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#LadengeCoronaSe: प्रयागराज में रोडवेज बस अड्डे पर सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम, ठसाठस गईं बसें

Mon, 30 Mar 2020 12:37 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
लॉकडाउन के दौरान संक्रमण से बचने के लिए लागू की गई सोशल डिस्टेंसिंग व्यवस्था रविवार को सिविल लाइंस बस अड्डे पर धड़ाम हो गई। यहां न सिर्फ हजारों यात्री जुटे, बल्कि तिल रखने की भी जगह न होने वाली बस में ठसाठस भरकर गंतव्यों के लिए रवाना भी हुए। इस दौरान फोर्स मौजूद रही लेकिन वह भी भीड़ को नियंत्रित कर पाने में नाकाम रही। 

रविवार को प्रदेश सरकार की ओर से दिल्ली में फंसे उप्र के लोगों को लाए जाने के लिए बसें चलाए जाने का निर्णय लिया गया था। जिसके बाद यूपी सड़क परिवहन निगम के तमाम डिपों से लोगों को लाने के लिए बसें दिल्ली भेजी गईं। दिल्ली से हजारों यात्रियों को लेकर बसें अलग-अलग शहरों के लिए रात में ही रवाना हो गईं। इसी क्रम में भोर में चार बजे के करीब शहर में भी बसों के आने का सिलसिला शुरू हो गया।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
हालात कुछ ऐसे हुए कि दोपहर तक यहां हजारों यात्री पहुंच चुके थे। उधर, बस अड्डे पर यात्रियों के पहुंचने के मद्देनजर फोर्स पहले ही तैनात कर दी गई थी। लेकिन दोपहर में बड़ी संख्या में यात्रियों के जमा होने पर अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ गई। बड़ी संख्या में यात्रियों के जमा होने के चलते यहां लॉकडाउन के दौरान लागू की गई सोशल डिस्टेंसिंग व्यवस्था धड़ाम हो गई।

लोग झुंड में एक-दूसरे से बिल्कुल सटकर बैठे, चलते व खाते-पीते नजर आए। इससे पहले बसें भी खचाखच भरी हुई हालत में बस अड्डे पर पहुंची थीं। उधर, यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम के प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से भी बसों का संचालन शुरू कर दिया गया। शाम पांच बजे तक यात्रियों से खचाखच भरी प्रयागराज डिपो की बसें अलग-अलग रूट के लिए रवाना की जा चुकी थीं। यह बसें गोरखुपर, वाराणसी, आजमगढ़, चित्रकूट, लखनऊ, मप्र भेजी गईं।
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प्रयागराज में सिविल लाइंस बस अड्डे पर दिल्ली से लौटे मजदूरों को भोजन सामग्री देते समाजसेवी संगठन के सदस्य। - फोटो : prayagraj

दिल्ली से आए ढाई हजार से ज्यादा यात्री

एक अनुमान के मुताबिक रविवार शाम चार बजे तक दिल्ली से ढाई हजार से ज्यादा यात्री सिविल लाइंस बस अड्डे पर पहुंचे। दरअसल परिवहन निगम की जिन बसों से यात्री आए, उनकी क्षमता अधिकतम 55 यात्रियों की है। हालांकि सभी बसें खचाखच भरी हुई थीं और उनमें भी पांव रखने की जगह नहीं थी। ऐसे में एक अनुमान के मुताबिक, प्रति बस 100 यात्री भी मान लिए जाएं तो यह आंकड़ा सीधे-सीधे 2600 पर पहुंच जाता है। बता दें कि रविवार भोर से शाम पांच बजे तक दिल्ली से 26 बसें यात्रियों को लेकर बस अड्डे पर पहुंच चुकी थीं। 

जांच के नाम पर होती रही खानापूर्ति

सिविल लाइंस बस अड्डे पर बड़ी संख्या में दिल्ली से यात्रियों के पहुंचने के बाद भी यहां जांच की समुचित व्यवस्था नहीं की गई थी। जांच के लिए यहां स्वास्थ्य विभाग की एक टीम जरूर मौजूद रही लेकिन बस अड्डे पर पहुंचे ज्यादातर यात्रियों का यही कहना था कि उनकी कोई जांच यहां पहुंचने पर नहीं हुई। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में बस में सवार होने से पहले उनकी जांच हुई। साथ ही रास्ते में भी दो जगहों पर जांच की गई। 

समझाती रही पुलिस, नहीं हुआ फायदा

बस अड्डे पर बड़ी संख्या में जुटे यात्रियों को नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। सिविल लाइंस थाने के सभी दरोगा व इंस्पेक्टर समझाते रहे लेकिन लोग किसी को सुनने को तैयार नहीं हुए। बसों में जल्द से जल्द सवार होने के लिए उनमें धक्कामुक्की भी होती रही। बाद में सीओ वृजनारायण सिंह ने मोर्चा संभाला व कतार लगवाकर लोगों को बसों में इंट्री दी। 
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