बारिश ने शुक्रवार को संगम तट पर जप तप ध्यान में जुटे लाखों कल्पवासियों, संतों और भक्तों की मुसीबतें बढ़ा दीं। शिविरों में जगह-जगह फिर पानी आ गया। गाटा मार्गों से लेकर चकर्ड प्लेटें तक कीचड़ से सराबोर हो गईं। इससे फिसल पैदा हो गई और दिन भर बाइक सवार व पैदल राहगीर फिसलकर गिरते रहे। बालू पाटकर सुखाए जा रहे दलदल फिर जस के तस हो गए। इसी के साथ कल्पवासी शिविरों में सत्संग-भजन की सुरक्षित ठांव बनाने के लिए बालू की हर तरफ मांग बढ़ गई है, लेकिन मेला प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। इससे परेशानी बढ़ गई है।