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महास्नान: ध्वस्त हुए अनुमान, लागू करना पड़ा इमरजेंसी प्लान, तस्वीरें कर देंगी हैरान

Mon, 04 Feb 2019 09:00 PM IST
देव कश्यप आलोक श्रीवास्तव, अमर उजाला, प्रयागराज
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mauni amavasya crowed
मौनी अमावस्या पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने सारे अनुमान ध्वस्त कर दिए। जिसका नतीजा यह हुआ कि मेला व जिला पुलिस को आननफानन में ट्रैफिक का इमरजेंसी प्लान लागू करना पड़ा। मेला पुलिस ने छह नंबर आपातकालीन योजना का सहारा लिया तो जिला पुलिस ने होल्ड अप प्लान के जरिए भीड़ को नियंत्रित किया। मेला प्रशासन की ओर से मौनी अमावस्या पर करीब तीन करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान जताया गया था।
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हालांकि प्रशासन के दावों के अनुसार ही शाम तक करीब पांच करोड़ लोगों ने स्नान किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मेला व जिला प्रशासन की ओर से ट्रैफिक के संबंध में बनाई गईं योजनाएं फेल हो गईं। हालात यह हुए कि दोनों स्तरों पर पुलिस को सामान्य योजनाओं को किनारे करते हुए इमरजेंसी प्लान लागू करना पड़ा। आपातकालीन योजना लागू करने के बाद ही भीड़ को नियंत्रित किया जा सका और तब जाकर पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली।
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मेला पुलिस ने ऐसे नियंत्रित की स्थिति
श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला दो दिन पहले से ही शुरू हो गया था। हर बीतते पल के साथ भीड़ बढ़ती ही जा रही थी। हालांकि रविवार सुबह 11 बजते-बजते श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते संगम एरिया लगभग चोक होने की स्थिति में आ गया। मेला अफसरों ने बताया कि हालात यह थे कि संगम नोज पर पांव रखने की भी जगह नहीं थी। यही वजह रही कि आननफानन में 11.30 बजे के करीब इमरजेंसी प्लान छह का इस्तेमाल किया गया।

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बता दें कि मेला पुलिस की ओर से आपाकालीन स्थितियों से निपटने के लिए कुल 14 आपातकालीन योजनाएं बनाई गईं थीं। छह नंबर प्लान के तहत जीटी जवाहर चौराहे से मेला क्षेत्र में आ रहे श्रद्धालुओं को झूंसी की ओर डायवर्ट किया गया। इसके बाद उन्हें झूंसी साइड से मेले में प्रवेश दिया गया।
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इसके चलते भीड़ को मेला क्षेत्र में पहुंचने में वक्त लगा और इसी वक्त में मेला क्षेत्र के भीतर मौजूद लोगों को स्नान कराकर बाहर निकाल दिया गया। एसपी मेला नीरज पांडेय ने बताया कि पहले एक नंबर आपातकालीन योजना को लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत भीड़ को कुछ देर के लिए मेला क्षेत्र के आसपास घुमाया जाना था। लेकिन चर्चा के बाद छह नंबर योजना लागू की गई।
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जिला पुलिस ने अपनाया होल्ड अप प्लान
स्नान के बाद श्रद्धालुओं की वापसी का सिलसिला वैसे तो सुबह से ही शुरू हो गया था लेकिन दोपहर में इसमें तेजी आई। नतीजा यह हुआ कि दोपहर एक बजे के करीब-करीब जंक्शन व प्रयाग स्टेशन के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इससे लीडर रोड व यूनिवर्सिटी रोड लगभग जाम हो गईं। उधर स्टेशन परिसर भी श्रद्धालुओं से पट गए। भीड़ का दबाव पहले प्रयाग स्टेशन पर बढ़ा।
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लखनऊ, फैजाबाद, प्रतापगढ़ की ओर जाने वालों का कारवां प्रयाग स्टेशन जाने के लिए बढ़ा। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले स्टेशन व फिर लल्ला चुंगी चौराहे पर ट्रैफिक रोक दिया। बात नहीं बनी तो बालसन चौराहे पर भी बैरिकेडिंग कर दी गई। इसके बावजूद भीड़ को नहीं रोका जा सका। जिसके बाद पुलिस ने इमरजेंसी होल्ड अप प्लान लागू किया। इस प्लान के तहत यूनिवर्सिटी रोड, लक्ष्मी चौराहे पर बैरिकेडिंग कर प्रयाग स्टेशन तक जाने वाले रास्ते को ब्लॉक कर दिया गया।

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साथ ही भीड़ को कुछ देर के लिए इधर-उधर घुमाया गया। स्टेशन पर जगह बनने पर कुछ-कुछ देर के लिए रास्ता खोला गया। उधर जंक्शन पर भीड़ बढ़ने पर खुसरोबाग व जानसेनगंज चौराहे पर श्रद्धालुओं को रोक दिया गया। इससे लीडर रोड व खुसरोबाग से पानी की टंकी ओवरब्रिज तक जाम जैसी स्थिति हो गई।
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खुसरोबाग पर तो हाल यह रहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वायरलेस पर सूचना प्रसारित कर कई थानों की फोर्स बुलाई गई। तब जाकर हालात काबू में हुए। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि प्रयाग स्टेशन व जंक्शन पर भीड़ का दबाव बहुत ज्यादा होने पर इमरजेंसी प्लान का इस्तेमाल किया गया।
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