फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bahraich Violence: बहराइच हिंसा में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा, न होता बवाल अगर एसओ की बात सुन लेते अफसर

Tue, 22 Oct 2024 08:20 AM IST
शाहरुख खान अमित पांडेय, अमर उजाला, बहराइच
विज्ञापन
1 of 7
Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला
बहराइच जिले के महसी तहसील क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा पुलिस अफसरों की लापरवाही का ही नतीजा है। महराजगंज कस्बा जहां पर हिंसा हुई वहां पर हरदी थाना लगता है। यहां के एसओ ने प्रतिमा विसर्जन के दो दिन पहले पुलिस के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर पीएसी व केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती करने की मांग की थी। लेकिन पुलिस अफसरों ने एसओ की बात पर ध्यान नहीं दिया, उसी का नतीजा रहा कि पूरे जिले में हिंसा फैल गई। एक युवक की हत्या कर दी गई। हालांकि अब लापरवाही सामने आने पर शासन ने जहां पहले सीओ महसी को निलंबित किया था, वहीं सोमवार को एएसपी ग्रामीण पवित्र मोहन त्रिपाठी को भी हटाते हुए डीजीपी कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। नए एएसपी दुर्गाशंकर तिवारी बनाए गए है।
विज्ञापन

2 of 7
रामगोपाल की पत्नी रोली - फोटो : अमर उजाला
हरदी थाना क्षेत्र के महराजगंज कस्बे में बीते 13 अक्तूबर को प्रतिमा विसर्जन जुलूस में भारी संख्या में लोगों के शामिल होने व इस दौरान माहौल खराब होने की आशंका पहले ही जताई गई थी। तत्कालीन हरदी एसओ रहे सुरेश कुमार वर्मा ने अपने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर क्षेत्र में विसर्जन को सही तरीके से निपटाने के लिए डेढ़ सेक्शन पीएसी व पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात करने की मांग की थी। लेकिन पुलिस अफसरों ने एसओ के पत्र पर गौर नहीं किया और महराजगंज विसर्जन जुलूस में पुलिस सुरक्षा की सही से तैनाती नहीं की। 
विज्ञापन

3 of 7
Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला
इसी का नतीजा रहा कि यहां हिंसा हुई और रामगोपाल मिश्रा नाम के युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस घटना के बाद से अभी तक पूरे जिले में माहौल पूरी तरह से शांतिपूर्ण करने के लिए पुलिस व प्रशासन की कसरत जारी है। यदि एसओ के पत्र पर ध्यान दिया जाता और भारी पुलिस बल वहां तैनात होता तो यह हिंसा न होती। एसओ की ओर से अफसरों को पुलिस की मांग के लिए भेजा गया पत्र भी अमर उजाला के पास है। 

4 of 7
Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला
पुलिसिंग में फेल रहे एएसपी
23 फरवरी 2023 को जिले में बतौर एएसपी ग्रामीण का कार्यभार संभालने वाले पीपीएस अधिकारी पवित्र मोहन त्रिपाठी पुलिसिंग में यहां बहुत सफल नहीं रहे। उनके क्षेत्र में कई बड़ी वारदातें हुई। हत्या, चोरी, लूट जैसे मामले हुए। नानपारा कस्बे में भी दो समुदाय के बीच हिंसा भड़की और फिर महसी हिंसा में लापरवाही पर उनको अपनी कुर्सी ही गंवानी पड़ी है। एएसपी का मीडिया से लेकन आम जनता में भी व्यवहार ठीक नहीं रहा। इसी का नतीजा रहा कि ग्रामीण इलाके में अपराध व अपराधी बेलगाम रहे।
विज्ञापन

5 of 7
Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला
एएसपी, सीओ, तहसीलदार के बाद अब किसका नंबर
इस मामले में सीओ महसी निलंबित हो चुके है। वहीं चौकी प्रभारी व एसओ भी निलंबित किए जा चुके है। तहसीलदार को भी हटाया जा चुका है। एएसपी भी हटाए गए है। लेकिन अभी भी हिंसा रोकने में नाकामी के साए में कई अफसर शामिल है। ऐसे में शासन स्तर पर इन अफसरों पर भी आने वाले समय में कड़ी कार्रवाई होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन

6 of 7
Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज कस्बे में संगीनों के साए में सामान्य होने लगी जिंदगी
महसी तहसील के महराजगंज कस्बे में संगीनों के साए में सोमवार को जनजीवन पटरी पर लौटता दिखा। दुकानें भी खुलीं। लोग घरों से बाहर निकलकर रोजमर्रा के काम करते दिखे। वहीं लोक निर्माण विभाग के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक से प्रभावित लोग राहत महसूस कर रहे हैं। रामगोपाल मिश्रा की हत्या और फिर भड़की हिंसा के बाद 23 घरों पर अतिक्रमण का नोटिस चस्पा किया गया था। सोमवार को नोटिस वाले अधिकांश घर बंद रहे। कुछ घरों में लोग मौजूद रहे, जो बात करने से कतराते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज कस्बा निवासी राजकिशोर गुप्ता ने बताया कि लोगों में अब भी दहशत है। वहीं, मोहम्मद शमीम, पूर्व प्रधान चंदपईया शकील अहमद ने बताया कि माहौल शांत है। डर के चलते कई लोग घर छोड़ कर चले गए थे। सभी धीरे-धीरे वापस लौट रहे हैं। कोर्ट के आदेश के बाद से लोग खुश हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें