Bahraich boat accident : बहराइच की कौड़ियाला नदी में 23 यात्रियों से भरी नाव पलट गई। कई लोगों ने तो तैरकर अपनी जान बचा ली। वहीं, आठ लोग लापता हो गए। हादसे के बाद पूरी रात रेस्क्यू अभियान चलता रहा।
कतर्नियाघाट के ट्रांस गेरुआ क्षेत्र में बुधवार देर शाम कौड़ियाला नदी में यात्रियों से भरी नाव डूबने की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। हादसे के बाद पूरी रात रेस्क्यू अभियान चलता रहा। बृहस्पतिवार की सुबह जब उजाला हुआ तो नदी के किनारे मातम का माहौल दिखा। परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हादसे में एक महिला की मौत हो चुकी है, जबकि आठ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। एनडीआएफ की टीम लगातार सर्च अभियान चला रही है।
वहीं, कौड़ियाला नदी में मगरमच्छ बहुतायात में पाए जाते हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि हादसे के बाद डूबे कुछ ग्रामीण मगरमच्छ का भी निवाला बन सकते हैं। वन विभाग के सर्वे के मुताबिक गेरुआ और कौड़ियाला नदी में लगभग 600 से अधिक घड़ियाल हैं। मगरमच्छों की संख्या इनकी दोगुनी(1200) तक हो सकती है।
रात दो बजे एनडीआरएफ की टीम गांव पहुंची। प्रशासन और ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने रातभर तलाश अभियान जारी रखा। वहीं भोर में चार बजे से एनडीआरएफ और पीएसी की टीम भी राहत और बचाव कार्य जुटी। डीएम अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि अब तक 13 लोग सुरक्षित निकले हैं। जबकि 65 वर्षीय रामजेई (65) पत्नी मटरू का शव नदी से बरामद हुआ है। आठ लोगों की तलाश अब भी जारी है।
विज्ञापन
2 of 6
नदी के तट पर बैठे परिजन
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
जंगली हाथी ने किया बचाव टीम पर हमला, लेखपाल जख्मी
एसडीएम मिहींपुरवा रामदयाल ने बताया कि वे पूरी रात सर्च अभियान में जुटी टीम और प्रशासनिक अमले के साथ गांव में ही ठहरे हुए थे। इसी दौरान देर रात रेस्क्यू टीम पर एक बड़ा खतरा आ गया।
सर्च अभियान में जुटे आईजी, लेखपाल संजय सिंह और सहायक लेखपाल आदर्श कुमार को गांव के किनारे जंगल के पास अचानक एक जंगली हाथी ने दौड़ा लिया। टीम के सदस्य भागकर किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे, हालांकि लेखपाल आदर्श कुमार गिर पड़े और उन्हें हल्की चोटें आईं। बाद में सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
विज्ञापन
3 of 6
रातभर में नदी के किनारे अपनों की तलाश बैठे रहे लोग
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
तीन तरफ से नदियों से घिरा है भरथापुर गांव
भरथापुर गांव तीन तरफ से नदियों से घिरा है। पूरब की तरफ गेरुवा नदी बहती है वहीं दक्षिण की तरफ नेपाल से निकले भग्गड़वा नाला का बहाव है। दक्षिण की तरफ नेपाल से निकलकर कौड़ियाला नदी बहती है। बीच में ट्रांसगेरूआ का क्षेत्र है जो कतर्निया घाट का कोर जोन है। इसी जंगल में भरथापुर गांव स्थित है।
4 of 6
नाव हादसे के बाद गांव वालों की लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
यह है कौड़ियाला नदी का उद्गम और परिक्षेत्र
जिस कौड़ियाला नदी में हादसा हुआ है वह नदी नेपाल के बर्दिया जिले के पहाड़ों से निकलती है। नेपाल के पहाड़ों पर इस समय 2 दिन से तेज वर्षा हो रही है इससे नदी में पानी का बहाव तेज है। कौड़ियाला नदी कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के सुजौली रेंज में चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर उत्तर से आने वाली गेरुआ नदी के साथ मिलकर घाघरा नदी का निर्माण करती है।
फिर यहां से घाघरा नदी बहराइच, बाराबंकी, सीरापुर की सीमा से होते हुए गोंडा से आगे निकलकर बस्ती जिले की रीमा पर अयोध्या से निकलने वाली सरयू नदी में मिलती है। नेपाल से निकलकर कौड़ियाला नदी बहराइच में घाघरा में तब्दील होकर बस्ती तक लगभग 270 किलोमीटर का सफर तय करती है।
विज्ञापन
5 of 6
एनडीआरएफ की टीम सर्च अभियान चलाती हुई
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
चार जिलों को किया गया अलर्ट
भरथापुर गांव के निकट नाव हादसा बुधवार शाम 6:00 बजे के आसपास हुआ था। जबकि चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर गेट रात में 11:00 बजे के आसपास बंद किए गए। ऐसे में 5 घंटे में डूबे लोगों के बैराज के उस पार बहकर जाने की भी संभावना जताई जा रही है। इसके चलते बहराइच जिला प्रशासन ने गोंडा बाराबंकी, सीतापुर और बस्ती जिलों को भी अलर्ट किया है।
बारिश की वजह से सर्च अभियान रोक दिया गया था
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
बारिश के कारण रेस्क्यू अभियान रुका
एसडीएम मिहींपुरवा रामदयाल ने बताया कि नाव पर सवार पांच बच्चों समेत आठ लोग नदी में लापता हैं। उनकी तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड पीएसी व एसएसबी तथा पुलिस की 18 टीमें नदी में रेस्क्यू कार्य में लगी हैं। बारिश होने के चलते रात में रेस्क्यू कार्य बंद रहेगा।
सुबह सात बजे फिर रेस्क्यू शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज के गेट को बंद कर लगभग 8 किलोमीटर के दायरे में नदी में लापता लोगों की बृहस्पतिवार को तलाश की गई। सुबह से इसी परिक्षेत्र को फिर खंगाला जाएगा।