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UP: '22 दिन में एक घंटे भी न सोया... बीड़ी के 88 मंडल पी गया', सुसाइड नोट से दंपती खुदकुशी केस में नया मोड़

Sun, 05 Oct 2025 03:42 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

अमरोहा में विजय और उसकी पत्नी भूरी के शव फंदे से लटके मिले। पोस्टमार्टम में दोनों की मौत फांसी से होने की पुष्टि हुई। विजय की जेब से मिले दो पन्नों के सुसाइड नोट में गांव के रूपेश को आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया गया है। सीओ दीप कुमार पंत के अनुसार सुसाइड नोट और हैंडराइटिंग की जांच करवाई जा रही है।
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couple suicide - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

यूपी के अमरोहा के आदमपुर के गांव सूबरा में शुक्रवार की सुबह घर में फंदे से लटके मिले विजय और उसकी पत्नी भूरी के शव के मामले में सुसाइड नोट मिलने के बाद नया मोड़ आ गया है। मृतक विजय ने दो पेज के सुसराइड नोट में पति-पत्नी की मौत का जिम्मेदार गांव का ही रूपेश को बताया गया है। 

सुसाइड नोट में चार बार रूपेश के नाम जिक्र है। शुक्रवार की रात को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों की मौत फंदे पर लटकने की वजह से ही हुई थी। मृतक विजय की जेब से सुसाइड नोट में लिखा कि मेरा घर डॉक्टर के लड़के ने बिगाड़ा है।

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आदमपुर में विजय और भूरी की माैत के बाद मातम मनाते परिजन और जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद
'रूपेश के चक्कर में ही घर में लड़ाई होती थी'
घर में और कोई लड़ाई नहीं थी। बृहस्पतिवार के दिन मैंने चाचा से कहा था। भाई ने भी मेरा विश्वास नहीं किया। रूपेश के चक्कर में ही घर में लड़ाई होती थी। यह बदनाम मुझे करती थी लेकिन किसी ने मेरी बात का विश्वास नहीं किया। मेरे आत्मघाती कदम उठाने का जिम्मेदार रूपेश है और कोई नहीं।
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आदमपुर में विजय और भूरी की माैत - फोटो : संवाद
मेरे और पत्नी के आत्मघाती कदम उठाने का जिम्मेदार डॉक्टर का बेटा रूपेश बहुत तेज है। वह मुझे मरवाना चाहती थी पर कोई मानने को तैयार नहीं था। किसी का कोई कसूर नहीं सिर्फ डॉक्टर के रूपेश के ऊपर ही लड़ाई थी। तीन बार ससुराल भेज दी, पर न मानी। और कोई लड़ाई नहीं थी लेकिन मेरी बात का यकीन कोई नहीं कर रहा था।

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जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद
मैंने कहा था तू मान जा रिश्ता गलत है। जिस दिन आंखों से देख लूंगा तो कुछ न कहने का, पर तुझे साथ लेकर मर जाऊंगा। 22 दिन में मैंने 13 रोटी खाई। 88 बिड़ी के मंडल पीए। एक घंटा भी नहीं सोया।
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मातम मनाते परिजन - फोटो : संवाद
सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि फिलहाल सुसाइड नोट की जांच कराई जा रही है। सुसाइट नोट की हैंडराइटिंग की भी जांच कराई जाएगी। हालांकि अभी मृतक के परिजनों द्वारा कोई तहरीर नहीं दी गई है। इसलिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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आदमपुर में विजय और भूरी की माैत के बाद गमगीन परिजन - फोटो : संवाद
गांव में मेडिकल चलाता है रूपेश, पिता है झोलाछाप
आदमपुर। विजय ने सुसाइड नोट में जिस रूपेश नाम के व्यक्ति को दंपती की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। वह रूपेश गांव में मेडिकल चलाता है। जबकि रूपेश के पिता झोलाछाप डाक्टर है। सुसाइड नोट में यह भी जिक्र है कि डॉक्टर के बेटा जिम्मेदार है। अब यह बात जांच विषय है कि रूपेश का विजय और उसकी पत्नी के साथ कैसे संबंध थे। आखिर रूपेश का इस पूरे प्रकरण में क्या रोल है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को गहना से जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद
एक ही चिता पर हुआ दंपति के शव का अंतिम संस्कार
आदमपुर। शुक्रवार की सुबह आदमपुर के गांव सूबरा में घर में फंदे से लटके मिले पति पत्नी के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद देर रात शव गांव ले जाए गए। इसके बाद पति पत्नी के अर्थी एक साथ ही उठी। ग्रामीणों और परिजनों ने रात में ही अनूपशहर गंगा घाट पर एक ही चिता पर दोनों के शवों का पुलिस मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। देररात तक अधिकांश ग्रामीणों की भीड़ गांव में जागती रही।
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माैके पर माैजूद गांव वाले - फोटो : संवाद
तहरीर मिलने का इंतजार कर रही पुलिस
आदमपुर। गांव सूबरा में पति पत्नी की मौत आत्महत्या है। यह बाद उनके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हो गई है। लेकिन आत्महत्या कोई बेवजह नहीं हुई है। आत्महत्या के पीछे की दर्दनाक कहानी विजय की जेब से मिले सुसाइड नोट चीख-चीखकर कह रहा है। रूपेश नाम के व्यक्ति को मौत का जिम्मेदार भी ठहराया गया है। लेकिन पुलिस कार्रवाई के लिए अभी तहरीर मिलने का इंतजार कर रही है।
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