Ballia News: बलिया जिले में दर्दनाक घटना हुई। एक मकान में आग लगने से पत्नी और मासूम बेटे की मौत हो गई। जबकि पति ने रोशनदान से कूदकर जान बचाई। वहीं घटना के बाद से पिता का कुछ पता नहीं चल सका है।
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मृत रितिका चौरसिया और धीरज कुमार की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बलिया जिले के गड़वार थाना के चिलकहर चट्टी के मटिही मार्ग पर स्थित मकान में लगी आग में दुकानदार की पत्नी रितिका चौरसिया (24), चार वर्ष का पुत्र धीरज कुमार की जलने से मौत हो गई। दुकानदार नीरज चौरसिया ने रोशनदान से कूद कर जान बचाई। घटना के बाद से दुकानदार का पिता झूलन चौरसिया (65) लापता है। सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवानों ने 11 घंटे बाद आग पर काबू पाया। रात में नीरज के साथ पिता झूलन चौरसिया भी मकान में सो रहे थे। सुबह घटना के बाद से उनका कोई पता नहीं चला। पुलिस आग बुझने के बाद जलने की आंशका में राख में हड्डियां खोजती रही, लेकिन कुछ नहीं मिला। परिवार के साथ नीरज प्रथम तल पर रहते थे। गैलरी से आना-जाना था। मकान में पिछले हिस्से में आवास होने के कारण दरवाजा था। उक्त दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ था। घटना के बाद पहुंचे लोगों ने आशंका जताई की पिता बाहर से ताला बंद कर सुबह टहलने निकले होंगे, लेकिन दोपहर तक न लौटने से शंका होने लगी कि बाहर से ताला लगा वह कहां गए।
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आरोप: दुकान में आग लगा बाहर से बंद किया ताला, प्राथमिकी दर्ज
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मकान में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
रितिका चौरसिया के पिता पुरुषोत्तम चौरसिया निवासी परसिया (रसड़ा) घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि नीरज के भाई दिलीप, पिता झूलन व मां कांती देवी साजिश कर दामाद व बेटी को परेशान करते थे। दीपक व नीरज ने अपनी कमाई से संयुक्त रूम से मां के नाम पर मटही मार्ग पर जमीन खरीद कर मकान बनवाकर दुकान चलाते थे। बड़ा भाई कहीं बाहर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। बाद में आकर उक्त जमीन में हिस्सेदारी मांगने लगा। इसपर उसे भी हिस्सेदारी दे दी। इधर बीच नीरज की मां उसपर मकान खाली करने का दबाव बना रही थी। नीरज कुछ दूरी पर जमीन खरीद कर दुकान बनाकर उसमें जाने वाले था। बेटे के मुंडन पर गृह प्रवेश कराया था। आरोप है कि अच्छा व्यवसाय देखकर मां, भाइयों व पिता को चढ़ाकर साजिश रच कर दुकान में आग लगाकर बाहर से ताला बंद कर दिया। थानाध्यक्ष हितेश कुमार ने कहा कि विवाहिता के पिता की तहरीर पर सास, जेठ, ससुर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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मौके पर जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
छह वाटर टेंडर पर 24 जवानों ने 11 घंटे बाद आग पर पाया काबू
मकान में लगी आग बुझाने में फायर ब्रिगेड के जवानों को 11 घंटे का समय लग गया। आग बुझाने में रसड़ा फायर स्टेशन की दो, निछुआडीह एक, बांसडीह से एक व बलिया स्टेशन से दो वाटर टैंकर सहित छह दमकल के वाहन आग बुझाने में लगे थे। दस राउंड पानी भरकर लाया गया। 24 दमकलकर्मी मुस्तैद रहे। सीएफओ भारतेन्दु जोशी ने बताया कि तीन बजे के करीब सूचना मिली तो पहली गाड़ी रसड़ा से पहुंची। गोदाम में भारी मात्रा में रिफाइंड तेल और अन्य ज्वलनशील किराना सामान होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। आग बुझाने के बाद भी धधक जा रही थी। शाम तक गोदाम से धुआं उठता रहा। गेट तोड़ने के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका तो दमकलकर्मियों ने गोदाम के पीछे की दीवार तोड़कर आग पर काबू पाया। जेसीबी से पीछे की दीवार तोड़ने पर पुलिस ने रोक दिया।
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मृतका रितिका चौरसिया के पिता पुरुषोत्तम चौरसिया
- फोटो : अमर उजाला
16 बोरी सिक्का, जले हुए नोट, भारी मात्रा में मिले आभूषण
नीरज जिस कमरे में पत्नी व बच्चों के साथ रहता था उसका सभी समान आग में जल गया था। पुलिस को उसके कमरे की लमारी से 16 बोरी में एक-दो व पांच के सिक्के मिले। वहीं, भारी मात्रा में आभूषण मिले।
मकान में लगी आग की घटना के बाद तोड़ी जा रही दीवार
- फोटो : अमर उजाला
क्या बोले अधिकारी
सुबह तीन बजे डायल 112 के माध्यम से थाना गड़वार को आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पुलिस व फायर ब्रिगेड के जवान गाड़ी के साथ पहुंचे और आग बुझाने में लग गए। दुकान में काफी भारी संख्या में सामान व रिफाइंड तेल था। पुलिस ने अंदर से दुकानदार की पत्नी व बच्चों को बाहर निकाल कर अस्पताल भेजवाया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। पिता अभी लापता है, उनकी खोजबीन की जा रही है। -ओमवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक बलिया