हाईकोर्ट ने किया आदेश निरस्त
हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी मामले में प्रभावित पक्ष को सुने बिना आदेश पारित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने पुराने आदेश को निरस्त करते हुए निर्देश दिए कि पूरे प्रकरण में दोबारा सुनवाई की जाए और उसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाए।
राजनीतिक हलकों में हलचल
कोर्ट के इस फैसले के बाद बागपत की स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजुद्दीन समर्थकों में खुशी का माहौल है, जबकि विरोधी खेमे में बेचैनी देखी जा रही है। अब सबकी नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई और दोबारा सुनवाई पर टिकी हैं।