प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल के हॉस्टल में नर्सिंग छात्रा ने खुदकुशी कर ली। कौशाम्बी की रहने जीएनएम प्रथम वर्ष की छात्रा ने फंदा लगाकर जान दी। खुदकुशी से पहले उसने सुसाइड नोट भी लिखा।
प्रयागराज में जीएनएम प्रथम वर्ष की छात्रा प्रीति सरोज के परिजनों ने नर्सिंग स्कूल की साथी छात्राओं पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। चचेरे भाई अनुज का कहना है कि उसके कम सुनने की समस्या पर साथी छात्राएं मजाक उड़ातीं थीं। प्रीति ने इस बात की शिकायत परिजनों से भी की थी। इस पर उसे घरवालों ने समझा-बुझाकर पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहा था।
अनुज का यह भी कहना है कि प्रीति की बीमारी इतनी बड़ी नहीं थी कि वह आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाती। इसके पीछे की वजह मानसिक प्रताड़ना है। मौसा राम बाबू का कहना है कि वह खुद दूसरों को परेशानी से लड़ने का पाठ पढ़ाती थी। फिर वह कैसे आत्महत्या कर सकती है।
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विलाप करते छात्रा प्रीति सरोज के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी करेगा जांच
वहीं, दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच का निर्णय लिया है। मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. वत्सला मिश्रा का कहना है कि नर्सिंग छात्रा की खुदकुशी के मामले की जांच पुलिस कर रही है। लेकिन, एमएलएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन किसी भी पहलू को अनदेखा नहीं छोड़ना चाहता। इसलिए कॉलेज प्रशासन भी आंतरिक जांच शुरू करेगा। इसके लिए बृहस्पतिवार को बैठक में जांच टीम गठित की जाएगी। वहीं, छात्रा परिजनों ने कई आरोप नर्सिंग स्कूल प्रशासन पर लगाए हैं।
नर्सिंग कॉलेज में हैं 140 छात्राएं
एसआरएन परिसर में पोस्टमार्टम हाउस के पास स्थित नर्सिंग स्कूल में प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष की कुल 140 छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। तीन मंजिला हॉस्टल में 24 कमरे हैं। यहां पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के अलग-अलग बैच बनाए गए हैं। प्रथम में 47, द्वितीय में 53 और तृतीय वर्ष की 40 छात्राएं रहती हैं। प्रत्येक कमरे में चार से छह छात्राओं को एक साथ रखा जाता है। प्रथम वर्ष की छात्रा प्रीति दूसरी मंजिल के कमरा नंबर तीन में पांच छात्राओं के साथ रहती थी।
परिजनों के सवाल
1-फांसी वाली रस्सी कहां से आई?
2-कम सुनने और त्वचा रोग का कौन-कौन मजाक उड़ा रहा था?
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एसआरएन अस्पताल स्थित नर्सिंग हॉस्टल में छात्रा ने दी जान
- फोटो : अमर उजाला
एसआरएन अस्पताल के हॉस्टल में नर्सिंग छात्रा ने खुदकुशी की
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल स्थित नर्सिंग हॉस्टल में बुधवार सुबह जीएनएम प्रथम वर्ष की छात्रा प्रीति सरोज (20) ने पंखे पर फंदे से लटक कर जान दे दी। सुसाइड नोट में उसने लिखा कि कान और शरीर की खुजली की बीमारी से तंग आ चुकी हूं... भगवान ने बहुत दुख दिया है, इसलिए मौत को गले लगा रही हूं। छात्रा के चचेरे भाई अनुज सरोज ने खुजली का मजाक उड़ाने और ताने मारने के कारण खुदकुशी को मजबूर होने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
कौशाम्बी के संदीपनघाट थानाक्षेत्र के फरीदपुर की प्रीति के खुदकुशी करने की बात सुबह 10:15 बजे पता लगी। वह नर्सिंग हॉस्टल में रहकर जीएनएम की पढ़ाई कर रही थी। कमरे में कुल छह छात्राएं रहती थीं। इनमें चार छात्राएं महाशिवरात्रि पर मंदिर चली गईं थीं। एक सहेली साथ थी। सहेली के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे प्रीति ने उससे कहा कि पूरे शरीर में खुजली की दवा लगानी है।
तुम थोड़ी देर के लिए बाहर चली जाओ। इस पर वह छत पर कपड़ा फैलाने चली गई। करीब 15 बाद लौटी तो दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज लगाने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो सहेलियों और हॉस्टल प्रबंधन को सूचना दी। सबके धक्का लगाने पर खुला तो प्रीति पंखे पर नायलॉन की रस्सी से लटकी हुई थी। यह देख सभी सन्न रहे गए। उसे फंदे से उतार एसआरएन ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।