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किसान महापंचायत: बड़ौत तहसील में उमड़ा किसानों का सैलाब, बोले-हर हाल में वापस लेने होंगे कानून

Sun, 31 Jan 2021 03:07 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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किसानों का सैलाब - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के बड़ौत के धरने पर रात के समय किसानों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में आज बड़ौत तहसील में महापंचायत की जा रही है। मुजफ्फरनगर महापंचायत की तरह ही बड़ौत महापंचायत में भी किसानों का सैलाब उमड़ पड़ा।

सुबह से ही पंचायत स्थल पर किसानों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। महापंचायत के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। महापंचायत में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी भी शामिल होने वाले थे लेकिन किसी कारणवश वह महापंचायत में शामिल नहीं हुए।

 
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पोस्टरों पर लिखा 'नो फारमर, नो फूड' - फोटो : amar ujala
पंचायत स्थल पर भारी संख्या में किसानों का जमावड़ा दिखाई दे रहा है। युवा किसान हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे हैं।महापंचायत में पहुंचे किसानों में बीजेपी के खिलाफ आक्रोश दिखा। 
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किसान महापंचायत - फोटो : amar ujala
कृषि कानूनों का विरोध, बड़ौत में  किसानों पर लाठीचार्ज और गाजीपुर के घटनाक्रम के बाद बड़ौत तहसील की पंचायत में किसान जमा हैं। किसानों का कहना है कि सरकार को कृषि कानून हर हाल में वापस लेने होंगे।

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महापंचायत में ट्रैक्टर ट्राॅलियां लेकर जाते किसान - फोटो : amar ujala
किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमे भी वापस होंगे। किसानों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। पंचायत में देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह पहुंच गए हैं।

 
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किसान महापंचायत - फोटो : amar ujala
देशखाप के थांबेदार बृजपाल चौधरी ने एलान किया कि लड़ाई किसानों के सम्मान की है। पुलिस-प्रशासन दमनकारी नीति अपना रहा है।किसानों को लाठियां से डराकर घरों में रहने की बात कही जा रही है, लेकिन कृषि कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा।  
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महापंचायत में पहुंचे किसान - फोटो : amar ujala
थांबेदार बृजपाल सिंह ने कहा कि पुलिस ने हाईवे पर धरना दे रहे किसानों को लाठीचार्ज कर खदेड़ा। लड़ाई किसानों के हकों की है।  किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमे भी वापस होंगे। किसानों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। 
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