जिले में रविवार रात आंधी-बारिश से 31 ट्रांसफार्मरों में फाल्ट हो गया। 55 फीडर पर ब्रेकडाउन रहा। गौरीपुर जवाहरनगर और सूप गांव में मकान गिरने से मलबे के नीचे दबकर पांच लोग घायल हो गए।
आंधी और बारिश के बीच बिजली गिरने से रविवार रात कोताना गांव के यमुना खादर में फसल की रखवाली कर रहे किसान विजयपाल (55) निवासी लुहारी की मौत हो गई। इसके अलावा गौरीपुर जवाहरनगर और सूप गांव में भरभराकर मकान गिरने बच्चों समेत पांच घायल हो गए। घायलों का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। वहीं आंधी से बिजली के 65 खंभे, पेड़, होर्डिंग्स टूटने से 150 से ज्यादा गांवों की बत्ती गुल रही।
विज्ञापन
2 of 6
मकान गिरने से घायल तनसीर और उसका बेटा।
- फोटो : अमर उजाला
लुहारी गांव के पूर्व प्रधान सुधीर ने बताया कि उनके गांव के किसान विजयपाल ने कोताना गांव के यमुना खादर में खरबूज, तरबूज और सब्जी उगा रखी थीं। विजयपाल झोपड़ी में रहकर रात में फसल की रखवाली भी करते थे। रविवार रात विजयपाल झोपड़ी में रहकर रखवाली कर रहे थे, तभी बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई। सोमवार सुबह परिजन खाना लेकर यमुना खादर में पहुंचे तो झोपड़ी बिखरी हुई थी और विजयपाल मृत पड़े मिले। उन्होंने बताया कि रविवार रात तेज आंधी व बारिश के बीच बिजली गिरने से किसान विजयपाल की मौत हुई। विजयपाल अविवाहित थे। वहां आए पुलिसकर्मियों ने घटना की जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन
3 of 6
आंधी से टूटी सोलर प्लेट।
- फोटो : अमर उजाला
तनसीर का मकान गिरा, चार लोग घायल
गौरीपुर जवाहरनगर में रविवार रात तेज आंधी में तनसीर का मकान भरभराकर गिर गया। इससे तनसीर, उसका बेटे तनवीर, अनस और मुनीर मलबे में दबने से घायल हो गए, जबकि कई सदस्य बाल-बाल बच गए। घायलों का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। मकान की छत गिरी, अक्षय घायल
सूप गांव में अक्षय के मकान की छत सोमवार सुबह भरभराकर गिर गई। उसके मलबे के नीचे दबने से अक्षय घायल हो गया। शोर सुनकर वहां आए पड़ोसियों ने अक्षय को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल में उपचार कराया। अक्षय ने अफसरों से मुआवजा दिलाने की मांग की।
4 of 6
टूटा पड़ा खंभा।
- फोटो : अमर उजाला
65 खंभे टूटे, 31 ट्रांसफार्मरों में फाल्ट और 55 फीडरों पर ब्रेकडाउन रहा
आंधी और बारिश में सबसे ज्यादा नुकसान बिजली की लाइनों में हुआ। आंधी से जिलेभर में बिजली लाइनों पर पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे 65 खंभे टूट गए। इसके अलावा 31 ट्रांसफार्मरों में फाल्ट होने से बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई और कई घंटे तक 55 फीडरों पर ब्रेकडाउन हो गया, जिससे जिला मुख्यालय से लेकर 150 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप रही। रातभर बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली कर्मी रातभर लाइनों की मरम्मत करने में जुटे रहे। उन्होंने लाइनों के ऊपर गिरे पेड़ हटवाकर आपूर्ति चालू कराई। इसके अलावा रास्तों से टूटे हुए खंभे भी हटवाए। कलक्ट्रेट मुख्यालय पर अधीक्षण अभियंता जगदीश चंद्र यादव ने बिजलीघर का निरीक्षण किया और आपूर्ति शुरू कराई।
विज्ञापन
5 of 6
लाइनों की मरम्मत करती टीम।
- फोटो : अमर उजाला
इन गांवों में ठप रही बिजली आपूर्ति
आंधी और बारिश के चलते बागपत शहर, सिसाना, पुलिस लाइन, सुन्हेड़ा, बसी, बंदपुर, हरचंदपुर, पाबला, सुभानपुर, सांकरोद, डूंडाहेड़ा, मवीकलां, फखरपुर, फिरोजपुर, मुबारिकपुर, गौरीपुर जवाहरनगर, निवाड़ा, नैथला, निनाना, किशनपुर बराल, बासौली, बरवाला, सूप, सोंटी, जिवाना, जिवानी, अशरफाबाद थल, कासिमपुर खेड़ी समेत 100 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही।
ये बोले अधिकारी
आंधी में पेड़ व उनकी टहनियां टूटकर गिरने से बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और लाइन क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति ठप हो गई थी। ऊर्जा निगम के अफसरों और कर्मियों ने रातभर लाइन व फाल्ट ठीक कराकर आपूर्ति शुरू कराई। - जगदीश चंद्र यादव, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम