magh mela prayagraj
- फोटो : प्रयागराज
इस दौरान घाटों पर हल्दी-चंदन केटीके भी लगते रहे और समूहों में महिलाएं गंगा-यमुना और सूर्यदेव के गीत भी गाती रहीं। कल्पवास करने वाली महिलाओं ने सुख, समृद्धि, आरोग्य की कामना से तटों पर मां गंगा की सविधि पूजा की। इस दिन भानु व रथ सप्तमी होने की वजह से श्रद्धालुओं ने आयु, आरोग्य व संपत्ति की प्राप्ति के एि भगवान सूर्य की आराधना की। त्रिवेणी तट पर दुग्धाभिषेक के साथ दीपदान भी होता रहा। कल्पवासियों के शिविरों में दिन भर पूजा, अनुष्ठानों का क्रम चला। संतों के शिविरों में विविध अनुष्ठान किए गए।