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up election : वोटर लिस्ट से हजारों नाम गायब, नहीं दे सके वोट

Sun, 27 Feb 2022 11:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सिविल लाइंस में रहने वाली निशा देवी और उनके पति पिछले चुनावों में ज्वाला देवी इंटर कॉलेज केंद्र में वोट देते रहे हैं, लेकिन इस बार निशा देवी को जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज भेज दिया गया। वहां पहुंचीं तो वोटर लिस्ट पर किसी और की फोटो थी।
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Prayagraj News : मतदान के लिए पोलिंग बूथ पर लगी भीड़। - फोटो : प्रयागराज
मम्फोर्डगंज की प्रतिमा द्विवेदी रविवार सुबह फौव्वारा चौराहे के पास स्थित मतदान केंद्र में वोट देने पहुंचीं तो वोटर लिस्ट से उनका नाम गायब था, जबकि उसी केंद्र में प्रतिमा ने 2017 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव में वोट दिया था।



उन्हीं खाली हाथ लौटना पड़ा। सिविल लाइंस में रहने वाली निशा देवी और उनके पति पिछले चुनावों में ज्वाला देवी इंटर कॉलेज केंद्र में वोट देते रहे हैं, लेकिन इस बार निशा देवी को जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज भेज दिया गया। वहां पहुंचीं तो वोटर लिस्ट पर किसी और की फोटो थी।



उन्होंने चैलेंज किया और आधार कार्ड दिखाकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया, लेकिन हजारों मतदाताओं को पता ही नहीं था कि उनका बूथ कहां गया और इसी वजह से वे मतदान से वंचित रह गए।
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Prayagraj News : वोटर लिस्ट में नाम खोजते लोग। - फोटो : प्रयागराज
एक बूथ पर अधिकतम 1250 मतदाता हुए शामिल
पिछले चुनाव में एक बूथ पर अधिकतम 1500 मतदाताओं को शामिल किया गया था, लेकिन इस बार कोविड के कारण सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए एक बूथ पर अधिकतम 1250 मतदाताओं को ही शामिल किया गया। जिन मतदाताओं के नाम कटे, उन्हें किसी दूसरे मतदान केंद्र के बूथ में शिफ्ट कर दिया गया या मतदाता सूची से उनका नाम ही बाहर हो गया।



इस बार ज्यादातर विधानसभा क्षेत्रों और खासकर शहरी क्षेत्र में मतदाताओं तक वोटर पर्ची नहीं पहुंचाई गई। वोटरों ने भी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, क्योंकि वे हमेशा की तरह इसी तैयारी में बैठे थे कि पिछली बार जहां वोट दिया था, इस बार भी उसी बूथ पर वोट देंगे। ज्यादातर वोटरों को बदलाव की कोई नहीं थी और जब वे बूथ पर पहुंचे तो वोटर लिस्ट से उनका नाम गायब था।
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Prayagraj News : मतदान केंद्र बाहर लगी मतदाताओं की कतार। - फोटो : प्रयागराज
एक ही घर के सदस्य अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के वोटर
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आलम यह रहा कि एक ही घर में रहने वाले परिवार के कुछ सदस्य शहर दक्षिणी और कुछ सदस्य शहर पश्चिमी के वोटर बना दिए गए।



शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के जीटीबी नगर करेली में रहने वाले शौकत अली को शहर पश्चिमी के बूथ की वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया गया और परिवार के अन्य सदस्यों को शहर पश्चिमी दक्षिणी में वोट देना पड़ा। पार्षद शबनम नफीस का घर शहर दक्षिणी में है लेकिन उनका नाम शहर पश्चिमी की वोटर लिस्ट में दर्ज कर लिया गया। मोहम्मद सलीम के परिवार के साथ भी ऐसा ही हुआ।

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Prayagraj News : मतदान करने लिए जाते लोग। - फोटो : प्रयागराज
करेली के वोटर को भेज दिया नैनी
जीटीबी नगर करेली में रहने वाले समीर अली शहर दक्षिणी के वोटर हैं। समीर के मुताबिक उनका घर करेली में हैं, लेकिन उनका नाम नैनी स्थित एक बूथ की वोटर लिस्ट में दर्ज करा दिया गया। वहीं, परिवार के बाकी सदस्यों ने घर के पास स्थित बूथ पर मतदान किया।



पति-पत्नी के अलग-अलग मतदान केंद्र
लाला लाजपत राय रोड, नया कटरा में रहने वाले सोमेश्वर गुप्ता का नाम मेरी वाना मेकर मतदान केंद्र की वोटर लिस्ट में दर्ज है, जबकि उनकी पत्नी रितु गुप्ता का नाम डीपी गर्ल्स इंटर कॉलेज मतदान केंद्र की वोटर लिस्ट में है।




काफी मशक्कत के बाद उन्हें पता चला कि रितु का मतदान केंद्र बदल दिया गया है। रितु ने तो वोट दे दिया, लेकिन उनके ही क्षेत्र के तमाम मतदाताओं को नए बूथ की जानकारी नहीं मिल की। पुराने बूथ की वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण वे मतदान से वंचित रह गए।
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Prayagraj News : वॉकर के सहाते मतदान करने के लिए जाते बुजुर्ग। - फोटो : प्रयागराज
राजनैतिक दलों को करनी पड़ी मशक्कत
मतदाता सूची से बड़ी संख्या में वोटरों के नाम गायब होने या उनके बूथ बदल दिए जाने से राजनैतिक दलों में भी हड़कंप मचा रहा। वोटरों को भटकते देख मतदान केंद्रों के बाहर जिन पार्टियों ने वोटरों की मदद के लिए स्टॉल लग रखे थे, उन्होंने आसपास के अन्य मतदान केंद्रों की वोटर लिस्ट भी अपने पास मंगा ली। पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने वोटर लिस्ट में मतदाताओं के नाम खोजकर उन्हें नए बूथ के बारे में जानकारी दी और वोटरों को मतदान केंद्रों तक पहुंचने में मदद की। हालांकि ज्यादातर बूथों पर वोटरों को कोई मदद नहीं मिली और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
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