प्रयागराज में हुए तिहरे हत्याकांड की गांव में चर्चा रही। सवाल यह है कि आरोपी मुकेश बाइक पर लाश अकेले कैसे ले गया था। मुख्य मार्ग से जाने पर घर से कुएं की दूरी करीब पांच सौ मीटर है।
प्रयागराज के लोकापुर विसानी गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के बाद गांव से पांच सौ मीटर दूर स्थित एक सूखे कुएं से लाशें बरामद होने से ग्रामीण अचंभित हैं। मंगलवार को चर्चा रही कि अकेला व्यक्ति बाइक पर लाश कैसे ले गया होगा?
मृतकों के घर से उक्त कुएं की सीधी दूरी बमुश्किल दो-ढाई सौ मीटर ही है। लेकिन इस रास्ते से सिर्फ पैदल ही जाया जा सकता है। मुख्य मार्ग से जाने पर कुएं की दूरी करीब पांच सौ मीटर है। सोमवार को जब मुकेश पुलिस के हत्थे चढ़ा तो पूछताछ में हत्या की बात कुबूली और शवों को बाइक पर रख कर कुएं में डालने की बात बताई थी।
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इसी कुआ में हत्या के बाद फेंकी गई थी लाश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव के राम नरेश, जवाहरलाल सहित कई अन्य लोगों ने कहा कि इतनी भीषण ठंड और अंधेरी रात में अकेले मुकेश का शवों को बारी-बारी बाइक पर लाद कर कुएं तक ले जाना संदेह पैदा करता है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण में अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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मृतक रामसिंह की बेटी किरन व पुष्पा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शादी में मिला दहेज बहन को देने से बढ़ी थी नाराजगी
राम सिंह की बेटी साधना की शादी 12 अप्रैल को होनी थी। मुकुंद ने बताया कि मुकेश जब हिस्सेदारी न मिलने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था तो पिता ने कहा कि शादी के बाद उसे भी जमीन दे देंगे। लेकिन उसे विश्वास न हुआ।
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ट्रिपल मर्डर के बाद मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हालांकि घर में दरार तभी पड़ गई थी, जब मुकेश के विवाह में मिला दहेज का सामान बड़ी बेटी किरन की शादी में दे दिया गया था। यह बात खुद किरन ने बताई। मुकेश का विवाह डेढ़ दशक पूर्व होलागढ़ के बभनपुर निवासी प्रमिला के साथ हुआ था।
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ट्रिपल मर्डर के बाद मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रमिला से एक बेटी और दो बेटे हैं। कुछ वर्षों बाद जब रामसिंह ने बड़ी बेटी किरन की शादी की तो उसे दहेज में मुकेश की ससुराल से मिला सामान दे दिया। इसके लिए मुकेश नाखुश था। इसके बाद ही अलग मकान बनाकर रहने लगा।
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ट्रिपल मर्डर के बाद मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह फर्नीचर का अच्छा खासा कारीगर था। कुछ वर्षों बाद वह घर में ताला लगा कर परिवार सहित हैदराबाद शिफ्ट हो गया। छह माह पूर्व जब घर आया तो उसे जानकारी हुई कि पिता ने साढ़े चार बीघा पैतृक जमीन छोटे भाई मुकुंद के नाम बैनामा कर कर दी। इसके बाद उसके सिर पर खून सवार हो गया था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अच्छी नहीं थी मुकेश की छवि
हत्यारोपी मुकेश का पूरा परिवार झगड़ालू प्रवृत्ति का है। ग्रामीणों का आरोप था कि वह गांव के युवकों को हैदराबाद मजदूरी कराने ले जाता। वहां उनका पैसा हड़प कर भगा देता था। घर पर आने पर जब पैसा मांगा जाता तो लड़ाई-झगड़ा पर उतारू हो जाता था।
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साधना देवी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शवों का रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद राम सिंह (55),उसकी पुत्री साधना देवी (24), नातिन आस्था (14) के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। मंगलवार को देर शाम रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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आरोपी मुकेश के घर मे लटकता ताला
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाप-बहन और भांजी को कुल्हाड़ी से काटा
प्रयागराज के लोकापुर विशानी गांव में 10 बिस्वा जमीन के लिए बेटे ने पिता, बहन और भांजी की कुल्हाड़ी से प्रहार कर हत्या कर दी। वारदात के बाद तीनों शवों को एक कुएं में फेंक दिया और ऊपर से पुआल डाल दिया। सोमवार को आरोपी की गिरफ्तारी के बाद घटना का खुलासा हुआ। राम सिंह पटेल (55) के दो बेटे और तीन बेटियां है।
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राम सिंह पटेल, आस्था और साधना देवी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्यारोपी बड़ा बेटा मुकेश कुमार अपने परिवार के साथ अलग रहता है। छोटा बेटा मुकुंद (24), बेटी साधना और बड़ी बेटी किरण की लड़की आस्था (14) साथ रहते थे। घर में काफी दिनों से जमीन बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। मुकेश की हरकतों से नाखुश राम सिंह ने मकान और जमीन छोटे बेटे मुकुंद के नाम लिख दी थी।
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prayagraj murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मंदिर में छुपा रहा हत्यारोपी, किसी को नही लगी भनक
तिहरा हत्याकांड का आरोपी मुकेश दो दिनों तक पास के मंदिर में छिपा रहा,लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद मुकेश ने बताया कि पहले वह शुक्रवार को तिहरा हत्याकांड को अंजाम दिया। फिर शनिवार को छोटा भाई मुकुंद जब काम से वापस गांव आ रहा था तो उसपर फायर झोंकने के बाद वह गांव के किनारे स्थित एक मंदिर के पास दो दिन तक छिपा रहा।
जबकि इस दौरान पुलिस उसके ससुराल बभनपुर होलागढ़ सहित कई संभावित स्थानों पर गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। माना जा रहा है कि पीड़ित परिवार से गांव वालों से कुछ खास मेलजोल नहीं था। इसी का लाभ उठा कर वह घटना को अंजाम देने के बाद वह मंदिर में छिपा रहा।