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Prayagraj Flood News : गंगा और यमुना का खौफनाक रूप देख सहमे लोग, टूट सकता है 1978 का रिकॉर्ड

Mon, 04 Aug 2025 11:19 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj Flood Alert : गंगा और यमुना ने और विकराल रूप धारण कर लिया है। खतरे का निशान 84.734 मीटर पार करने के बाद गंगा और यमुना का जलस्तर 86 मीटर के पार पहुंच गया है। उफान अभी जारी है। स्थिति काफी भयावह होती जा रही है। शहर के कई कछार के बाद अब शहर के कई पॉश इलाके भी बाढ़ की चपेट में आ रहे हैं। प्रशासन राहत बचाव कार्य में जुट गया है। जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो 1978 का रिकॉर्ड टूट सकता है।
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Prayagraj Flood : प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

Prayagraj Flood Live News : गंगा और यमुना का जलस्तर एक सप्ताह से दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। यही स्थिति रही तो अगले कुछ दिनों में ही 1978 का रिकार्ड टूट जाएगा। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, गंगा नदी फाफामऊ में 88.390 मीटर तो यमुना नदी के नैनी में 87.990 मीटर तक पहुंचने का रिकार्ड दर्ज है।

रविवार की रात तक गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 85.87 मीटर और यमुना का जलस्तर नैनी में 85.82 मीटर रिकार्ड किया गया। जानकारों की ओर से अभी दो दिन जलस्तर में वृदि्ध की संभावना जताई जा रही है। इसे लेकर प्रशासन की ओर से भी अलर्ट जारी किया गया है। आंकड़ों पर गौर करें तो फाफामऊ में वर्ष 2021 में अधिकतम जलस्तर 86.04, वर्ष 2022 में 85.93, वर्ष 2023 में 81.250 मीटर और वर्ष 2024 में 84.07 मीटर रहा था। इस वर्ष 2025 में लगातार गंगा और यमुना का बढ़ता जलस्तर खतरे का संकेत दे रहा है।



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Prayagraj Flood : प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

गंगा और यमुना के बाढ़ की स्थिति सोमवार (सुबह आठ बजे तक)

खतरे का निशान बिंदु - 84.734 मीटर
यमुना नदी नैनी - 86.04 (+50)
गंगा नदी फाफामऊ - 86.03 (+54) 

(24 घंटे में गंगा और यमुना का जलस्तर आधा मीटर से अधिक बढ़ गया है।)

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बाढ़ पीड़ितों की संख्या में तेजी से इजाफा

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Prayagraj Flood : तेजी से बढ़ रहा है गंगा और यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।

प्रयागराज में बाढ़ राहत शिविरों की सूची 

सदर तहसील

  • कैंट मैरेज हॉल सदर बाजार न्यू कैण्ट-320 व्यक्ति (72 परिवार)
  • ऐनी बेसेन्ट स्कूल, ऐलनगंज-950 व्यक्ति (225 परिवार)
  • ऋषिकुल उ.मा.वि., राजापुर-500 व्यक्ति (160 परिवार)
  • महबूब अली इण्टर कॉलेज, स्टैनली रोड, बेली चौराहा-330 व्यक्ति (86 परिवार)
  • रीगल गेस्ट हाउस-500 व्यक्ति (105 परिवार)
  • वाईएमसीए स्कूल-1050 व्यक्ति (235 परिवार)
  • सेंट जोसेफ गर्ल्स हा.से स्कूल मम्फोर्डगंज-550 व्यक्ति (135 परिवार)
  • स्वामी विवेकानन्द, इंटर कॉलेज, अशोक नगर-220 व्यक्ति (40 परिवार)
  • यूनिटी पब्लिक स्कूल करैली-60 व्यक्ति (13 परिवार)
  • कम्पोजिट स्कूल नार्मल ऐलनगंज-215 व्यक्ति (36 परिवार)
  • चेतना गर्ल्स इण्टर कॉलेज-160 व्यक्ति (32 परिवार)
  • रामा देवी गर्ल्स इ0कॉलेज-450 व्यक्ति (104 परिवार)
  • रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन राजापुर-600व्यक्ति (136 परिवार)
  • ब्यावज हाई स्कूल सिविल लाइन्स-200 व्यक्ति (55 परिवार)
  • कृष्णा गार्डन राजापुर-300 व्यक्ति (67 परिवार)
  • प्रिया गार्डन राजापुर-140 व्यक्ति (40 परिवार)
  • प्रा.वि बक्शीकला-201 व्यक्ति (25 परिवार)
  • तहसील बारा बारा-1- उच्च प्राथमिक विद्यालय भीटा-300 व्यक्ति (60 परिवार)
  • तहसील सोरांव-1- सराय जयराम बाढ शरणालय- 100 व्यक्ति (50 परिवार)
  • तहसील मेजा-1 प्रा. विद्यालय कोना-290 व्यक्ति (71 परिवार)

कंटोल रूम नम्बर

0532-2641577, 0532-2641578, 1077

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Prayagraj Flood : तेजी से बढ़ रहा है गंगा और यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।

शिविरों में भी राहत नहीं, नाश्ते और खाने को तरसे शरणार्थी

बाढ़ प्रभावित सैकड़ों परिवारों को शिविरों में भी राहत नहीं मिली। मेहबूब अली इंटर कॉलेज में शरणार्थियों को सुबह का नाश्ता नहीं मिला तो भोजन के लिए भी शाम पांच बजे तक इंतजार करना पड़ा। इस तरह की शिकायत अन्य शिविरों में भी रही। एसडीएम सदर अभिषेक सिंह की ओर से खाना और नाश्ता देने वाली एजेंसी को दो नोटिस दिए गए हैं। एजेंसी बदले जाने की भी तैयारी है।

शनिवार शाम तक 13 बाढ़ राहत शिविर खुल गए थे। मेहबूब अली इंटर कॉलेज शिविर में सुबह 11 बजे सिर्फ 75 पैकेट नाश्ता पहुंचा जबकि यहां 250 से अधिक शरणार्थी हैं। इतना ही नहीं खाना भी शाम पांच बजे पहुंचा। खाने की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत रही। मम्फोर्डगंज स्थित सेंट जोसेफ गर्ल्स विंग में भी समय से खाना न पहुंचने की शिकायत रही। इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थीं।

बघाड़ा स्थित एनी बेसेंट स्कूल में भी देर से खाना पहुंचा। उसी समय शिविर के नोडल अधिकारी केके सिंह भी पहुंचे थे। शिविर में पहुंची मेडिकल टीम को लेकर भी शिकायत रही। नोडल अधिकारी ने इस बाबत पूरी रिपोर्ट मांगी और प्रभारी चिकित्सक को बैठने की चेतावनी दी। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह का कहना है कि शिविरों में लगातार लोग बढ़ रहे हैं इसलिए खाना पहुंचने में देर हो गई। 

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घर में पानी भर जाने के बाद सुरक्षित स्थानों की ओर जाते लोग। - फोटो : अमर उजाला।

एनडीआरएफ, सीडीआरएफ ने संभाली कमान, नावें भी लगाई गईं

बाढ़ का दायरा बढ़ने के साथ एनडीआरएफ और सीडीआरएफ की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं। इनके अलावा तहसील प्रशासन की ओर से 30 नावें चलाई गई हैं। इनकी मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का क्रम जारी है। पार्षदों और क्षेत्र के प्रभावी लोगों को लेखपालों, एनडीआरएफ के अफसरों व नाविकों के मोबाइल नंबर दिए गए हैं। ताकि बाढ़ में घिरे लोग मदद मांग सकें। इनके अलावा सिविल डिफेंस के लोग भी सक्रिय हैं। एसडीएम सदर अभिषेक सिंह का कहना है कि 10 अतिरिक्त नावें भी रखी गई हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हें भी चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम तक चार बाढ़ राहत शिविर शुरू हो गए थे।

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Prayagraj Flood : प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
शिविरों में अव्यवस्था की शिकायतों के बाद अफसरों ने लगाई दौड़

शिविरों में खाना देर से पहुंचने, उसकी गुणवत्ता और कई अन्य तरह की शिकायतें मिलने के बाद प्रशासनिक अफसरों की भी सक्रियता बढ़ गई। सांसद प्रवीण पटेल, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने निरीक्षण कर स्वयं शिविरों की व्यवस्था देखी। वहीं सभी एडीएम और अन्य अफसर देर रात तक शिविरों व प्रभावित क्षेत्रों में डटे रहे। उन्होंने खड़े होकर खाना बंटवाया। सांसद ने ऋषिकुल स्कूल में व्यवस्था देखी। इस दौरान उनके साथ सीआरओ कुंवर पंकज भी मौजूद रहे। मंडलायुक्त देर रात तक तहसीलदार सदर के साथ निरीक्षण करते रहे। नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा ने एनी बेसेंट स्कूल व बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। एडीएम प्रशासन पूजा मिश्रा ने वाईएमसीए में खड़े होकर रात का खाना वितरित करवाया। वहीं एडीएम सिटी सत्य मिश्रा एजेंसी के किचन में मौजूद रहे। 
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Prayagraj Flood : प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
जो मुहल्ले प्रभावित हैं
 
सदर तहसील -47

कछार मऊ/सरैया, राजापुर देह माफी, असदुल्लापुर मो. बाद, बेली कछार, बेली उपरहार, बघाडा जहरूद्दीन, बघाडा बालन, मेहदौरी कछार, शिवकुटी, चांदपुर सलोरी उपरहार, सादियाबाद कछार, चिल्लापटटी, अराजी बारूद खाना कछार, आराजी जोधवल, अराजी बारूद खाना उपरहार, गोविंदपुर, चांदपुर सलोरी कछार, बकशी उपरहार, बक्शी कछार, बभन पटटी कछार, बराही पटटी कछार, मुस्तफा बाद मुंस्कसमा, सराय मौज उर्फ कीडगंज, बखतियारा, दरियाबाद, मेहदौरी उपरहार, म्योराबाद, नकौली कछार, कछार भिखी सराय, नकौली उपरहार, नेवादा, बम्रौली कछार, असरौली कछार, गोहटी कछार, गोहटी उपरहार, करैली, करैला बाग, मैनापुर, असरावलखुर्द, फतेहपूर घाट, उझिली पटटी, चकसेरखां, लखनपुर, आदमपुर मदारीपुर, जोंदवल एवं फुलवा।

फूलपुर -18 गांव

सोनौटी, बदरा, धोकरी, भदकार, लीलापुर, पुरे सूरदारपूर, कोहना, हवेलिया, बहादुरपूर, शेरडीह, उस्तापुर, महमूदाबाद, नीबीकला, छिबैया, ककड़ उपरहार, दुबावल, कोतारी एवं कालीकट।

करछना -08 गांव

देहली भगेसर, हथसरा, पनासा, पनासा उपरहार, भडेरा, कब्का, कचरी एवं खरकोनी।

सोरांव-08 गांव

फाफामऊ, गंगानगर,रंगपुरा, फतुपर, अकबरपुर गंगागंज, टिकरी, चपरी, सराय जयराम।

मेजा-12 गांव

झरियारी, अमिलिया खुर्द, इसौटा, मदरा, महेवा, समहन छतावा चौकी, परानीपुर, झरियारी, डेंगुपूर, बगहा एवं अमिलिया।

बारा-08 गांव

अमिलिया आमद चायल, कंजासा, घूरपुर, गोहरा तरहार, बिरवल, मझियारी, लालापुर एवं पूरे किन्नर।

हंडिया -06 गांव

बढौली, हरिहरपुर, इन्फवार, गोडरी, कसौधन एवं मवैया।

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Prayagraj Flood : प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
  • ऐसे परिवार जो राहत शिविर में निवास कर रहे -1747
  • ऐसे परिवार जो सुरक्षित स्थान पर निवास कर रहे -1747
  • बाढ़ शिविर में निवास कर रहे व्यक्तियों की कुल संख्या-7436
  • अन्य स्थान में निवास कर रहे व्यक्तियों की कुल संख्या-7436
  • केवल आवागमन प्रभावित-39 ग्राम / मोहल्ले

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Prayagraj Flood : प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

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Prayagraj Flood : प्रयागराज में बाढ़ का कहर जारी। - फोटो : अमर उजाला।
शहर के राजापुर, अशोक नगर, पत्रकार कॉलोनी, दारागंज, छोटा बघाड़ा आदि इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया। सर्वाधिक प्रभावित इलाका राजापुर और गंगा नगर का क्षेत्र  है। यहां मकान की एक तल तक पानी पहुंच गया है। 
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Prayagraj Flood : गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। - फोटो : अमर उजाला।
गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को भी बढ़ोत्तरी जारी रही। हालांकि गति कुछ कम हुई है, लेकिन स्थिरता नहीं आई है। गंगा से तेज यमुना नदी का प्रवाह है। 
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