संगम में तीन छात्रों के डूबने की घटना के बाद खोजबीन करते गोताखोर।
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प्रत्यक्षदर्शी दोस्त नहीं बता पा रहा था सही स्थान
संगम से लेकर झूंसी छतनाग व अरैल तक खोजबीन की जाती रही लेकिन नाकामी ही हाथ लगी। दरअसल, घटना का एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी मनीष ही था लेकिन वह भी सही से उस स्थान के बारे में नहीं बता पा रहा था, जहां उसके दोस्त डूबे। उसका कहना था कि जिस वक्त घटना हुई, हल्का अंधेरा भी होने लगा था। इसके अलावा अपनी आंखों के सामने दोस्तों को डूबता देखने की वजह से वह बेहद घबराया भी हुआ था।