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एसआरएन अस्पताल में खुली ओपीडी, पहले दिन 452 मरीज देखे गए, 18 सर्जरी 

Fri, 11 Jun 2021 11:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • कोरोना काल में करीब दो महीने से बंद था सामान्य मरीजों का इलाज, चल्ड्रिेन, एमडीआई में रौनक
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एसआरएन में ओपीडी में मरीज को दिखाने पहुंचे लोग। अपनी बारी का इंतजार करते हुए। - फोटो : prayagraj
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में करीब दो महीने बाद सामान्य मरीजों के लिए ओपीडी सेवा शुरू की गई। कोरोना की दूसरी लहर के बाद पहले दिन शुक्रवार को विभिन्न विभागों की ओपीडी में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 452 मरीजों ने प्लास्टिक के पर्दे लगाकर बैठे विशेषज्ञों से परामर्श लिया। वहीं 18 मरीजों की सर्जरी भी की गई। मनोहर दास क्षेत्रीय नेत्र संस्थान (एमडीआई), सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय (चिल्ड्रेन) में भी रौनक रही। चिल्ड्रेन में 133 तथा एमडीआई में 248 मरीज देखे गए।

कोरोना संक्रमण प्रसार बढ़ने के साथ ही शासन के निर्देश पर एसआरएन, एमडीआई, चिल्ड्रेन अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं अप्रैल के प्रथम सप्ताह में स्थगित कर दी गई थीं। एसआरएन एलथ्री स्तर का कोविड अस्पताल बना था। अब संक्रमितों की संख्या कम होने के बाद कोविड मरीजों के लिए पीएमएसएसवाई सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक में व्यवस्था की गई है। कोविड वार्ड तक जाने के लिए अलग से बैरीकेडिंग कर रास्ता बनाया गया है। 

खुले विशेषज्ञों के कमरे, मरीजों को राहत

एसआरएन की मेडिसिन, पल्मोनरी(टीबी-चेस्ट), सर्जरी, गायनी, कॉर्डियोलॉजी समेत कई विभागों के ओपीडी कक्ष खुले। डॉक्टरों और मरीजों के बीच उचित दूरी का पालन कराने के लिए प्लास्टिक के पर्दे लगाए गए थे। इधर-उधर भटक रहे मरीजों को बड़ी राहत मिली। लोगों को मास्क लगाने की जरूरत बताते हुए कोविड से बचाव को जागरूक किया गया। एक बार में एक से दो मरीज ही कमरे में भेजे गए। वहीं कई ओपीडी कक्ष बंद ही रहे।

ईएंडटी विभाग की ओपीडी में मरीजों की लाइन दो बजे के बाद तक लगी रही। कौड़िहार से आए रामदीन पटेल ने बताया कि वह उलझन की दवा लेने आए हैं। होली से पहले जो दवा लिखी गई थी, वही खरीद कर काम चला रहे थे। उन्होंने बताया कि चार की जगह अब एक गोली रोज खाने की सलाह मिली है। कोरांव के हरदयाल कोल, हंडिया के सत्यदेव तिवारी आदि ने बताया कि कोरोना काल में संक्रमण का खौफ तो था ही, इलाज कराने की सुविधा ही नहीं मिल रही है। लोगों ने ओपीडी सेवा शुरू होने पर संतोष जताया।
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एसआरएन में ओपीडी में मरीज को दिखाने पहुंचे लोग। पर्चा बनवाते समय काउंटर पर भूले दो गज की दूरी। - फोटो : prayagraj

पर्चा बनवाने के लिए दूर-दूर खड़े होकर लगाई लाइन

एसआरएन की ओपीडी में परामर्श लेने पहुंचे मरीजों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने की व्यवस्था की गई थी। एसआईसी डॉ. अजय सक्सेना के मुताबिक लोगों को दूर-दूर खड़ा कराकर अलग-अलग काउंटरों पर एक बार में एक ही व्यक्ति को जाने दिया गया। इससे पहले हॉल और विशेषज्ञों के कमरों को सैनिटाइज कराया गया।

पैथालॉजी जांच, दवा वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार

करीब साठ दिन बाद ओपीडी सेवा शुरू होने से खून आदि की जांच कराने वालों की संख्या पहले दिन ज्यादा रही। वहीं दवा वितरण काउंटर के साथ अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोरों पर लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को ठेंगा दिखाया। लोग पहले जांच कराने और दवा लेने के दौरान कोरोना संक्रमण के खतरे से बेखबर दिखे।

चिल्ड्रेन के सभी बेड फुल, एमडीआई में आंखों की जांच

चिल्ड्रेन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मुकेश बीर सिंह के मुताबिक अस्पताल में पूरी तरह से शुक्रवार को ओपीडी सेवा शुरू की गई। कुल 133 मरीजों का इलाज किया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सभी बेड फुल हैं। यह स्थिति कोरोना काल में भी थी। प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि अगले कुछ दिनों में सभी विभागों में मरीजों का इलाज किया जाएगा। पहले दिन मरीज कम आए। उससे अधिक लोगों ने ऑनलाइन परामर्श लिया। अगले सप्ताह सामान्य तौर पर सेवाएं बहाल  हो जाएंगे।
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