पता चल रहा है कि दुनिया में कितनी प्रतिस्पर्धा है।- सत्यांश, स्पाइस सीनिकर सेकेंड्री स्कूल
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प्रियंका वर्मा, रेखा और निगम शर्मा
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मैंने 12वीं की परीक्षा अच्छे अंकों से पास की। अब भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में जाना है। यहां कई अलग-अलग कोर्स के बारे में जाना है। कई अधिकारियों व शिक्षकों ने काफी प्रोत्साहित किया। - प्रियंका वर्मा, शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, शिवनगर
मैंने इस बार दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। मेरा हमेशा से सपना रहा है कि फौज में जाऊं। एनडीए की तैयारी कर रही हूँ। मेरी तैयारी में ये प्रोत्साहन सकारात्मक भूमिका अदा करेगा।- रेखा, श्री राम स्वरूप मोहिनी स्वरूप मेमोरियल इंटर कॉलेज
मैं भविष्य में शास्त्र पढ़ना चाहता हूं, हालांकि कार्यक्रम में आकर अनेकों कॅरिअर विकल्पों की जानकारी मिली। यहां आकर अपने जैसे और टॉपरों से मिलकर अच्छा लग रहा है।- निगम शर्मा, श्री बृजमोहन लाल आयुर्वेदिक संस्कृत महाविद्यालय
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खुशबू, आरती और अभय गुप्ता
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यहां भविष्य के विकल्पों की जानकारी मिली। ये स्कूल या घर पर नहीं हो सकता। अगर हमें भविष्य में कुछ बनना है तो अपना चुनाव करना चाहिए।- खुशबू, केपीआरसी कला केंद्र
यहां एक वक्ता ने कहा कि बेटियों को सफलता के लिए लड़कों से दोगुनी मेहनत करनी होती है। परिवार व समाज उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा है।- आरती, हवलदार अब्दुल हमीद इंटर कॉलेज
अमर उजाला की ओर से सम्मानित होकर खुशी का अहसास हुआ है। जो विद्यार्थी असफल हुए हैं, वह खुद को किसी से कम न समझे। और मेहनत करें।- अभय गुप्ता, महात्मा गांधी हापर सेकेंडरी स्कूल
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अभय दुबे, गुलाल साहू और सीमा कुमारी
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इस तरह के आयोजन से मनोबल बढ़ता है। इस तरह सम्मानित होने के बाद भविष्य में और अच्छा करने के लिए प्रेरणा मिली है। - अभय दुबे, श्री बृजमोहन आयुर्वेदिक संस्कृत माध्यमिक विद्यालय
अमर उजाला प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करता रहता है। आज इस मंच पर सम्मानित होने के बाद सभी विद्यार्थियों में उत्साह है। आगे और बेहतर करने की प्रेरणा मिली है।- गुलाल, साहू गोपीनाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज
अपने सपनों को साकार करने के लिए लगातार मेहनत करती रहूंगी। अगले भविष्य ज्योति कार्यक्रम में फिर सम्मानित होना है।- सीमा कुमारी, राजकीय हाईस्कूल ज्योति जागीर