हाईकोर्ट ने प्रदेश की डिफाल्टर घोषित की गई कंपनियों के निदेशकों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने इन निदेशकों को पांच साल के लिए अयोग्य घोषित करने और इनके डिन नंबर बंद करने का कंपनी रजिस्ट्रार का आदेश रद्द कर दिया है। अदालत ने रजिस्ट्रार द्वारा की गई कार्रवाई को गैरकानूनी मानते हुए उनको नए सिरे से नियमानुसार कार्रवाई करने की छूट दी है। अब निदेशकों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जानने के बाद ही रजिस्ट्रार कोई निर्णय ले सकें गे।