शंकराचार्य सुमेरूपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद्र सरस्वती अपना श्रृंगार स्फटिक की मालाओं से करते हैं। उनका कहना है कि स्पटिक एक ऐसी धातु हैं, जिसमें किसी भी देवी, देवता का मंत्र जपा जा सकता है। यह ऐश्वर्य, वैभव का प्रतीक भी है। इसका वैज्ञानिक पक्ष भी है। यह शीतलता और ऊर्जा देता है।