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विहिप की दो टूक, सरकार माने या न माने, हमारी जिद विहिप के मॉडल पर ही बने राममंदिर

Mon, 20 Jan 2020 01:50 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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फाइल फोटो - फोटो : Social Media
विश्व हिंदू परिषद की सोमवार को संगम तीरे होने वाली बैठक के पूर्व संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सरकार को चेताया है कि अयोध्या में राम मंदिर का जो मॉडल विहिप ने बनाया है, उसी मॉडल पर वहां मंदिर का निर्माण हो। संगठन के केंद्रीय प्रबंध समिति के सदस्य दिनेश, केंद्रीय उपाध्यक्ष जीवेश्वर मिश्र ने कहा कि सरकार माने या न माने, हमारी यह जिद है कि राम मंदिर का जो मॉडल विहिप शिविर में बनाया गया है, वही अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर का स्वरूप हो।
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अयोध्याः रामलला की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दोनों ही पदाधिकारियों का तर्क है कि अयोध्या में राम मंदिर को लेकर विहिप की ओर से 1989 में मॉडल बनाया गया था। यही मॉडल पूरे विश्व भर के लोगों ने देखा है। ऐसे में अब इसमें किसी भी तरह का परिवर्तन नहीं किया जा सकता। इसी मॉडल पर अयोध्या में पिछले कई वर्ष से पत्थर तराशने का भी काम चल रहा है। यह काम 80 फीसदी पूर्ण हो चुका है। विहिप केंद्रीय प्रबंध समिति के सदस्य दिनेश ने कहा कि संत अयोध्या में विशाल मंदिर चाहते हैं। हमने जो मॉडल बनाया है, वह सवा एकड़ जमीन पर बनाए जाने वाले मंदिर का है।
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मंदिर के लिए तैयार पत्थरों को देखते लोग - फोटो : Social Media
शेष 67 एकड़ में सरकार क्या करेगी, वह सरकार ही तय करे। यह भी कहा कि मंदिर का गर्भ गृह देश के सभी प्रमुख मंदिरों के गर्भ गृह के मुकाबले बड़ा रहेगा। वहां 20*20 फीट का गर्भ गृह रहेगा। इतना बड़ा गर्भ गृह देश के किसी भी मंदिर का नहीं है। गुजरात के सोमनाथ मंदिर का भी गर्भ गृह 15*15 फीट का है। मंदिर अंदर से इतना विशाल रहेगा कि उसमें दो हजार से ज्यादा श्रद्धालु एक बार में आ जाएंगे। वहां परिक्रमा मार्ग भी 15 फीट चौड़ा रहेगा। 
गो, गंगा संवर्धन पर भी होगी चर्चा

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राम मंदिर के लिए तराशे गए पत्थर - फोटो : amar ujala
विहिप की केंद्रीय मार्गदर्शक कमेटी में गौ, गंगा संवर्धन एवं उसके संरक्षण पर भी मंथन होगा। नागरिकता संशोधन कानून जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भी मार्गदर्शक मंडल अपने विचार रखेगा। विहिप मीडिया प्रभारी अश्विनी मिश्र ने बताया कि मार्गदर्शक मंडल की बैठक में प्रस्ताव केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे रखेंगे। 
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राम मंदिर विवाद - फोटो : self
सीएम योगी आदित्यनाथ के आने में असमंजस

विहिप केंद्रीय मार्ग दर्शक मंडल में तकरीबन 300 सदस्य हैं। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी नाम है। सभी को बैठक में शामिल होने के लिए विहिप ने आमंत्रण भेजा है, लेकिन सीएम के आने की संभावना काफी कम है। केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी ने बताया कि सीएम इन दिनों काफी व्यस्त हैं। इस बैठक में साध्वी ऋतंभरा, चेन्नई के स्वामी रामानंद पुरी, उडुप्पी मठ कर्नाटक के जगदगुरु माधवाचार्य, सुतुर मठ कर्नाटक के सुगनेंद्र तीर्थ स्वामी, महेसाणा गुजरात के अभिचल दास, उड़ीसा से स्वामी जीवन मुक्तानंद पुरी, भुवनेश्वर के स्वामी शंकरानंद गिरि, पश्चिमी बंगाल कोलकाता स्थित कठिया बाबा आश्रम के महंत वृंदावन बिहारी दास, कोलकाता से ही स्वामी निर्गुणानंद ब्रह्मचारी, राम कृष्ण मिशन के मधु महाराज, साध्वी ऋंतभरा के गुरु एवं महामंडलेश्वर परमानंद गिरि आदि शिरकत करेंगे। 
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