योग गुरु बाबा रामदेव ने मंगलवार को शक्ति कुंभ शी ग्लोबल समिट के समापन अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि, यत्र नार्यश्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता अर्थात जहां नारी की पूजा होती है, वहां ईश्वर वास करते हैं। हम अनंतकाल से नारी पूजा करते आ रहे हैं। मातृ शक्ति का संबोधन इसका जीता जागता उदाहरण है। हम भारत में वह दिन देखना चाहता हैं, जहां पर महिला नहीं, पुरुष सशिक्तकरण की बात हो।