Tisra Shahi Snan
शैव अखाड़े वसंत पर डुबकी के बाद काशी के लिए विदा हो जाएंगे क्योंकि उनका कुंभ पर्व काशी में ही पूरा होगा। लेकिन, रवानगी से पहले संन्यासियों के अखाड़ों की छावनी में ‘कढ़ी-पकौड़ी’ का भोग प्रसाद बनेगा जिसे लेकर ही संन्यासी अखाड़े काशी की राह पकड़ेंगे। इसके तहत पंचदशनाम जूना अखाड़ा, आवाहन अखाड़ा, पंचायती अखाड़ी श्री निरंजनी, तपोनिधि आनंद अखाड़ा, महानिर्वाणी अखाड़ा, अटल अखाड़े के संत अपने देवता संग काशी कूच करके होली तक वहीं रुकेंगे।