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प्रयागराज : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समस्याओं का अंबार, खाना-पानी-दवा तक का नहीं हो पा रहा इंतजाम

Sun, 28 Aug 2022 07:50 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

चांदपुर सलोरी के उमेश यादव का कहना था, ‘शाम  होते ही अंधेरा हो जाता है। विषैले जंतुओं का डर सताने लगता है। पिछले वर्ष प्रशासन तथा संस्थाओं की ओर से राशन, सब्जी, दूध, मोमबत्ती आदि वस्तुएं उपलब्ध कराई गईं थीं लेकिन इस बार कोई नहीं आया।
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Prayagraj News : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
सलोरी का कैलाशपुरी मोहल्ला। यहां मकान चारों तरफ से बाढ़ के पानी में घिर गए हैं। हर तरफ गंदगी का अंबार है। तीन दिनाें से यहां ऐसे ही हालात हैं। अलग-अलग मकानों में कुछ लोग एवं बच्चे प्रथम तल के छज्जे पर खड़े हैं। दिन में करीब डेढ़ बजे एनडीआरएफ की टीम पहुंचती है तो लोगों में उम्मीद जगती है कि राशन, पानी आदि की समस्या अब कुछ हद तक दूर होगी। इसी उम्मीद में अन्य मकानों में भी लोग कमरों से बाहर आ जाते हैं।


हालांकि, उन्हें निराशा होती है। एनडीआरएफ की टीम फंसे तथा बीमार लोगाें को निकालने के लिए पहुंची थी। बाढ़ प्रभावित सभी इलाकों में लोगों का यही हाल है। मदद के इंतजाम में लोग टकटकी लगाए रहते हैं लेकिन आखिरकार निराशा ही हाथ लगती है। बाढ़ में फंसे शिवम दुबे, सुधा दुबे का कहना था, ‘तीन दिनों से फंसे हैं। कोई मदद के लिए नहीं आया। नाव भी नहीं आई। इसकी वजह से तीन दिनों से घर से ही निकल पाए हैं। पानी, अनाज, सब्जी आदि का पहले से इंतजाम किए थे लेकिन सबकुछ खत्म होने लगा है।
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Prayagraj News : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
’पास के दूसरे मकान के मनीष यादव ने बताया कि शिविर में गए थे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके अलावा चोरी का डर है। पुलिस का कोई इंतजाम नहीं है। घर को कैसे छोड़ दें। कुछ दूर आगे बढ़ने पर शुक्ला लॉज तथा सचान नर्सिंग होम के पास तो और बुरी स्थिति है। एक छत पर खड़े कुछ बच्चे आवाज लगाते हैं, ‘कुछ खाना है क्या?’ उनका कहना था कि पापा किसी तरह से बाहर जाकर सामान लाते हैं तब खाना बनता है।
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Prayagraj News : प्रयागराज में बाढ़ की रफ्तार बढ़ने से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए बाध्य - फोटो : अमर उजाला।
चांदपुर सलोरी के उमेश यादव का कहना था, ‘शाम  होते ही अंधेरा हो जाता है। विषैले जंतुओं का डर सताने लगता है। पिछले वर्ष प्रशासन तथा संस्थाओं की ओर से राशन, सब्जी, दूध, मोमबत्ती आदि वस्तुएं उपलब्ध कराई गईं थीं लेकिन इस बार कोई नहीं आया। इससे मुश्किलें और बढ़ गईं हैं।’ तीन दर्जन से अधिक मोहल्लों में बाढ़ में फंसे लोगों का बस इतना ही दर्द नहीं है, उन्हें पल-पल पल-पल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके सामने मुश्किल यह कि पूरे जीवन की गृहस्थी चोरों तथा बाढ़ के हवाले कैसे छोड़कर चले जाएं।

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Prayagraj News : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
मोबाइल स्विच ऑफ, अपनों से टूटा संपर्क
चौतरफा बाढ़ में घिरे चांदपुर सलोरी के मनीष यादव छत पर इधर-उधर टहल रहे हैं। पूछने पर बताते हैं, ‘दो दिनों से बिजली नहीं है। इसकी वजह से ऑफ हो गया है। अपनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।’सलोरी के रोहित तिवारी अपने बेटे के साथ बाहर जाने के लिए नाव का इंतजार कर रहे हैं। रोहित बताते हैं, ‘सलोरी में ही मेरे रिश्तेदार रहते हैं, जहां अभी पानी नहीं पहुंचा है। एक को छोड़कर अन्य मोबाइल तथा इमरजेंसी लाइट लेकर बेटा उनके घर जाएगा। वहां मोबाइल एवं इमरजेंसी लाइट चार्ज करेगा। मैं इतने देर तक सब्जी तथा अन्य सामान ले लेंगे।’ रोहित का कहना था कि आसपास के लोग भी इसी तरह से अपनी जरूरतों को पूरी कर रहे हैं।
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Prayagraj News : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
लोगों ने लगातार की शिकायत लेकिन कोई सुनवाई नहीं, संक्रमण का खतरा

प्रयागराज। बाढ़ में फंसे लोगों के सामने गंदगी के बीच बीमारी से बचने की भी चुनौती है। बाढ़ में दर्जनों पशु मर गए हैं और सड़ रहे हैं। इसके अलावा बस्तियों में जगह-जगह गंदगी का अंबार लग गया है। मुश्किल यह कि लगातार शिकायतों के बाद भी बाढ़ के पानी में सड़ रहे जानवरों को नहीं हटाया जा रहा।


शनिवार को सलोरी के शुक्ला लॉज के पास एक मरा जानवर सड़ रहा था। पानी के बहाव की वजह से गंदगी घरों में जा रही थी। स्थानीय लोगों ने वहां पहुंचने वाले नाविकों से जानवर को हटाने के लिए कहा। लोगों का कहना था कि नगर निगम के कर्मचारियों से भी इसकी शिकायत की लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली।


सलोरी की ही अन्य बस्तियों में तीन और जगह मरे जानवर सड़ रहे थे, गंदगी का भी ढेर था लेकिन लोगों की शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस तरह की स्थिति बाढ़ में डूबी कई अन्य बस्तियों में भी है और बीमारी फैलने का खतरा बन गया है।
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Prayagraj News : बाढ़ का पानी बस्तियों में प्रवेश कर गया है। - फोटो : अमर उजाला।
टापू बना घर, आठ भैंसों संग 10 लोग फंसे
चांदपुर सलोरी में संदीप यादव का एक तल का मकान है और उसमें ऊपर तक पानी भर गया है। वह इलाका भी पूरी तरह से बाढ़ के पानी में घिर गया है। बस घर के सामने एक ऊंचा स्थान है, जो टापू बन गया है। संदीप का 10 लोगों का परिवार अपनी भैंसों संग उसी टापू पर है लेकिन रात तक उसके भी डूबने की आशंका है। संदीप का कहना था कि  ईश्वर शरण कॉलेज में बने शिविर में बात हुई है। जानवरों संग पूरा परिवार वहीं जाएगा।
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Prayagraj News : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
योगेश मौर्य ने किया निरीक्षण, बांटी राहत सामग्री
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पुत्र योगेश मौर्य ने शनिवार को एनडीआरएफ की टीम के साथ बघाड़ा, सलोरी आदि मोहल्लों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत सामग्री भी वितरित की। पैकेट में ब्रेड, केला, पानी की बोतल, बिस्किट आदि खाद्य सामग्री थी।

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Prayagraj News : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
एनडीआरएफ की टीम बनी सहारा लेकिन राह में हैं चुनौतियां
बाढ़ में फंसे लोगों के लिए एनडीआरएफ की टीम उम्मीद के रूप में सामने आई है। सदस्यों ने शनिवार को छह लोगों को बाहर निकाला। साथ ही दवाइयों आदि का वितरण किया। एनडीआरएफ की ओर से शुक्रवार को भी 20 लोगों को रेस्क्यू किया गया था।


तैयारी के लिए आए चांदपुर सलोरी में फंसे इंदल और अरुण कुमार ने अपने रिश्तेदार की मदद से एनडीआरएफ के कमांडर बृजेश कुुमार तिवारी से संपर्क किया। इसके बाद तत्काल पहुंचकर टीम ने इन छात्राें के अलावा दो अन्य लोगों को बाहर निकाला। इसी तरह से निरीक्षण के दौरान मनीष सिंह ने सदस्यों को गुहार लगाई और एनडीआरएफ की मदद से बाहर निकलने में सफल रहे।

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Prayagraj News : करेली के जेके नगर में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। - फोटो : अमर उजाला।
एनडीआरएफ की तरह से इस तरह से रेस्क्यू अभियान लगातार जारी रहा लेकिन अचानक कोई हादसा हो जाए तो तत्काल राहत पहुंचाने की चुनौती एनडीआरएफ के सामने भी है। बाढ़ क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए मल्लाहों ने हर तरफ जाल बिछा रखा है, जिसमें एनडीआरएफ की बोट के फंसने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा बाढ़ के पानी में घिरी बस्तियों में तैर रहे प्लास्टिक के फंसने से भी नाव के संचालन में बाधा हो रही है।

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Prayagraj News : पत्रकार कॉलोनी में बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला।
सपा ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
सपा नेताओं ने शनिवार को बाढ़ से प्रभावित फाफामऊ के सीताकुंड, सरायजैराम, गोड़वा, अकबरपुर, गंगागंज आदि गांवों का निरीक्षण किया। पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव ने कहा कि पीड़ितों के लिए नाव से लेकर केरोसिन तक की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। सिर ढकने के लिए त्रिपाल तक नहीं उपलब्ध है। जानवर भूखे मर रहे हैं। उन्होंने ये सारे इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान पूर्व सांसद धर्मराज सिंह पटेल, पूर्व विधायक अंसार अहमद, अमरनाथ मौर्य, दूधनाथ पटेल, सूर्यदीप यादव अद मौजूद रहे। 

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Prayagraj News : खतरे के निशान के ऊपर बह रहीं गंगा और यमुना। - फोटो : अमर उजाला।
128 नावें लगीं लेकिन नाकाफी
प्रशासन की ओर से बाढ़ फंसे लोगों की मदद के लिए 128 नावें लगाए जाने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन नाकाफी साबित हो रही है। बघाड़ा, सलोराी, राजापुर आदि क्षेत्रों में नाव नहीं पहुंचने की शिकायत आम रही। प्रशासन की ओर से उपलब्ध सूची के अनुसार शहरी क्षेत्र के छोटा बघाड़ा में 16, सलोरी में 13, राजापुर में 17, मेंहदौरी में आठ, बेली-करैलाबाग-कीटगंज-बक्शी खुर्द में तीन-तीन नावें लगाई गईं हैं। इनके अलावा फूलपुर तहसील में 28, मेजा में छह, करछना में 19, बारा में तीन, हंडिया में दो, सोरांव में चार नावें लगाई गईं हैं।

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Prayagraj News : पत्रकार कॉलोनी में घरों में भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला।
100 से अधिक गांव बाढ़ में घिरे
प्रयागराज। गंगा, यमुना, टोंस आदि नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की वजह से 100 से अधिक गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। ये गांव चारों तरफ से घिरकर गए हैं। कई गांवों का तो अन्य क्षेत्रों से संपर्क भी टूट गया है और नाव ही एकमात्र सहारा है। फूलपुर तहसील के बदरा, सोनौटी, पालीकरनपुर, छिबैया, नीबीकला, धोकरी उपरहार, मेजा में बरसैता नाला, अमीलिया खुर्द, झडियाही, इसौटा, करछना के मनैया, देहली भगेसर, महेवा, हंडिया के बढौली, फाफामऊ में लक्ष्मीनगर, गंगापुर आदि क्षेत्रों में बाढ़ का अधिक प्रकोप है।

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Prayagraj News : प्रयागराज में तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद, सर्वे शुरू
प्रयागराज। प्रभावित इलाकों में सैकड़ों एकड़ फसल भी पानी में डूब गई है। नदियों के किनारे निचले इलाकाें में सब्जियों की बड़े पैमाने पर खेती होती है। ऐसे में बाढ़ में डूबने से पूरी फसल सड़ गई है। इसके अलावा खरीफ फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग की ओर से फसलों के नुकसान के आकलन के लिए सर्वे शुरू किया गया है। जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्य ने बताया कि इसके लिए तीन टीमें लगाई गईं हैं।

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Prayagraj News : तेजी से बढ़ रहा है गंगा और यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
गांवों में पहुंची बाढ़, नहीं मिली राहत सामग्री

यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। क्षेत्र के बीरबल, कैनुवा, कंजासा, सेमरी तरहार सहित गई गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। इन गांवों में प्रशासन की ओर से अब तक राहत सामग्री नहीं पहुंचाई गई है। 


सेमरी तरहार गांव के संतोष निषाद, छोटे लाल निषाद, घनश्याम, श्रीपत, रामराज निषाद, खगराज निषाद, दिलीप निषाद ने बताया किे हमारे घरों में पानी पहुंच गया है। परंतु अभी तक प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं मिली है। साथ ही बीरबल, कंजासा आदि गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से हाहाकार मचा है। ग्रामीण अपने घरों से निकल कर तहसील प्रशासन द्वारा बनाए गए शरणालय में पहुंच रहे हैं।
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Prayagraj News : जुगाड़ तकनीक से लोगों को बाढ़ से निकाला जा रहा है बाहर। - फोटो : अमर उजाला।
एसडीएम बारा शुभम सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए तहसीलदार बारा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही तहसील कर्मियों के अलावा बीडीओ शंकरगढ़ व जसरा, सीएचसी अधीक्षक जसरा व शंकारगढ़ को पत्र जारी किया गया है। बाढ़ राहत शिविरों तथा चौकियों पर राजस्वकर्मियों के साथ चिकित्सकों की टीम व ब्लॉक के कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। अगर कोई भी कर्मचारी इस विषम परिस्थिति में बिना सूचना दिए ड्यूटी से नदारद मिला तो कठोर कर्रवाई की जाएगी। 
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