Naga Sadhu
अखाड़ा परंपरा में अच्छी तरह रम जाने के बाद अखाड़ा के कर्ताधर्ता एक बार उसको सामाजिक दुनिया में लौट जाने की सलाह देते हैं लेकिन, जब वह अडिग रहता है तब उसे अगले कुंभ में नागा संन्यासी बनाने के लिए ले जाया जाता है। नागा संन्यासी सिर्फ प्रयाग, हरिद्वार, उज्जैन एवं नासिक कुंभ में ही बनाए जाते हैं। देश भर के संन्यासियों को नागा बनाने के लिए कुंभ में ही एकत्रित किया जाता है। सभी सन्यासी अखाड़ों में नागा दीक्षा की परंपरा करीब-करीब एक ही है।