फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रयागराज में अचला सप्तमी पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई पुण्य की डुबकी

Sun, 02 Feb 2020 12:00 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
1 of 5
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
अचला सप्तमी पर शनिवार को लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। स्नान के साथ रेती पर लगे संतों-भक्तों और कल्पवासियों के शिविरों में यज्ञ हवन के साथ अनुष्ठान किए गए। इसी के साथ माघ मेले के अनुष्ठानों की पूर्णाहुतियां भी हुईं। दोपहर बाद से संतों की टोलियां विदा होने लगी। इस तिथि पर सुख-समृद्धि के लिए श्रद्धालुओं ने संगम स्नान के साथ घाटों से लेकर शिविरों और यज्ञशालाओं में भी सूर्योपासना की।
विज्ञापन

2 of 5
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
संगम पर अचला सप्तमी की डुबकी शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही लगने लगी। संगम नोज समेत गंगा के 20 स्नान घाटों पर दिन भर संतों-भक्तों की भीड़ लगी रही। चाहे राम घाट हो या काली घाट हर जगह खचाखच श्रद्धालु भरे रहे। स्नान के साथ वस्त्र और अन्न का दान भी होता रहा। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर श्रद्धालुओं ने संगम पर दिन भर दान और ध्यान किया। एक तरफ स्नानार्थियों की भीड़ आ रही थी, तो दूसरी ओर लोग शिविरों से रवाना भी हो रहे थे। इस वजह से संगम जाने वाले रास्तों के अलावा पांटून पुलों पर आस्थावानों की दिन भर लंबी कतारें लगी रहीं। पुत्र की प्राप्ति और रक्षा के लिए संतान सप्तमी का व्रत भी महिलाओं ने रखा।
विज्ञापन

3 of 5
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
इस दौरान घाटों पर हल्दी-चंदन केटीके भी लगते रहे और समूहों में महिलाएं गंगा-यमुना और सूर्यदेव के गीत भी गाती रहीं। कल्पवास करने वाली महिलाओं ने सुख, समृद्धि, आरोग्य की कामना से तटों पर मां गंगा की सविधि पूजा की। इस दिन भानु व रथ सप्तमी होने की वजह से श्रद्धालुओं ने आयु, आरोग्य व संपत्ति की प्राप्ति के एि भगवान सूर्य की आराधना की। त्रिवेणी तट पर दुग्धाभिषेक के साथ दीपदान भी होता रहा। कल्पवासियों के शिविरों में दिन भर पूजा, अनुष्ठानों का क्रम चला। संतों के शिविरों में विविध अनुष्ठान किए गए।

4 of 5
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद भुवनेश्वर रवाना, अफसरों ने दी विदाई

प्रयागराज। अचला सप्तमी पर संगम में स्नान और ध्यान के बाद गोवर्धनपुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती शिविर से विदा हो गए। ब्रह्म मुहूर्त में उन्होंने शिष्यों और दंडी सन्यासियों के अलावा भक्तों के साथ संगम में डुबकी लगाई। दोपहर दो बजे शिविर से शंकराचार्य नंदन कानन एक्सप्रेस से भुवनेश्वर के लिए रवाना हुए। विदाई के समय डीएम भानुचंद्र गोस्वामी व प्रभारी मेलाधिकारी रजनीश मिश्र समेत कई अफसर मौजूद थे। अगले वर्ष भव्य एवं दिव्य माघ पर्व महोत्सव के लिए अफसरों ने शंकराचार्य से मार्गदर्शन भी प्राप्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
अचला सप्तमी पर संतों-भक्तों ने किया वस्त्र दान

प्रयागराज। अचला सप्तमी पर शनिवार को माघ मेला के संत शिविरों में अनुष्ठानों की पूर्णाहुतियां हुईं। संतों-कल्पवासियों के शिविरों में दिन भर अन्न-वस्त्र दान का सिलसिला चला। संतों के शिविरों में भंडारे चलते रहे। प्रसाद पाने के लिए शिविरों से लेकर सड़कों की पटरियों तक लंबी कतारें लगी रहीं।

त्रिवेणी मार्ग स्थित द्वारका-शारदा, ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती केशिविर में अचला सप्तमी पर हुए भंडारे में सैकड़ों संन्यासियों और भक्तों ने हिस्सा लिया। शंकराचार्य के शिष्य श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने व्यवस्था संभाली। शंकराचार्य शिविर के सामने मां बगला मुखी के उपासक तंत्र साधक आलोक चंद्र पांडेय के शिविर में धूने पर पूर्णाहुति की गई। इसके बाद भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। संगम नोज के पास मणिरामदास छावनी अयोध्या के महंत नृत्य गोपाल दास के शिविर में भंडारे में प्रसाद पाने के लिए लाइन लगी रही।

दंडी स्वामी नगर में अखिल भारतीय दंडी स्वामी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम के शिविर में भी शाम को सैकड़ों संन्यासियों को प्रसाद वितरित किया गया। अन्न के साथ वस्त्र दान की होड़ मची रही। अपर संगम मार्ग स्थित ओम वाहिगुरु ऋषि आश्रम के शिविर के अन्नक्षेत्र में सुबह ही लाइन लग गई। देर शाम तक संतों-साध्वियों के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसी मार्ग पर ओम नम: शिवाय के शिविर में भी दिन भर अन्न क्षेत्र में संतों-भक्तों का तांता लगा रहा। गंगा पार खाक चौक में बालाजी आश्रम के शिविर में महामंडलेश्वर प्रेमदास महाराज की ओर से संतों-भक्तों को पूड़ी-सब्जी परोसी गई। सेक्टर पांच स्थित दंडी स्वामी नगर के अन्नक्षेत्र स्वामी डूंग जी महाराज संस्थान भूरा मठ के शिविर में भंडारे के बाद कंबल वितरित किया गया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें