फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किन्नर अखाड़े ने भरी जय श्रीराम की हुंकार, शाही स्नान में गूंजा मंदिर निर्माण का जयघोष

Mon, 04 Feb 2019 07:13 PM IST
kapil kumar पंकज प्रसून, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
1 of 5
Kinnar Snan
डमरू बजाकर, त्रिशूल घुमाकर, दंड उठाकर और गंगाजल में भीगी हुई जटाओं को लहराकर संतों और नागा संन्यासियों ने मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाई। अमावस के इस शाही स्नान पर इस बार कुछ नया भी नजर आया, जिसने कतारबद्ध होकर हाथ जोड़े खड़े श्रद्धालुओं में भी जोश भर दिया। संत और नागा संन्यासी अपने इष्ट देवताओं की आराधना के साथ ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भी जयकारे लगा रहे थे। 
विज्ञापन

2 of 5
kinner akhara
संतों और नागा संन्यासियों की टोलियों से जब जयश्रीराम के नारे गूंजते तो श्रद्धालुओं की तरफ से इस नारे को दोनों हाथ उठाकर बोला जाता। लोगों में रोमांच उस समय और भर आया जब किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने रथ पर खड़े होकर पूरे जोश में जयश्रीराम का नारा लगाया। यह सिर्फ एक बार नहीं हुआ। सुबह ६ बजे से लेकर दोपहर बाद तक जब-तक शाही स्नान चलता रहा, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर शंखनाद होता रहा। बीच-बीच में मीडिया वालों की तरफ से ली जाने वाली बाइट में भी संतों ने जोर देकर कहा अगला कुंभ अयोध्या में भव्य राम मंदिर की आरती और पूजन के साथ ही शुरू होगा।
विज्ञापन

3 of 5
mauni amavasya
राम मंदिर निर्माण को लेकर संघ, विहिप, अखाड़ों की राय भले ही अलग-अलग हो, लेकिन हर कोई अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण चाहता है। इसके लिए कुंभ क्षेत्र में स्नान करने पहुचे श्रद्धालुओं का भी इस मामले में साथ मिल रहा था। जैसे-जैसे जय श्रीराम का शंखनाद तेज होता जाता, आसमान में उड़ रहे हेलीकाप्टर से उसी रौ में फूलों की वर्षां भी होती रही। इस दृष्य को देखकर आम श्रद्धालु अनायास ही कह उठते थे, लगता है इस बार फिर केंद्र में मोदी सरकार आ सकती है।

4 of 5
Laxmi Narayan tripathi
लोग यह भी कहते सुने गए कि योगी सरकार ने इस बार कुंभ को भव्य बनाने के पीछे जो भी रणनीति बनार्ई हो, उसमें वह कुछ हद तक सफल होते दिख रहे हैं। अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर ब्रह्मचारी कैलाशानंद महाराज के रथ के साथ चल रहे श्रद्धालु जयकारे के बीच बड़े आकार के डमरूओं को इस अंदाज में बजा रहे थे, जैसे कह रहे हों कि अब शंखनाद हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
mauni amavasya
सिर्फ नागा संन्यासियों में ही नहीं बैरागी अखाड़ों, खालसा के संतों में भी अयोध्या सिर चढ़कर बोल रही थी। भले ही कोई मध्य प्रदेश से हो, दक्षिण भारत के राज्यों से हो लेकिन जब भी जय श्रीराम के नारा लगता तो सभी अपने रथ पर खड़े हो जाते थे। यहां तक संगम में पहुंचकर डुबकी लगाते समय भी जय श्रीराम का नारा गूंज रहा था। 

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें