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दूसरा शाहीन बाग बना प्रयागराज का मंसूर अली पार्क, आठवें दिन भी धरना जारी

Mon, 20 Jan 2020 01:18 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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NRC & CAA PROTEST IN PRAYGRAJ - फोटो : प्रयागराज
प्रयागराज के शाहीन बाग बने मिर्जा गालिब रोड स्थित मंसूर अली पार्क में एनआरसी और सीएए के विरोध में जुटीं महिलाओं में जोश और जज्बे के साथ ही अपनी मुहिम के लिए ऐसा हौसला और मजबूत इरादे हैं कि वे अंजाम से पहले वहां से टस से मस हटने को तैयार नहीं। रोशनबाग की ला स्टूडेंट निमशां ने कहा, यहां जुटीं महिलाएं अपने हक के लिए आवाज उठा रही हैं क्योंकि उन्हें समझ में आ गया है कि क्या सही है और क्या गलत। यह हमारे मौलिक अधिकार पर हमला है। कमाल है जब हमारा वोट चाहिए था, तब हम नागरिक थे, अब नहीं रहे। 
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NRC & CAA PROTEST IN PRAYGRAJ - फोटो : प्रयागराज
करेलाबाग लाल कॉलोनी की खदीजा उस्मानी ने कहा, आप हमसे हमारा अधिकार छीन रहे हैं। पहले तीन तलाक पर फैसला सुनाया, तो किसी ने कुछ नहीं कहा। अयोध्या मामले का फैसला सुनाया तो भी किसी से कुछ नहीं कहा, हमने सब्र किया लेकिन अब आप संविधान पर वार कर रहे हैं। बताइये जिनके पास दो वक्त की रोटी नहीं है, वह सौ बरस पुराना कागज कहां से लाएंगे। इस मामले को मुसलमानों से जोड़ना भी बेमानी है क्योंकि अगर यह सिर्फ मुस्लिम का सवाल होता तो हिंदू, दलित समाज आदि से महिलाएं नहीं जुटतीं। इसी तरह दो चार लोगों को भड़काया जा सकता है, पूरे देश को नहीं।
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NRC & CAA PROTEST IN PRAYGRAJ - फोटो : प्रयागराज
रोशनबाग की रुखसाना ने कहा, नोटबंदी और जीएसटी जैसे मुद्दों पर हमने सब्र किया, यह सोचकर कि देश में तो हैं, घर तो है, छत तो है लेकिन अब तो छत ही जा रही है। हमारे बच्चे का मुस्तकबिल (भविष्य) बिल्कुल भी सेफ (सुरिक्षत) नहीं है। ऐसे में अब नहीं उतरेंगे तो कभी नहीं उतरेंगे। महिलाएं सड़क पर हैं तो इसका मतलब यह बड़ा मामला है। इसको देखेंगे और रोक कर ही रहेंगे। मासूम के साथ यहां आईं माओं का सोचना है कि जब उसका कल सुरक्षित नहीं है तो फिर आज की क्या चिंता करना।  दूसरे मुल्कों में रहने वाले हमारे रिश्तेदार हमारा मजाक उड़ा रहे हैं कि तुम्हें तुम्हारे देश से ही निकाला जा रहा है।

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prayagraj news - फोटो : प्रयागराज
करेली की आइशा ने कहा, यहां चार दिन इंटरनेट बंद किया तो हमें कश्मीर की ‘फीलिंग्स’ समझ में आ गई। अगर सरकार इतिहास पर गौर करती तो उसे पता होता कि फ्रांस और रूस की क्रांति के समय इंटरनेट नहीं था। गुलाबबाड़ी की सना बोलीं, हम यहां के हैं तो हम क्यूं प्रूफ दें। आंदोलन के संचालकों में से एक निजी कंपनी की पूर्व अधिकारी सारा अहमद बोलीं, हमारी रगों में हमारे देश का संविधान बह रहा है और यह कानून उसी का उल्लंघन है। यह नहीं होने देंगे। सर्दी, बारिश के बावजूद औरतें यहां से हिलने का नाम नहीं ले रही हैं तो सिर्फ इसलिए कि इन्हें लग रहा है कि जो हुआ है या जो होने वाला है, वह सही नहीं है। अगर वे एक इंच भी नहीं हिलेंगे तो हम हिलेंगे ही नहीं। जब तक सीएए और एनआरसी रद्द नहीं होगा, तक तक हम लोग यहां से नहीं हटेंगे।
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NRC & CAA PROTEST IN PRAYGRAJ - फोटो : प्रयागराज
इक वादा करोगो, इक बात मानोगे
हां भइया हां, हां भइया हां
हिंदू से लड़ोगे, मुस्लिम से लड़ोगो
ना भइया ना, ना भइया ना
आरएसएस से लड़ोगे, भाजपा से लड़ोगे
हां भाई हां, हां भाई हां
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NRC & CAA PROTEST IN PRAYGRAJ - फोटो : प्रयागराज
जुल्मी जब भी जुल्म करेगा सत्ता के हथियारों से
चप्पा-चप्पा गूंज उठेगा, इंकलाब के नारों से
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NRC & CAA PROTEST IN PRAYGRAJ - फोटो : प्रयागराज
इस मुल्क की खाक से खाक अपनी मिलाएंगे
न बुलाए आपके आए थे, न निकाले से जाएंगे।

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NRC & CAA PROTEST IN PRAYGRAJ - फोटो : प्रयागराज
तुम स्टूडेंट्स से जो टकराओगे
बड़ा पछताओगे, बड़ा पछताओगे।
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NRC & CAA PROTEST IN PRAYGRAJ - फोटो : प्रयागराज
NRC & CAA PROTEST IN PRAYGRAJ
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