Prayagraj News : संगम।
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इस खोज के पीछे नदी की वास्तविकता का पता करना नहीं था, बल्कि वैज्ञानिकों ने गंगा के गिरते जलस्तर के बारे में छानबीन शुरू की थी। दुनिया की कई नदियों में जलस्तर गिर रहा है। बड़ी नदियों के निचले स्तर पर एक्वीफर सिस्टम होता है। यह गंगा में भी है और इसके कारण ही बड़े पैमाने पर भारत के उत्तरी मैदान में जल आपूर्ति होती है। पिछले कई वर्षों में गंगा पर जलापूर्ति के लिए दबाव अत्यधिक बढ़ गया है, जिस कारण गंगा के जलस्तर में कमी हो रही है। यह सतह पर नहीं दिखती लेकिन नीचे स्थित एक्वीफर सिस्टम प्रभावित कर रही है।
गिरते जल स्तर के कारणों पर यह शोध गंगा-यमुना के दोआब क्षेत्र में किया गया। इसमें सुभाष चंद्र, वीरेंद्र एम तिवारी, मुलावाडा विद्यासागर समेत कई वैज्ञानिक इसमें शामिल थे। इन वैज्ञानिकों ने हेलीकॉप्टर की सहायता से पूरे क्षेत्र की मैपिंग के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सर्वे किया। कई उड़ानों के बाद अलग-अलग हुए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक्स सर्वे को एक साथ मिलाकर जब इस पूरे क्षेत्र का एक नक्शा बनाया गया तो यह आश्चर्यजनक तथ्य सामने आए।