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प्रयागराज में मलबे में दबी चीखें: हटिया में पांच मौतों का जिम्मेदार कौन, ट्रस्ट से लेकर निगम तक के रहनुमा मौन

Wed, 07 Sep 2022 11:30 AM IST
शाहरुख खान अनूप ओझा, अमर उजाला, प्रयागराज
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प्रयागराज के हाटिया चौराहे पर जर्जर भवन का छज्जा गिरा - फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज के हटिया चौराहे पर जर्जर भवन का छज्जा ढहने से हुई मौतों का जिम्मेदार आखिर कौन है? मंगलवार की दोपहर भवन के मलबे के ढेर में दबी चीखों के बीच हर निगाहें इस सवाल का जवाब ढूंढती रहीं। लेकिन, इस पर भवन की देखरेख करने वाले ट्रस्ट के पदाधिकारियों से लेकर नगर निगम के अफसरों तक के होठ सिले रहे। नगर निगम के जर्जर भवनों की सूची में भी यह दर्ज नहीं है। इसलिए इस भवन को खाली कराने के लिए नगर निगम की ओर से नोटिस तक जारी नहीं किया गया था। हटिया चौराहे पर छह बिस्वा रकबे में बने जिस सौ साल से भी अधिक पुराने जर्जर भवन में यह दिल दहलाने वाला हादसा हुआ, उसकी देखरेख ठाकुर द्वारा ट्रस्ट की ओर से की जाती है। सात दुकानों और छह आवासों वाले इस भवन का पश्चिमी बारजा गिरने से पांच लोगों की मौत से शहर में हर किसी को काठ मार गया है। 
 
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प्रयागराज के हाटिया चौराहे पर जर्जर भवन का छज्जा गिरा - फोटो : अमर उजाला
ठाकुरद्वारा ट्रस्ट के अध्यक्ष उमेश चंद्र केशरवानी बताते हैं कि जर्जर भवन की मरम्मत कराने और इसे नए सिरे से बनवाने के लिए ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ किरायेदारों की बैठक वर्ष भर पहले हुई थी, लेकिन कोई भी मरम्मत के नाम पर आगे नहीं आया। 
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प्रयागराज के हाटिया चौराहे पर जर्जर भवन का छज्जा गिरा - फोटो : अमर उजाला
इस हादसे के लिए वह प्रकृति को जिम्मेदार मानते हैं। उनका कहना है कि जब तक इसकी गहराई से छानबीन न कर ली जाए, तबतक जवाबदेही पर बोलना ठीक नहीं है। इस भवन में रहने वाले किरायेदार पहले 10-20 रुपये ही किराया देते थे। दबाव बनने के बाद भी किराया सैकड़ा से ऊपर नहीं जा सका है। अब रामरती सोनकर सौ रुपये प्रतिमाह किराया देती हैं, जबकि, मोतीलाल और राजेंद्र 250-250 रुपये। सबसे अधिक दिलीप केसरवानी का किराया पांच सौ रुपये है।
 

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प्रयागराज के हाटिया चौराहे पर जर्जर भवन का छज्जा गिरा - फोटो : अमर उजाला
ट्रस्ट के अध्यक्ष की मानें तो कई ऐसे भी किरायेदार हैं, जिन्होंने वर्षों से किराया दिया ही नहीं। उधर, नगर आयुक्त चंद्रमोहन गर्ग भी इस हादसे के लिए किसी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं मानते। उनका कहना है कि पुराने हो चुके भवन के बारजे के गार्डर गल गए थे। इसलिए बारिश में दबाव के बीच उनके ढहने की बात सामने आ रही है। नगर आयुक्त का कहना है कि अब नए सिरे से शहर के जर्जर भवनों का सर्वे कराकर ठोस कार्रवाई की जाएगी, ताकि ऐसे हादसे की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। 
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प्रयागराज के हाटिया चौराहे पर जर्जर भवन का छज्जा गिरा - फोटो : अमर उजाला
मुख्य अभियंता सतीश कुमार इस भवन को पुराना तो बताते हैं, लेकिन जर्जर मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि यही वजह है कि इस भवन को गिराने या खाली कराने के लिए नोटिस जारी नहीं किया गया था। 
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प्रयागराज के हाटिया चौराहे पर जर्जर भवन का छज्जा गिरा - फोटो : अमर उजाला
जांच के लिए आज हटिया जाएगी टेक्निकल टीम
हटिया में जर्जर भवन गिरने से हुए हादसे की जांच के लिए नगर आयुक्त के निर्देश पर बुधवार को टेक्निकल टीम जाएगी। नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता सतीश कुमार को हादसे की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। ताकि, यह पता लगाया जा सके कि भवन का छज्जा गिरने की असल वजह क्या थी।
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प्रयागराज के हाटिया चौराहे पर जर्जर भवन का छज्जा गिरा - फोटो : अमर उजाला
1995 में हुआ था मंदिर का जीर्णोद्धार
ठाकुरद्वारा ट्रस्ट की ओर से संचालित हटिया चौराहे पर स्थित भवन में ठाकुर जी का भव्य मंदिर है। इसके गर्भगृह में राधा-कृष्ण की मुख्य प्रतिमा के अलावा शिव-पार्वती, गणेश और हनुमान की मूर्तियों की भक्त आराधना करते हैं। पुजारी घनश्याम ने बताया कि भवन के किराये से ही मंदिर के राग, भोग, पूजा, आरती का खर्च चलाया जाता है। इस मंदिर का जीर्णोद्धार ट्रस्ट की ओर से 1995 में कराया गया था।
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