गांव सूबरा में दंपती की मौत के बाद उनके तीन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। अब उनकी देखभाल कौन करेगा। यह अभी तय नहीं हुआ है। विजय के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। विजय पत्नी भूरी और तीन बच्चों के साथ छोटे से घर में रहता था।
यूपी के अमरोहा स्थित गांव सूबरा में घर पर ही फंदे से लटके मिले दंपती के शव ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार सुबह विजय और उनकी पत्नी भूरी का शव घर पर ही फंदे से लटके मिले जिससे पूरा गांव स्तब्ध है। शुरुआती तौर पर परिजन आत्महत्या मान रहे हैं लेकिन दंपती ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि, पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है।
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आदमपुर में विजय और भूरी की माैत के बाद मातम मनाते परिजन और जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद
जेब में मिला सुसाइड नोट
उधर, पोस्टमार्टम के दौरान मृतक विजय की जेब से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है। विजय ने सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरे घर में किसी तरह की कोई लड़ाई नहीं था, मेरा घर डॉक्टर के लड़के ने ही बिगाड़ा है। इस बारे में मैंने अपने चाचा व भाई को बताया था लेकिन किसी ने विश्वास नहीं किया।
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आदमपुर में विजय और भूरी की माैत के बाद मातम मनाते परिजन और जांच करती पुलिस
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गले नहीं उतर रही आत्महत्या की कहानी
गांव सूबरा में दंपती की मौत के बाद परिजनों द्वारा इसे आत्महत्या ही माना जा रहा है लेकिन आत्महत्या की बात ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही है। जिस कमरे में दोनों के शव लटके मिले। उस कमरे में करीब 12 फीट की ऊंचाई पर छत के कुंदे में फंदे से विजय का शव लटक रहा था जबकि कमरे में ऐसी कोई वस्तु, जैसे सीड़ी, स्टूल या मेज आदि नहीं था जिस पर खड़े होकर ऊपर फंदा बनाया जा सकता था।
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आदमपुर में विजय और भूरी की माैत के बाद मातम मनाते परिजन और जांच करती पुलिस
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सुसाइड नोट में लिखा - किसी ने नहीं किया मेरी बात का यकीन
पुलिस को मृतक विजय की जेब से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है कि मेरा घर डॉक्टर के रुपेश ने बिगड़ा है। घर में और कोई लड़ाई नहीं थी। गुरुवार के दिन मैंने चाचा से कहा था। भाई ने भी मेरा विश्वास नहीं किया। रूपेश के चक्कर में ही घर में लड़ाई होती थी। यह मुझे बदनाम करती थी लेकिन किसी ने मेरी बात का विश्वास नहीं किया। मेरे आत्मघाती कदम उठाने का जिम्मेदार रूपेश है और कोई नहीं। मेरी पत्नी मुझे मरवाना चाहती थी पर कोई मानने को तैयार नहीं था। और किसी का कोई कसूर नहीं सिर्फ डॉक्टर के रूपेश के ऊपर ही लड़ाई थी, पत्नी को तीन बार ससुराल भेज दिया, पर वह नहीं मानी। और कोई लड़ाई नहीं थी लेकिन मेरी बात का यकीन कोई नहीं कर रहा था। मैंने कहा था तू मान जा रिश्ता गलत है। जिस दिन आंखों से देख लूंगा तो कुछ न कहने का, पर तुझे साथ लेकर मर जाऊंगा।
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आदमपुर में विजय और भूरी की माैत
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तीन बच्चों के सिर से उठाया माता-पिता का साया
गांव सूबरा में दंपती की मौत के बाद उनके तीन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। अब उनकी देखभाल कौन करेगा। यह अभी तय नहीं हुआ है। विजय के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। विजय पत्नी भूरी और तीन बच्चों के साथ छोटे से घर में रहता था। घर में नल लगाने की भी जगह नहीं थी। नल छत पर लगा है। गुरुवार रात को बड़ा बेटा आदेश (11), बेटी बबली (9), छोटा बेटा देवेंद्र (4) छत पर सो रहे थे। विधायक पुत्र देवेंद्र खड़गवंशी और ब्लॉक प्रमुख गंगेश्वरी राजेंद्र खड़गवंशी ने गांव पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।
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आदमपुर में विजय और भूरी की माैत के बाद मातम मनाते परिजन और जांच करती पुलिस
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फंदे पर लटकाने से ही हुई थी दंपती की मौत, पोस्टमार्टम में पुष्टि
सूबरा गांव में दंपती की मौत फंदे पर लटकाने से ही हुई थी। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। शुक्रवार की देर शाम तीन डॉक्टरों के पैनल ने पति-पत्नी के शवों का पोस्टमार्टम किया। पुलिस की माने तो दंपती ने गुरुवार की रात करीब एक से दो बजे के बीच में आत्महत्या की थी। आत्महत्या करने से पहले दोनों ने खाना भी खा रखा था।
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आदमपुर में विजय और भूरी की माैत
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धान काटकर घर लौटे थे दंपती
मौत से पहले पति-पत्नी धान काटकर घर लौटे थे। विजय पर एक बीघा जमीन है जिस पर उन्होंने धान की फसल लगा रखी है।
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ग्रामीणों में चर्चा : दपंती के बीच अक्सर रहता था विवाद
गांव सूबरा में हुई दपंती की मौत के बाद परिजन या मृतक दपंती के बच्चे तो कुछ भी स्पष्ट रूप से विवाद के बारे में नहीं बता पा रहे हैं लेकिन ग्रामीणों में चर्चा है कि विजय पत्नी भूरी को काम करने के लिए बाहर ले जाना चाहता था लेकिन भूरी बाहर काम करने जाने के लिए मना करती थी। इसी बात पर नाराज होकर भूरी कुछ दिन पूर्व मायके चली गई थी। वह मायके में रुकी हुई थी और करीब सात दिन पहले ही वह मायके से घर आई थी। ग्रामीणों का कहना है कि गुरुवार की रात को भी पति-पत्नी के बीच किसी बात पर विवाद हुआ था। हालांकि, मृतक विजय के भाई संजीव ने पति-पत्नी के बाद हुए किसी भी तरह की विवाद की जानकारी से इनकार किया है।
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आदमपुर में विजय और भूरी की माैत के बाद मातम मनाते परिजन और जांच करती पुलिस
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यह था मामला
आदमपुर गांव सूबरा में विजय सिंह (35) व उनकी पत्नी भूरी (32) के शव शुक्रवार सुबह कमरे में फंदे पर लटकते मिले। पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों के शवों को परिजनों ने फंदे से उतार लिया। विजय की जेब से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने आत्मघाती कदम के लिए डॉक्टर का रूपेश नामक व्यक्ति को जिम्मेदार बताया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि डॉक्टर या रूपेश कौन है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से लटकने से ही मौत की वजह सामने आई है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। फॉरेसिंक एक्सपर्ट की टीम ने भी जांच की है। आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव सूबरा निवासी विजय सिंह मजदूरी और खेती करते थे। बृहस्पतिवार को उन्होंने परिवार के साथ खुशी-खुशी विजयदशमी का त्योहार मनाया था। रात में खाना खाने के बाद विजय और उनकी पत्नी भूरी दोनों कमरे में सो गए जबकि तीन बच्चे छत पर सो रहे थे।
आदमपुर में विजय और भूरी की माैत के बाद मातम मनाते परिजन और जांच करती पुलिस
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बेटे ने देखे माता-पिता के शव
शुक्रवार सुबह बड़ा बेटा आदेश (11) छत से उतरकर नीचे पहुंचा तो कमरे में माता-पिता के शव फंदे से लटके देखे। इसके बाद आदेश गांव में ही रहने वाले चाचा संजीव को बुलाकर लाया। संजीव ने बताया कि दोनों के शव फंदे से लटके थे। भूरी का शव खूंटी से दीवार के सहारे दुपट्टे से लटक रहा था और विजय का शव छत के कुंदे में साड़ी के फंदे के सहारे लटका था। परिजनों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों शवों को फंदे से उतार लिया। सूचना मिलते ही ग्रामीण जमा हो गए। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई।