Prayagraj News : माघ मेला।
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गंगा जल हुआ गंदा, प्रशासन की नजर में सब ठीक
गंगा नदी में भूरे जल की शिकायत बृहस्पतिवार को भी रही। इस तरह की शिकायतें मिलने पर मंडलायुक्त संजय गोयल ने गंगा नदी में मिल रहे नालों के पानी के शोधन की समीक्षा की। अफसरों ने बताया कि जिले में कुल 76 नाले हैं। इनमें से 16 नालों का पानी एसटीपी में शोधन के बाद गंगा में जाता है। वहीं 60 नालों के पानी के शोधन की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। नगर निगम विभिन्न तकनीकी से इनका शोधन कराता है। इसके बाद पानी गंगा में जाता है। अफसरों ने इन नालों के पानी की जांच रिपोर्ट भी पेश की। रिपोर्ट के अनुसार पानी स्नान योग्य है।
हालांकि, मंडलायुक्त ने पानी को और साफ किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने 60 नालों की रैंडम सैंपलिंग कर दो दिन में जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के भी निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने शोधन प्रक्रिया से जुड़ी संस्थाओं का भुगतान किए जाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम के अफसरों को हर एक दिन बाद गंगा जल की जांच करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने नालों के किनारे बसे लोगों के लिए जागरूक अभियान चलाने की भी बात कही। ताकि, लोग नालों में कूड़ा न फेंके।