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Prayagraj News: गंगा-यमुना के जलस्तर में वृद्धि से मचा हड़कंप, एनडीआरएफ सतर्क

Wed, 19 Aug 2020 12:56 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
 गंगा -यमुना के जलस्तर में मंगलवार को तेज रफ्तार से वृद्धि शुरू हो गई। इससे तटवर्ती इलाकों में हड़कंप मच गया। हरिहर गंगा आरती स्थल के करीब गंगा पहुंच गईं। उधर, जल पुलिस चौकी से लगा हिस्सा जलमग्न हो गया।

देर शाम तक तीर्थपुरोहितों की सैकड़ों चौकियां और अस्थाई छावनियां हटा ली गईं। पूजा-प्रसाद और फूलमाला की दुकानें भी अक्षयवट मार्ग पर ले जाई गईं। हालांकि अभी कुछ तीर्थपुरोहित संगम के करीब टापू के रूप में तब्दील हुई रेती पर ही डेर जमाए हुए हैं। जलस्तर बढ़ने से एनडीआरएफ को सतर्क कर दिया गया है।

 
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
गंगा बेसिन से लगे पहाड़ी इलाकों और मैदानी भागों में हो रही बारिश की वजह से मंगलवार को जलस्तर बढ़ने लगा। गंगा-यमुना के प्रवाह में तेजी आ गई। सहायक नदियों और नालों से होकर गंगा-यमुना में पानी आ रहा है। यही हाल रहा तो जल्द ही निचले स्तरों वाले इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाएगी।

सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम के अनुसार इस रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.72 मीटर रिकार्ड किया गया। इसी तरह छतनाग में गंगा का जलस्तर 75.83 मीटर पर पहुंच गया। जबकि, नैनी में यमुना 76.35 मीटर पर पहुंच गई। एक्सईएन सिंचाई बाढ़ खंड ब्रजेश सिंह ने इस दिन 1.50 लाख क्यूसेक पानी कानपुर बांध से फिर गंगा में छोड़े जाने की पुष्टि की। 

 
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
जलस्तर बढ़ने से संगम नोज किला घाट की ओर खिसक गया है। तटवर्ती इलाकों में जल दबाव की वजह से रामघाट, दशाश्वमेध घाट, काली घाट, महावीर घाट पर पर तीर्थपुरोहितों व व्यवसायियों में दिन भर अफरातफरी मची रही। पूजा-प्रसाद की दुकानें दिन भर हटाई जाती रहीं।

 
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
तीर्थपुरोहित अपना साजो सामान लेकर बेनी बांध व काली मार्ग पर अपनी जगह पहले से ही पक्की कराने में जुट गए हैं, ताकि बाढ़ की स्थिति पैदा होने से पहले वह अपना ठिकाना सुरक्षित कर सकें। तीर्थपुरोहित राजमणि तिवारी, सोहनलाल जोशी, विजय शुक्ला व रमेश कुमार मिश्र ने बताया कि तेजी से बढ़ते जलस्तर की वजह से अब सुरक्षित स्थानों पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है।
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