पानी में कभी न डूबने वाले पत्थर के बारे में बताया जा रहा है कि इस तरह के पत्थरों से भगवान राम ने रामेश्वरम में सेतु का निर्माण कराया था। लोग इसे भगवान की महिमा मानकर जहां पूजन-अर्चन कर रहे हैं। वहीं चढ़ावा चढ़ाने वालों की भी संख्या कम नहीं है। दिन भर जूना अखाड़ा शिविर के बाहर लोगों का जमावड़ा लगा रहता है।