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UP Flood: गंगा-यमुना का रौद्र रूप... खतरे के निशान से पार, सांसत में जान; 27 गांवों में चलानी पड़ी रहीं नावें

Sun, 03 Aug 2025 11:27 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज में गंगा और यमुना का रौद्र रूप जारी है। दोनों नदियों का जलस्तर 85 मीटर को पार कर गया है। जलस्तर में बढ़ोतरी अब भी जारी है और 2013 जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं। 
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UP Flood Alert - फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज में गंगा और यमुना ने शनिवार को चेतावनी बिंदु (84.73 मीटर) को पार कर रौद्र रूप धारण कर लिया है। देर शाम फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 85.06 और नैनी में यमुना का जलस्तर 85.14 मीटर रिकॉर्ड किया गया। इससे प्रयागराज के कछारी क्षेत्र में बसे 61 से अधिक मोहल्लों व गांवों की 50 हजार से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है।

प्रशासन की ओर से खोले गए 12 राहत शिविरों में करीब चार हजार बाढ़ प्रभावितों ने शरण ली है। चिंता की बात यह है जानकारों की ओर से अभी गंगा-यमुना का जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
 
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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
गंगा और यमुना में बाढ़ का सबसे अधिक कहर वर्ष 1978 में में देखा गया था जिसमें गंगा और यमुना 88 मीटर के करीब पहुंच गई थीं। इसके बाद वर्ष 2013 में एक बार फिर दोनों नदियों ने विकराल रूप धारण किया। हालांकि, तब अधिकतम जलस्तर 87 मीटर के करीब पहुंचा था। अब एक बार फिर गंगा-यमुना का बढ़ता जलस्तर शहरवासियों को डराने लगा है। 
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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
27 गांवों के हजारों लोगों को नावों का सहारा 
पिछले दो दिनों में तेजी से दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। इससे करीब एक हजार परिवारों को अपना आशियाना छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। इसके अलावा 27 गांवों के हजारों लोग नावों के सहारे आवागमन को मजबूर हैं।

 

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
प्रशासन की ओर से इसके लिए 125 से अधिक नावों की व्यवस्था की गई है जो नाकाफी साबित हो रही हैं। यही नहीं, बाढ़ के कारण दो दर्जन से अधिक स्कूलों में पठन-पाठन ठप हो गया है। इसमें एक दर्जन सरकारी स्कूल शामिल हैं, जहां प्रशासन की ओर से से राहत शिविर बनाए गए हैं। इसके अलावा कई अन्य सरकारी और निजी स्कूल भी बाढ़ की चपेट में हैं।
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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
गंगा-यमुना खतरे के निशान से पार सांसत में है बड़ी आबादी की जान
प्रयागराज में बाढ़ के बीच मम्फोर्डगंज स्लूज गेट में रिसाव की जानकारी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर देर रात सिंचाई विभाग, छह लेन पुल बनाने वाली एजेंसी के अफसरों के अलावा विधायक हर्षवर्धन बाजपेई भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों का कहना है कि किसी तरह के खतरे की बात नहीं है। हालांकि एहतियातन बालू से भरी बोरियां डालने का काम देर रात तक जारी रहा।

 
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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
देर रात सिंचाई विभाग और छह लेन पुल बनाने वाली एजेंसी के अधिकारियों के अलावा विधायक भी मौके पर पहुंचे
गंगा-यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण स्लूज गेट बंद कर दिया गया है। शनिवार को दिन में झमाझम बारिश के बाद देर शाम स्लूज गेट में रिसाव की सूचना आई। सिटिजन कमेटी के सदस्यों की सूचना पर देर रात शहर उत्तरी से विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, सिंचाई विभाग के अफसर, बाढ़ नियंत्रण की टीम, सिक्स लेन पुल बनाने वाली कंपनी के प्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए। 

 
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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
बताया जा रहा है कि मौके पर गेट की 25 चूड़ी घुमानी पड़ी। यह भी चर्चा रही कि कर्मचारियों ने ही थोड़ा गेट खोल दिया था जिसे बंद किया गया। गेट टेढ़ा होने की भी आशंका जताई जा रही थी। ऐसे में देर रात तक बालू भरी बोरियां डाले जाने का काम होता रहा। 
 

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
जलस्तर 85 मीटर के पार, 2013 जैसे बन रहे हालात
प्रयागराज में गंगा और यमुना का रौद्र रूप जारी है। दोनों नदियों का जलस्तर 85 मीटर को पार कर गया है। जलस्तर में बढ़ोतरी अब भी जारी है और 2013 जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि पीछे की तरफ पानी स्थिर हो गया है। ऐसे में रविवार शाम से दोनों नदियों के स्थिर होने की उम्मीद है।

 

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
यमुना नदी का जलस्तर शानिवार शाम चार बजे से पहले ही 85 मीटर के पार हो गया। वहीं, गंगा का जलस्तर भी शाम छह बजे से पहले 85 मीटर को पार कर गया। इनके अलावा टॉस, ससुरखदेरी समेत अन्य नदियां भी उफान पर हैं।

 

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
गंगा के अलावा शनिवार की सुबह यमुना के कछारी इलाकों की बस्तियों में भी बाढ़ का पानी भर गया। सैकड़ों परिवारों को राहत शिविर या अपने रिश्तेदारों के यहां जाना पड़ा। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, नदियों के उफान पर रहने की वजह से 61 गांव व मोहल्ले बाढ़ की चपेट में हैं। 

 

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
शहर में भी करीब चार दर्जन मोहल्ले पूरी तरह से बाढ़ में घिर गए हैं और करीब एक लाख परिवार प्रभावित हुए हैं। सिंचाई विभाग की शाम की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार कुछ कम हुई है। शनिवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार, फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटा तीन सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 

 

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
वहीं नैनी में यमुना के जलस्तर में घंटा चार सेमी की बढ़ोतरी हो रही थी। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता रमेश कुमार सिंह के अनुसार, दोनों नदियों में पीछे की तरफ जलस्तर स्थिर हो गया है। इसकी वजह से जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार में कुछ कमी आई है। 

 

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
उनका कहना है कि यदि बारिश नहीं होती है तो रविवार शाम से जलस्तर स्थिर होने की उम्मीद है। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह का कहना है टॉस नदी उफान पर है। टॉस के रुख पर निर्भर करेगा कि आगे बाढ़ की क्या स्थिति रहेगी।

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
गंगा-यमुना खतरे के निशान से पार
85.06 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर
85.14 मीटर पहुंचा यमुना का जलस्तर
84.738 मीटर है दोनों नदियों के खतरे का बिंदु
50 हजार से अधिक आबादी प्रभावित, 27 गांवों में चलानी पड़ रहीं नावें

 

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
प्रभावित वार्ड-मोहल्ले
61 से अधिक मोहल्ले और गांव अब तक बाढ़ में फंस चुके हैं।
40 वार्ड-मोहल्ले अकेले सदर तहसील के हो चुके हैं प्रभावित।
 

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
एडीएम स्तर के अफसरों को सौंपी गई शिविरों की जिम्मेदारी
एडीएम स्तर के अफसरों को शनिवार शाम शिविरों की जिम्मेदारी सौंप दी गई। एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा को एनी बेसेंट, एडीएम नजूल संजय पांडेय को कंपोजिट स्कूल नार्वल, एडीएम नागरिक आपूर्ति विजय शर्मा को केट मैरिज हॉल, सीआरओ कुंवर पंकज को ऋषिकुल स्कूल, बंदोवस्त अधिकारी संजीव कुमार को मेहबूब अली इंटर कॉलेज, एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह को सेंट जोसेफ गर्ल्स हाईस्कूल, एडीएम नमामि गंगे संजीव शाक्य को रीगल गेस्ट हाउस राजापुर, एडीमए प्रशासन पूजा मिश्रा को वाईएमसीए, सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार सिंह को स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज, जिला आबकारी अधिकारी सुशील मिश्रा को यूनिटी पब्लिक स्कूल करेली का प्रभारी बनाया गया है। 

 

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
प्रभारी डीएम सीडीओ हर्षिका सिंह ने शनिवार को इस बाबत आदेश जारी किया। इनके अलावा अलग-अलग विभाग के जिला स्तरीय अफसरों को एक-एक शिविर का नोडल अधिकारी बनाया गया है। नगर निगम और बिजली विभाग की ओर से भी सभी शिविरों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

 

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
अव्यवस्था की शिकायतों के बाद अफसरों ने लगाई दौड़
शिविरों में खाना देर से पहुंचने, उसकी गुणवत्ता और कई अन्य तरह की शिकायतें मिलने के बाद प्रशासनिक अफसरों की भी सक्रियता बढ़ गई। सांसद प्रवीण पटेल, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने निरीक्षण कर स्वयं शिविरों की व्यवस्था देखी। 

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प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
वहीं, सभी एडीएम और अन्य अफसर देर रात तक शिविरों व प्रभावित क्षेत्रों में डटे रहे। उन्होंने खड़े होकर खाना बंटवाया। सांसद ने ऋषिकुल स्कूल में व्यवस्था देखी। इस दौरान उनके साथ सीआरओ कुंवर पंकज भी मौजूद रहे। मंडलायुक्त देर रात तक तहसीलदार सदर के साथ निरीक्षण करते रहे। 

 

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प्रयागराज में बाढ़, राहत शिविरों में मौजूद बाढ़ पीड़ित। - फोटो : अमर उजाला।
अव्यवस्था की शिकायतों के बाद अफसरों ने लगाई दौड़
शिविरों में खाना देर से पहुंचने, उसकी गुणवत्ता और कई अन्य तरह की शिकायतें मिलने के बाद प्रशासनिक अफसरों की भी सक्रियता बढ़ गई। सांसद प्रवीण पटेल, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने निरीक्षण कर स्वयं शिविरों की व्यवस्था देखी। 

 

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प्रयागराज के कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी भरने से नाव चल रही है। - फोटो : अमर उजाला।
वहीं, सभी एडीएम और अन्य अफसर देर रात तक शिविरों व प्रभावित क्षेत्रों में डटे रहे। उन्होंने खड़े होकर खाना बंटवाया। सांसद ने ऋषिकुल स्कूल में व्यवस्था देखी। इस दौरान उनके साथ सीआरओ कुंवर पंकज भी मौजूद रहे। मंडलायुक्त देर रात तक तहसीलदार सदर के साथ निरीक्षण करते रहे। 
 
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कई मोहल्लों में भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला।
कौशाम्बी में यमुना का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन गांवों का कट गया संपर्क
कौशाम्बी में यमुना का जलस्तर बढ़ने से चायल और मंझनपुर तहसील के करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क कट गया है। इससे हजारों की संख्या में आबादी को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, 10 हजार बीघे से अधिक की फसलें जलमग्न हो गई हैं। पिपरहटा प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को बाढ़ का पानी घुसने से पठन-पाठन ठप पड़ गया। जिलाधिकारी ने बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

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