उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा इलाके के जिरगापुर गांव में रात से ही वीरानगी छाई थी। सुबह गांव में चारों तरफ सन्नाटा था। बीच-बीच में सड़क हादसे में मरे लोगों के परिजनों का करुण क्रंदन इस सन्नाटे को चीर रहा था। सबकी आंखें नम थीं। दोपहर होते-होते गांव में एक साथ 13 अर्थियां तैयार कर दी गईं।
विज्ञापन
2 of 7
एक साथ 14 लाशें
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब ढाई बजे के बाद पोस्टमार्टम हाउस से एक साथ 14 लोगों के शव पहुंचे तो चारों तरफ चीखपुकार और चीत्कार मच गई। कलेजा मुंह को आ गया रोते-रोते मृतकों के परिजनों की आंखें पथरा गईं थी। पूरे गांव में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
3 of 7
एक साथ 14 लाशें
- फोटो : अमर उजाला
शाम करीब चार बजे के करीब एक साथ बच्चों समेत 13 अर्थियां उठीं तो करुण क्रंदन से इलाके का माहौल गमगीन हो उठा। वहां मौजूद हर शख्स अपने आंसू नहीं रोक सका।
4 of 7
रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से पुलिस सभी शवों को लेकर जिरगापुर पहुंची। घरों के करीब ही खाली स्थान पर पहले से ही अर्थियां तैयार कर रखी गई थीं। एंबुलेंस से शवों को उतारकर अर्थियों पर रखते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। सभी शवों को अर्थियों पर रखवाया गया।
विज्ञापन
5 of 7
रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
केवल ननिहाल आए नौ साल के अंश का शव एंबुलेंस में रोक लिया गया। बाद में अंश के शव को एंबुलेंस से हथिगवां घर भेज दिया गया। कफन में लिपटे 13 शवों के कपड़ों पर पहचान के लिए नाम लिखा गया था। वहां मौजूद लोगों की मदद से सभी के परिजन उनका अंतिम दर्शन करने पहुंचे।
विज्ञापन
6 of 7
ट्रक में घुसी बोलेरो
- फोटो : अमर उजाला
चेहरा देखते ही लोग शवों से लिपटकर रोने लगते। घर की महिलाएं, पुरुष व बच्चों की चीत्कार देखकर हर किसी की आंखें भर आईं। अफरा-तफरी के बीच हर कोई मृतकों का अंतिम दर्शन करने के लिए आतुर था।
करीब एक घंटे बाद एक साथ शवों को अंतिम संस्कार के लिए उठाकर एंबुलेंस में रखा जाने लगा। एंबुलेंस से ही शवों को अंतिम संस्कार के लिए करेंटी घाट ले जाया गया। एंबुलेंस के पीछे-पीछे पुलिसकर्मी अपने वाहनों से चल रहे थे।