यूपी के बहराइच में प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान रविवार और सोमवार को हुई हिंसा के बाद अब धीरे-धीरे जिले के हालात सामान्य होने लगे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस फोर्स अब भी तैनात है और एडीजी गोरखपुर जोन केएस प्रताप व कमिश्नर शशि भूषण लाल समेत आला अधिकारी कैंप कर रहे हैं।
घटना के बाद अब तक 12 मुकदमा दर्ज किए गए हैं और 55 से अधिक लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बुधवार को चौथे दिन हिंसा प्रभावित रमपुरवा, भगवानपुर, हरदी, शिवपुर, खैरा बाजार में दुकानें खुली रहीं और स्थिति सामान्य रही। लोग बेखौफ बाजारों में निकले और रोजमर्रा के जरूरी सामान खरीदते दिखे।
विज्ञापन
2 of 8
Bahraich Violence
- फोटो : अमर उजाला
रविवार से लेकर सोमवार तक पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भारी लापरवाही सामने आई थी। एसपी वृंदा शुक्ला ने हरदी थाना प्रभारी सुरेश वर्मा और महसी चौकी प्रभारी को तत्काल निलंबित कर दिया था। इस दौरान विसर्जन में शामिल लोगों ने सीओ रुपेंद्र गौड़ पर भी लापरवाही समेत गंभीर आरोप लगाए थे। इसका संज्ञान लेकर शासन की ओर से सीओ को निलंबित कर दिया गया है। रामपुर से आए रवि खोखर को महसी की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
3 of 8
Bahraich Violence
- फोटो : अमर उजाला
महराजगंज में अब भी तनाव, एएसपी व पीडी की तैनाती
विवाद का केंद्र रहे महराजगंज कस्बे में स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है। कस्बे की दुकानें बुधवार को भी बंद रहीं। पूरी बाजार में सिर्फ एक मेडिकल स्टोर खुला रहा और चंद लोग ही नजर आए। हर तरफ सिर्फ पुलिस, पुलिस के वाहन और पीएसी के जवान ही नजर आए। वहीं मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद के घर के बाहर परियोजना निदेशक अरुण सिंह और बलरामपुर के एएसपी समेत सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। कस्बे में अब भी 12 कंपनी पीएसी, दो सीआरपीएफ, आरएएफ व चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है। सीएम कार्यालय की भी नजर है।
4 of 8
Bahraich Violence
- फोटो : अमर उजाला
हरदी थाने में 10 मुकदमे दर्ज
हिंसा के मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। बुधवार तक जिले में दोनों समुदायों पर कुल 12 मुकदमें दर्ज हुए। वहीं, 50 से अधिक लोगों को पुलिस ने अब तक जेल भेजा। हरदी थाने में 10 मुकदमे दर्ज हुए हैं। हरदी थाना प्रभारी कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि पहला मुकदमा अब्दुल हमीद समेत छह नामजद व 10 अज्ञात पर लिखा गया था। इसके बाद हुए उपद्रव को लेकर अज्ञात भीड़ पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
विज्ञापन
5 of 8
Bahraich Violence
- फोटो : अमर उजाला
शांति के लिए तहसील मुख्यालय पर बैठक
एडीजी गोरखपुर जोन केएस प्रताप, कमिश्नर शशिभूषण लाल, डीआईजी अमरेंद्र प्रसाद, डीएम मोनिका रानी की मौजूदगी में बुधवार को महसी तहसील सभागार में उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें स्थिति जल्द सामान्य करने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद डीएम ने बताया कि 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं अन्य का चिह्नांकन जारी है। आगजनी के दौरान हुए क्षति के आकलन में राजस्व टीम लगी हुई है। पीड़ितों को लंच पैकेट, खाद्य सामग्री मुहैया कराई जा रही है।
विज्ञापन
6 of 8
Bahraich Violence
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ के बाद कस्बे में मिल रहा प्रवेश
महराजगंज कस्बे में चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात है। कस्बे में प्रवेश करने वाले हर वाहन की जांच व उसमें सवार लोगों से पूछताछ की जा रही है। बाहरी लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
शनिवार तक बहाल हो सकती है इंटरनेट सेवा
हत्याकांड के बाद हुई आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाओं पर काबू पाने के लिए पूरे जिले में इंटरनेट सेवा रविवार से ही बाधित है। विभागीय सूत्रों के अनुसार शनिवार से इंटरनेट सेवा बहाल हो सकती है।
विज्ञापन
7 of 8
Bahraich Violence
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य मुकदमे में शामिल मोहम्मद दानिश गिरफ्तार
महराजगंज हिंसा के मुख्य मुकदमे में शामिल मोहम्मद दानिश को हरदी थानाध्यक्ष कमलशंकर चतुर्वेदी ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। वह नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान रविवार को अब्दुल हमीद ने रेहुवा निवासी रामगोपाल मिश्रा को घर में घसीट कर बेटों व अन्य के साथ मिलकर बर्बरता पूर्वक हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने अब्दुल हमीद, उसके दो बेटों रिंकू उर्फ सरफराज, फहीम और मोहम्मद दानिश उर्फ राजा, ननकऊ, मारुफ अली पर नामजद व चार अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया था।
घटना में लापरवाही बरतने पर एसपी वृंदा शुक्ला ने तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश वर्मा को निलंबित करते हुए कमलशंकर चतुर्वेदी को थाने की जिम्मेदारी देते हुए डैमेज कंट्रोल की बात कही थी। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के दबाव के बीच कमलशंकर चतुर्वेदी लगातार दबिश दे रहे थे। बुधवार को राजी चौराहे के पास से उन्होंने मोहम्मद दानिश को गिरफ्तार कर लिया।