फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kumbh 2019: बेमौसम की बारिश लाई आफत, हर तरफ कीचड़-फिसलन, परेशान हुए कल्पवासी

Fri, 15 Feb 2019 04:44 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
1 of 5
Rain in kumbh
पहाड़ों पर बर्फबारी, ढीले पड़े पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसमी उठापटक  परेशानी का कारण बन गई। बृहस्पतिवार को गरज चमक के साथ रुक-रुक कर हुई बैमौसम की बारिश कुंभ मेला क्षेत्र में आफत बन गई है। कल्पवासियों के टेंट टपक रहे हैं। कीचड़ से बढ़ी फिसलन के कारण चकर्ड प्लेटों पर चलना मुहाल रहा। सड़कों पर भी दोपहिया वाहन चालकों को खासी दिक्कत हुई। बृहस्पतिवार सुबह से ही लगातार तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर बारिश कर हो रही है।
विज्ञापन

2 of 5
Rain in kumbh
बादलों का डेरा बुधवार से ही है। रात में गरज चमक के साथ हुई बारिश के बाद बृहस्पतिवार को भी बादल किश्तों में बारिश कराते रहे। कभी तेज तो कभी धीमा पानी परेशानी का कारण बना। शहरी इलाकों में सड़कें-गलियां मिट्टी-गंदगी से फैले कीचड़ से सनी रहीं। यही हाल मेला क्षेत्र का रहा, जहां हर सेक्टर में कीचड़ फिसलन बनी रही।
विज्ञापन

3 of 5
Rain in kumbh
सर्वाधिक दिक्कत कल्पवासी बाड़ों में रही। सेक्टर नौ, दस, ग्यारह, 12, 13, 14 और 15 में कल्पवासियों के टेंट बारिश के पानी से टपकने लगे। कुछ ने प्लास्टिक डालकर बचाव किया लेकिन अधिकांश सामान और बिस्तर भीगने से मायूस हुए। खाली हुए शिविरों में तो हाल और खराब हो गया। वहां रुके इक्का दुक्का लोग गीले पुवाल पर दौड़ते भागते रहे। संगम नोज सहित अन्य घाटों पर भी पुवाल भीगने से किचकिच बनी रही।

4 of 5
Rain in kumbh
ई...दईउ भी मानत नाहीं.......
74 वर्षीय सहदेई संगम स्नान कर कुरिया पहुंचीं तो पानी टपकने से बिस्तर और सामान गीला हो चुका था। परेशाम सहदेई ने माथा पकड़ लिया। बोलीं, हे राम...अब का करि,   ई...दईउ भी मानत नाहीं....... । इसी तरह रामचरित और पत्नी के साथ दस वर्ष से कल्पवास कर रहे हरिप्रकाश ने बताया कि शुक्रवार को भंडारा है, बारिश में कैसे पकाएंगे और कैसे प्रसाद बांटेंगे, भगवान जानें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Rain in kumbh
बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई गलन, पारा बिदका
पश्चिमी विक्षोभ की जाते-जाते सक्रियता और बर्फीली हवाओं का गठजोड़ गलन बढ़ा गया। वहीं न्यूनतम पारा बिदकते हुए दस से छलांग लगाकर 14.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बावजूद इसके ठंड कड़क रही। जो लोग भीगे उनकी हड्डियां और नसें अकड़ गईं। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। ओले पडऩे से भी इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा ने बताया कि वासंतिक ऋतु के आगमन का बारिश स्वागत कर रही है। धूप तेज होने से ऐसे आसार बने थे, वही हुआ। पश्चिमी विक्षोभ ढीला पड़ रहा है। अब गरज चमक के साथ हल्की बारिश के आसार बने हैं। अगले एक से दो दिन में स्थितियां सामान्य हो जाने की उम्मीद है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें