फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच बिस्वा भूमि पर एक छोलदारी, भड़के तीर्थपुरोहित

Sun, 12 Jan 2020 01:17 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
1 of 10
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
सुविधाओं में कटौती पर तीर्थपुरोहितों में भी जबरदस्त गुस्सा है। शनिवार को प्रयागवाल सभा प्रयाग के तीर्थ पुरोहितों को मेला प्रशासन की ओर से छावनी संबंधित सुविधाएं तो जारी करने के बाद बैठक कर नाराजगी जताई गई। कहा गया कि तीर्थपुरोहितों-कल्पवासियों के लिए सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है। पांच बिस्वा भूमि आवंटन वाले तीर्थ पुरोहितों को एक छोलदारी और एक शौचालय दिया गया। तीर्थपुरोहितों माघ मेले में पहली बार सुविधाओं में व्यापक कटौती का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पांच बिस्वा भूमि पर कम से कम 10 छोलदारी और पांच शौचालय आवंटित करने की तीर्थपुरोहितों ने गुहार लगाई है। चेताया कि अगर उनकी नहीं सुनी गई तो वह सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।   
विज्ञापन

2 of 10
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
छोलदारी, शौचालय के अलावा न सुविधाओं में इस बार कटौती से संतों, तीर्थपुरोहितों में जहां गुस्सा है, वहींउनकी परेशानी भी बढ़ गई है। छावनी व शौचालय की पर्याप्त सुविधाएं सिर्फ बड़ी संस्थाओं व रसूखदार संतों को ही आवंटित की गई हैं। पौष पूर्णिमा स्नान तो किसी तरह गुजर गया, लेकिन अब मकर संक्रांति व मौनी अमावस्या पर तीर्थ पुरोहितों-संतों को कल्पवासियों और भक्तों के लिए अपनी ओर से इंतजाम करने पड़ेंगे।
विज्ञापन

3 of 10
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
प्रयागवाल तीर्थपुरोहित सभा के महामंत्री राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि भूमि के अनुसार सुविधा मिलने पर तीर्थपुरोहितों के एक शिविर पर 10 यात्रियों के ठहरने की की व्यवस्था की जा सकती थी। लेकिन, इस बार सुविधाओं में कटौती से अव्यवस्था पैदा हो गई है। तीर्थपुरोहित दिनकर पांडेय  विनय शर्मा ने मेला बसने के अंतिम दौर में तीर्थ पुरोहितों को अनुपयोगी आवंटित करने का भी आरोप लगाया। इस मौके पर सुभाष पांडेय, संतोष भारद्वाज, राजेश तिवारी, आशुतोष पालीवाल, राजेश पाठक, रामकृष्ण तिवारी, राम बाबू शर्मा, अनुज तिवारी, सुरेंद्र पांडेय, आद्या पांडेय, रसिक कृष्ण तिवारी, लवनीश तिवारी, विजय मिश्र, दिलीप मिश्र, राजा मिश्रा, उदय नारायण पांडेय, चंद्रनारायण पांडेय, त्रिवेणी प्रसाद मिश्र, माधव प्रसाद शर्मा, उपेंद्र शर्मा, बृजेश मिश्र, राजेश तिवारी, पप्पू, बृजेश पांडेय समेत तमाम तीर्थपुरोहित उपस्थित थे।

4 of 10
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
संगम पर वसंत पंचमी स्नान करेगी गंगा यात्रा

अविरल और प्रदूषण मुक्त गंगा के लिए बलिया से कानपुर के बीच निकलने वाली गंगा यात्रा के सदस्य वसंती पंचमी पर संगम स्नान करेंगे। पहले इसमें मुख्यमंत्री के शामिल होने की भी बात की जा रही थी, लेकिन मुख्य स्नान पर्वों पर प्रोटोकाल लागू नहीं होता। ऐसे में मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल हो पाएंगे इसे लेकर संशय बन गया है।
विज्ञापन

5 of 10
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
गंगा यात्रा 27 जनवरी को बलिया से चलेगी और 31 को जनवरी की शाम को पहुंचेगी। वहां गंगा यात्रा के सदस्य सभा को संबोधित करेंगे। फिर संगम आएंगे। यहां गंगा आरती में शामिल होंगे। फिर अगले दिन 30 जनवरी को संगम स्नान के बाद कौशाम्बी के लिए रवाना हो जाएंगे।  उधर, यात्रा के आगमन से पहले गंगा के किनारे के गांवों को सजाने तथा लोगों को जागरूक करने की कवायद तेज कर दी गई है। इस मकसद से शिक्षा, खेलकूद एवं युवा कल्याण, संस्कृति की ओर से खेलकूद, निबंध, वाद-विवाद, पेंटिंग आदि प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। आरोग्य मेले के आयोजन के साथ अलग-अलग विभाग की अन्य योजनाओं के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल ने शनिवार को गंगा यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अफसरों से अभी से तैयारी करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक सुजीत पांडेय पीडीए के उपाध्यक्ष टीके शिबू, नगर आयुक्त रवि रंजन, सीडीओ प्रेम रंजन सिंह समेत अनेक अफसर मौजूद रहे।
विज्ञापन

6 of 10
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
भूमि -सुविधा के लिए मेला दफ्तर की परिक्रमा कर थके संत-भक्त

प्रयागराज। पर्चियां जारी होने के बाद माघ मेले में संत-भक्त सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं। शनिवार को दिन भर मेला कार्यालय के काउंटर पर सुविधा के लिए भीड़ लगी रही। किसी को अभी तक जमीन नहीं मिली है तो कोई छोलदारी व कुर्सियों के लिए दौड़ लगा रहा है। संतों ने सुविधाओं में कटौती पर भी नाराजगी जताई है। भूमि विवाद केचलते काशी सुमेरु पीठाधीश्वर नरेंद्रानंद सरस्वती का शिविर नहीं लग सका है।
विज्ञापन

7 of 10
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
सुविधाओं के लिए प्रभारी मेलाधिकारी कार्यालय की लोग सुबह से शाम तक परिक्रमा कर रहे हैं। यह पहला मौका है जब भूमि व सुविधाओं का आवंटन न होने के बावजूद काशी सुमेरुपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती का शिविर नहीं लग सका है। उनकेलिए पहले सेक्टर -चार में पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद के शिविर केपास सुविधा पर्ची जारी की गई थी, लेकिन जब संत वहां शिविर लगाने पहुंचे तो कब्जा नहीं दिया गया। मेला सुमेरुपीठाधीश्वर के निजी सचिव ब्रजभूषण दास ने बताया कि अब सेक्टर-पांच में भूमि के लिए दूसरी सुविधा पर्ची जारी कर दी गई है, लेकिन वहां भी नापी नहीं कराई गई। ऐसे में इस बार उनका शिविर नहीं लग सकेगा। इसी तरह किन्नर अखाड़े के शिविर के लिए भी ओल्डजीटी के आगे हरिश्चंद्र-संगम लोवर मार्ग पर भूमि आवंटित की गई है, लेकिन शनिवार को भी सुविधा नहीं दी जा सकी। जबकि इस अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी रविवार को माघ मेला पहुंच रहे हैं। किन्नर अखाड़े के संतों ने ऐसी स्थिति में शिविर न लगाने की धमकी दी है। संतों का कहना है कि अभी तक 50 फीसदी संतों-भक्तों को सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं।

भूमि-सुविधा में किसी के साथ न भेदभाव किया गया है न कटौती की गई। जिस संस्था को जितनी सुविधा मिलती रही है, उतनी दी गई है। परेशान करने और सुविधा घटाने का आरोप निराधार है। रजनीश कुमार मिश्र, माघ मेलाधिकारी। 

8 of 10
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
रासलीला-रामलीला के मंचन की धूम,रेती पर भजन

अव्यवस्था के बीच शुरू हुए माघ मेला के दूसरे दिन शनिवार को संगम तट की छटा बदल गई। संतों-भक्तों के शिविरों में यज्ञ, हवन और सर्व मंगल की कामना से विविध अनुष्ठानों का दिन भर सिलसिला चला तो,भजनों की गूंज भी मचती रही। शिविरों में संतों के यज्ञ-सत्संग मंडपों में बैंडबाजा शहनाई की मंगल ध्वनि से रेती गुंजायमान हुई। भजन-सत्संग के बीच संतों-भक्तों की टोलियां भी अलग-अलग इलाकों से पहुंचती रहीं।

9 of 10
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
गंगा तट केदोनों किनारों पर तंबुओं की नगरी में शनिवार को हर कदम पर धार्मिक अनुष्ठान आरंभ हो गए। संतों-भक्तों का यह समागम देखते बन रहा है। जगदीश रैंप के पास खाक चौक में करीब चार सौ से अधिक खालसे गुलजार हो गए। सुबह इन शिविरों में बधाई गान के साथ सत्संग की शुरुआत हुई। महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा के शिविर में रुद्रमहायज्ञ में लोक मंगल और विश्व की शांति के लिए आहुति दी गई। वैदिक मंत्रोच्चार गूंजते रहे। इसी तरह खेड़ापति बालाजी आश्रम जयपुर वाले महामंडलेश्वर प्रेमदास महाराज के शिविर में रामनाम कीर्तन में सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया। संत-भक्त संकीर्तन की धुनों पर झूमते रहे। संगम नोज के पास अयोध्या मणिराम दास की छावनी सं नृत्य गोपाल दास के शिविर को अंतिम रूप दे दिया गया। इस शिविर में कल्पवासियों, संतों-भक्तों ने सत्संग-भजन आरंभ कर दिया है। उधर, त्रिवेणी मार्ग पर लवकुश मंदिर अयोध्या के संत रामकेवल दास के शिविर में श्रीमद भागवत कथा के बाद शाम को महाआरती में भजनों पर सैकड़ों कल्पवासियों और भक्तों ने पंडाल में नृत्य किया। यहां बैंडबाजा की धुनों पर भजनों की गूंज मचती रही। मोरपंखी मरध्वज शिविर में स्वामी ब्रजभूषण दास महाराज की मौजूदगी में वृंदावन की रासलीला मंडली ने भगवान कृष्ण की बाल लीला का मंचन किया। 
विज्ञापन

10 of 10
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
शंकराचार्य स्वरूपानंद के शिविर के लिए दलदल पाटने की मशक्कत

प्रयागराज। त्रिवेणी मार्ग पर द्वारिका-शारदा, ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिविर को अंतिम रूप देने की शनिवार को भी मशक्कत जारी रही। भूमि दलदल होने की वजह से जेसीबी लगाकर यहां रेत पाटी जा रही है। हालांकि रेत पाटने के साथ ही शिविर भी लगने शुरू हो गए हैं। भक्तों के अनुसार जल्द ही शंकराचार्य के शिविर में माघ मेले के अनुष्ठान आरंभ हो जाएंगे।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें