प्रयागराज। प्रधानमंत्री ने विभिन्न योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं एवं बच्चियाें संग वार्ता कर एक नया अध्याय लिखने के साथ उनके मन-मस्तिष्क पर भी अमिट छाप छोड़ी। प्रधानमंत्री की सहजता की कायल महिलाओं ने उन्हें अपने पिता तुल्य बताया। उनका कहना था, ‘लगा ही नहीं कि सामने प्रधानमंत्री हैं, वह पिता के रूप में नजर आए।’
सहारनपुर की शबाना परवीन बीसी सखी के प्रशिक्षण के दौरान गर्भवती थीं। कार्यक्रम में बच्चे को लेकर पहुंचीं शबाना के हौसले को बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने उनसे यह जानने की कोशिश की कि बच्चे को गोद में लेकर अपने काम कैसे कर लेती हैं। शबाना ने भी कहा, काम करना है। इसी सोच के साथ सबकुछ होता गया। सोनभद्र की गुलशन आरा, सपना मौर्या, औराई की सुषमा, बस्ती की कंचन आदि से प्रधानमंत्री ने सखियों के काम के बारे में पूछा। साथ ही ग्रामीण विकास में उनके योगदान को सराहा।