वीआईपी प्रोटोकॉल को लेकर दिए गए निर्देश बेअसर साबित हो गए हैं। प्रशासनिक वाहनों की आड़ में वीआईपी स्नान का खेल चल रहा है। आम श्रद्धालुओं के लिए बाइक की एंट्री भी बंद है। पैदल चलने पर भी नियम हैं।
महाकुंभ में आम श्रद्धालुओं की नाराजगी व वीआईपी प्रोटोकॉल को लेकर दिए गए दिशानिर्देशों के बावजूद अफसर गंभीर नहीं हो रहे हैं। हाल यह है कि पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के पदनाम लिखी गाड़ियों से दिनभर मेला क्षेत्र में कुछ खास लोग फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं।
पैदल आवागमन की सुविधा न होने वाले मार्गों पर भी बेधड़क दौड़तीं ये गाड़ियां आम श्रद्धालुओं को ठेंगा दिखा रही हैं। शासन ने पहले ही मुख्य स्नान पर्वों पर वीआईपी प्रोटोकॉल पर रोक लगा दी थी। मौनी अमावस्या हादसे के बाद इसे लेकर और सख्ती की गई। माघी पूर्णिमा के बाद से अब कोई प्रतिबंध लागू नहीं रह गया है। लेकिन, आम लोगों के लिए दोपहिया लेकर जाना अब भी मेले में बेहद कठिन है।
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महाकुंभ नगर सुहतिया बाग से चुंगी तक लगा भीषण जाम
- फोटो : ओपी वाधवानी संवाद
तमाम रास्तों पर बैरिकेडिंग है। आम श्रद्धालुओं के लिए इन बाधाओं को पार करना आसान नहीं है। इसके उलट प्रशासनिक वाहनों की आड़ में वीआईपी स्नान का खेल लगातार चल रहा है। पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के पदनाम लिखी प्राइवेट ही नहीं, बल्कि सरकारी गाड़ियों से भी कुछ खास लोग स्नान घाट तक फर्राटा भर रहे हैं।
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वीआईपी स्नान
- फोटो : संवाद
यह वाहन उन मार्गों पर भी दौड़ रहे हैं, जिन पर आम श्रद्धालुओं का पैदल चलना भी प्रतिबंधित है। शुक्रवार को दिनभर ऐसी गाड़ियां मेला क्षेत्र में दौड़ती रहीं। इनमें से कुछ की तस्वीरें हमारे कैमरे में कैद भी हुईं।
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वीआईपी स्नान
- फोटो : संवाद
सीन एक
स्थान: वीआईपी घाट
समय: दोपहर 1:14 बजे
वीआईपी घाट पर पहुंची इस गाड़ी पर सामने के शीशे पर एसडीएम के साथ ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट भी लिखा था। इस पर लाल-नीली बत्ती के साथ हूटर भी लगे थे। गाड़ी रुकते ही कुछ लोग नीचे उतरे और वीआईपी घाट की ओर बढ़ गए।
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वीआईपी स्नान
- फोटो : संवाद
सीन दो
स्थान: वीआईपी घाट
समय: दोपहर 1:29 बजे
यह एक बोलेरो गाड़ी थी, जिसके अगले व पिछले शीशे पर एसडीएम लिखा था। इसमें चालक के बगल वाली सीट पर एक पुलिसकर्मी बैठा था। दोपहर में यह वीआईपी घाट पर आकर रुकी। इसमें से बीच व पीछे वाली सीट से महिला स्नानार्थी उतरीं।
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वीआईपी स्नान
- फोटो : संवाद
सीन तीन
स्थान: वीआईपी घाट
समय: दोपहर 1:40 बजे
नीली बत्ती लगी यह एक सरकारी बोलेरो थी। इस पर सामने के शीशे पर अपर आयुक्त (प्रशासन) मंडल प्रयागराज लिखा था। गाड़ी में एक पुलिसकर्मी भी था। गाड़ी रुकते ही पुलिसकर्मी नीचे उतरकर बीच वाला दरवाजा खोला और फिर इसमें से उतरे लोगों को लेकर वीआईपी घाट की ओर चल दिया।
सरकारी संग प्राइवेट गाड़ियों में भी लाल-नीली बत्ती और हूटर
वीआईपी स्नान के लिए मेले में एक और खेल चल रहा है। यहां सरकारी के साथ ही कई प्राइवेट गाड़ियां भी लाल-नीली बत्ती व हूटर लगाकर दौड़ाई जा रही हैं। प्रशासनिक मार्ग से लेकर संगम व वीआईपी घाट तक यह गाड़ियां धड़ल्ले से दौड़ती नजर आती हैं। तीन दिन पहले इंडियन ऑयल लिखी एक ऐसी ही होंडा अमेज गाड़ी प्रशासनिक मार्ग पर दौड़ती नजर आई थी, जिस पर हूटर के साथ ही लाल-नीली बत्ती लगी थी।