फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस खंगालेगी इलाहाबाद विवि के प्रोफेसर की सीडीआर, भेजी गई रिपोर्ट

Sat, 11 Apr 2020 01:08 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
1 of 3
Suspects kept in Kareli. - फोटो : prayagraj
इंडोनेशियाई नागरिकों को शाहगंज स्थित मुसाफिरखाने में ठहराने संबंधी आरोपों में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मो. शाहिद की भी जांच शुरू हो गई है। शाहगंज पुलिस उनके मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट खंगालने की तैयारी में है। जिसके लिए कंपनी को रिपोर्ट भेजकर सीडीआर मंगवाई गई है। 

शिवकुटी पुलिस ने एक दिन पहले इविवि के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर मो. शाहिद पर धारा 144 के उल्लंघन समेत अन्य आरोपेां में मुकदमा दर्ज किया था। दरअसल आठ मार्च की रात पुलिस अफसरों को जानकारी मिली थी कि प्रोफेसर भी दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में आयोजित तबलीगी जमात के जलसे में शामिल हुए थे। लेकिन वहां से लौटकर आने के बाद उन्होंने इसकी सूचना जिला प्रशासन को नहीं दी।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 3
prayagraj news - फोटो : prayagraj
साथ ही विवि में हुई परीक्षाओं में बतौर कक्ष निरीक्षक ड्यूटी भी की। पुलिस का यह भी कहना है कि जांच पड़ताल में यह भी बात सामने आई कि प्रोफेसर ने ही शाहगंज स्थित मुसाफिरखाने में छिपकर रहते मिले सात इंडोनेशियाई नगारिकों को वहां ठहराया था।

दिल्ली में मौजूद जमात के लोगों के माध्यम से ही उनका संपर्क इंडोनेशियाई नागरिकों से हुआ था। पुलिस अफसरों का कहना है कि इंडोनेशियाई नागरिकों पर शाहगंज थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान प्रोफेसर का भी नाम प्रकाश में लाया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि गया जाते वक्त ट्रेन में मौजूद इंडोनेशियाई नागरिकों का प्रोफेसर से संपर्क फोन के माध्यम से हुआ था। दरअसल गया में जला निरस्त होने के बाद इंडोनेशियाई नागरिकों ने मिर्जापुर में भी किसी से बात की लेकिन उसने भी उन्हें वहां आने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
Suspects kept in Kareli. - फोटो : prayagraj
इसके बाद जमात के लोगों के माध्यम से उन्होंने प्रोफेसर से संपर्क किया। जिसके बाद उन्होंने ही मुसाफिरखाने के मुतवल्ली वसीम से संपर्क कर इंडोनेशियाई नागरिकों को वहां ठहराया। ऐसे में पुलिस अब उनके सीडीआर खंगालने की तैयारी में जुट गई है। इस संबंध में टेलीकॉम कंपनी को रिपोर्ट भेजकर सीडीआर मांगी गई है। हालांकि इस मामले में पुलिस अफसर आधिकारिक रूप से सिर्फ इतना ही कह रहे हैं कि विवेचना जारी है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

छह दिन रहे थे यूथोपिया में

जांच में जुटी पुलिस को यह भी बात पता चली है कि प्रोफेसर पिछले साल तीन दिसंबर को यूथोपिया गए थे। इसके बाद नौ दिसंबर को वह दिल्ली आए और इसके अगले ही दिन शहर लौट आए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें