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कोटा से आए छह सौ से अधिक छात्र, कोरोना का होगा रैपिड टेस्ट

Sun, 19 Apr 2020 12:00 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Students trapped in Kota during the lockdown were brought to Prayagraj on Saturday night by special roadways bus. - फोटो : prayagraj
राजस्थान के कोटा जाकर इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कालेजों की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले यहां के छात्र-छात्राओं को शनिवार को वापस लाया गया। शाम तक छह सौ से अधिक विद्यार्थी पहुंच गए थे। विशेष बसों से उन्हें लाए जाने का क्रम देर रात तक जारी रहा। सभी छात्र-छात्राओं का कोरोना रैपिड टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए 1600 से अधिक जांच किट मंगाई गई है। किट पहुंचने के बाद देर रात से जांच भी शुरू हो गई थी। रिपोर्ट  नेगेटिव आने के बाद ही उन्हें होम क्वारंटीन किया जाएगा। तब तक विद्यार्थियों को यहां के 28 गेस्ट में रखने की व्यवस्था की गई है।
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Students trapped in Kota during the lockdown were brought to Prayagraj on Saturday night by special roadways bus. - फोटो : prayagraj
यहां के बड़ी संख्या में विद्यार्थी कोटा में जाकर प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, जो लॉकडाउन में वहां फंस गए। अब प्रदेश सरकार के आदेश पर उन्हें यहां लाया जा रहा है। उनके साथ अभिभावकों को भी लाया जा रहा है। पहले सभी को झांसी और आगरा में लाया गया और वहां से संबंधित जिलों के लिए भेजे गए हैं।

प्रयागराज मंडल के सभी विद्यार्थियों को पहले यहां लाया जा रहा है। झांसी से चले 600 से अधिक विद्यार्थी देर शाम को यहां पहुंच गए। आगरा से चली बसों के यहां देर रात तक पहुंचने की उम्मीद है। कुल 1500 से अधिक विद्यार्थियों के आने की उम्मीद है। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी का कहना है कि सभी का टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए लखनऊ से किट मंगा ली गई है। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद सभी को सीधे घर भेजा जाएगा। इस दौरान उनके रिश्तेदारों को गेस्ट हाउस में आने की अनुमति नहीं होगी।
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Students trapped in Kota during the lockdown were brought to Prayagraj on Saturday night by special roadways bus. - फोटो : prayagraj

राजस्थान से आए बच्चों से होगी रैपिड टेस्ट की शुरुआत 

रैपिड टेस्ट से भी अब कोरोना संक्रमण की जांच कराई जाएगी। इसके लिए 15 स्वास्थ्य टीमों को लगाया गया है। जांच की शुरुआत राजस्थान के कोटा से बड़ी संख्या में आए बच्चों से की जाएगी। यह जानकारी शनिवार को सीएमओ डॉ. जीएस बाजपेयी ने दी। बताया, जांच के लिए लखनऊ से किट मंगाई गई है। इन बच्चों को जहां कवारंटीन किया जाएगा, वहीं पर टीमें जाकर रैपिट टेस्ट करेंगी।
सीएमओ ने बताया कि अभी तक केवल आरटी-पीसीआर जांच ही मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में हो रही है। लेकिन, अब रैपिड टेस्ट की भी शुरुआत की जाएगी।
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Students trapped in Kota during the lockdown were brought to Prayagraj on Saturday night by special roadways bus. - फोटो : prayagraj
यह एक प्रकार से रैंडम सर्वे होगा, जिससे महामारी के प्रसार का पता लगाया जाना आसान हो जाएगा। इसके बाद खासकर जहां कोरोना के मामले सामने आए हैं या किसी इलाके में संक्रमण की स्थिति बन रही है तो उसका पता लगाया जा सकता है। बताया, रैपिड टेस्ट दो तरह का होगा। एक तो आईजीएम, जिसके जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि संक्रमित मरीज मेें विषाणु हाल ही में आए हैं और जांच के दूसरे तरीके आईजीजी जांच से यह पता चलेगा कि संक्रमण कितने दिन पुराना है।

इससे महामारी के ट्रेंड का पता चल सकेगा और उपयुक्त कदम उठाया जा सकेगा। अगर रैपिड टेस्ट पॉजिटिव आता है तो भी आरटी-पीसीआर की जांच कराई जाएगी। सीएमओ ने बताया कि राजस्थान से आ रहे बच्चों में किसी टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने पर उसे 14 दिनों के लिए क्वारंटीन में रखा जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से इसकी तैयारी की गई है। 
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