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'कुंभ नहीं देखा तो भारत नहीं देखा... कई देशों के प्रतिनिधियों ने कहा, 'ओह, दिस इज इनक्रेडिबल इंडिया'

Thu, 17 Jan 2019 09:16 PM IST
shubham न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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kumbh photo 2019
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा मुझे लगता है कि यह शाही स्नान नहीं बल्कि संगम की सफाई का स्नान है। गंगा से पहले संगम की सफाई का संकल्प भी लिया गया लेकिन, जब संगम के किनारे पहुंचे तो वहां की ऐसी तैयारी देखकर हम सभी दंग रह गए।
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kumbh
संग जुटे अनेक देशों के प्रतिनिधियों ने कहा, 'ओह, दिस इज इनक्रेडिबल इंडिया,' अब तक भारत के बारे में जो कुछ पढ़ा और सुना था, वह यहां देखने को मिला, मै अभभिूत हूं। कुंभ नहीं देखा तो भारत नहीं देखा।
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kumbh photo 2019
कमाल की बात है कि जिस श्रद्धा से पूरी दुनिया के लोग यहां खिंचे चले आते हैं, इतनी ठंड में भी उन्हें आस होती है कि बस, एक डुबकी लग जाए और एक आचमन हो जाए यानी 'वन डिप, वन टिप।' एक डुबकी, एक आचमन हो जाए तो लगता है कि मोक्ष मिल गया। तमाम लोग इसी अवधारणा से जुड़कर धन्य हो रहे, यही बातें दुनिया को चकित करती हैं।

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कुंभ 2019
भारत की श्रद्धा और आस्था को देखकर ऐसा लगता है कि यहां बार-बार आएं ताकि उस भारत का दर्शन कर सकें जहां न कोई रंगभेद है, न कोई छोटा है, न बड़ा है, सब एक ही गंगा में स्नान कर रहे हैं। जब तक यह संस्कृति जिंदा रहेगी, हमारा भारत जिंदा रहेगा।
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kumbh mela
मकर संक्रांति को वस्तुत: मातृक्रांति मानना चाहिए। हम विश्व को एक परिवार मानने वाले लोग हैं, जिस तरह सूर्य उत्तरायण की ओर गए, उसी तरह हमारे जीवन से भी अंधेरा दूर हो। हम अंधकार से प्रकाश की ओर जाएं। समय आ गया है कि हमलोग स्वच्छ भारत अभियान का हिस्सा बनें क्योंकि गंगा मां सभी के लिए है। यहां से संगम का संदेेश लेकर जाएं कि देश की सभी नदियां स्वच्छ और निर्मल बनें।
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