प्रयागराज में नशे के विवाद में टोकने पर बार एसो. के पूर्व अध्यक्ष के भतीजे की हत्या कर दी गई। जांच और मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद प्रथम दृष्टया पुलिस ने वारदात का खुलासा किया है। पत्रकार लक्ष्मी नारायण द्वारा दोस्त के बेटे साहिल को नशे से रोकने पर आरोपी विशाल ने वारदात को अंजाम दिया।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंह के चचेरे भतीजे लक्ष्मी नारायण सिंह उर्फ पप्पू की हत्या के मामले में प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने कारण का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, पप्पू के दोस्त बबलू की पत्नी विजेता अपने बेटे साहिल को नशा करने से रोक रही थी जबकि साहिल का दोस्त व मुख्य आरोपी विशाल उसे नशे के लिए ले जाना चाहता था। इसी दौरान मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मी एलएन सिंह के हस्तक्षेप से नाराज आरोपी विशाल ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
जांच में पता चला कि हर्ष होटल के पास रहने वाला बबलू और मीडियाकर्मी एलएन सिंह अच्छे दोस्त थे, इसलिए एलएन सिंह का अक्सर बबलू के घर पर आना-जाना था। दूसरी ओर यहीं का रहने वाला आरोपी विशाल और बबलू का बेटा साहिल आपस में मुंह बोले मामा-भांजे हैं।
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शकुंतला कुंज निवासी पत्रकार एलएन सिंह के घर के बाहर मौजूद पुलिस कर्मी, घर के बाहर पसरा सन्नाटा
- फोटो : पुलिस
विजेता और विशाल के बीच कई बार बहसबाजी भी हुई
बताया जा रहा है कि विशाल नशे का आदी है और आए दिन साहिल को भी नशा कराने ले जाता था। इस बात की जानकारी साहिल की मां विजेता को हो गई। इसे लेकर विजेता और विशाल के बीच कई बार बहसबाजी भी हुई। घटना के एक दिन पहले भी दोनों में जमकर विवाद हुआ।
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पत्रकार की हत्या करने वाला बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल।
- फोटो : अमर उजाला।
आसपास के लोगों ने किसी तरह से मामला शांत करवाया। इसके बाद बृहस्पतिवार रात विशाल का साहिल के पास फोन आया और वह उसे नशा करने के लिए अपने पास बुलाने लगा। इन्कार करने के बावजूद बार-बार फोन आने पर साहिल ने अपनी मां विजेता को बताया।
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स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंह सहित अन्य लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
थोड़ी देर में नशे की हालत में विशाल साहिल के घर पहुंचा और उसे अपने साथ ले जाने के लिए जबरदस्ती करने लगा। इसी बात को लेकर विजेता और विशाल में कहासुनी हो गई।
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पत्रकार एलएन सिंह की फाइल फोटो और बेटा राज नारायण सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पप्पू के पेट में कई बार चाकू से किया वार
तभी मौके पर पहुंचे एलएन सिंह ने हस्तक्षेप किया तो मामला और बढ़ गया। इससे गुस्साए आरोपी विशाल ने एलएन सिंह ऊर्फ पप्पू के पेट में कई बार चाकू से वार किया। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी वहां से फरार हो गया।
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पत्रकार एलएन सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी बोला, मुझे मारा तो मैंने भी मार दिया...
पकड़े गए आरोपी विशाल ने पूछताछ में बताया कि उसने नशे में घटना को अंजाम दिया है, उसने पुलिस को अपना सिर दिखाते हुए बोला कि विवाद के दौरान पप्पू ने पहले हमला किया था, जिससे सिर पर गंभीर चोट आई, इसलिए मैंने भी मार दिया। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस ने मां-बेटे को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद मृतक एल.एन. सिंह के बेटे राज नारायण सिंह सहित अन्य परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो भाइयों में बड़े थे लक्ष्मी नारायण
मूलरूप से गाजीपुर के थाना सादात गांव डहरमौवा-कौड़ा के रहने वाले लक्ष्मी नारायण सिंह उर्फ पप्पू दो भाइयों में बड़े थे। उनके भाई अमिताभ सिंह पुणे में रहते हैं जबकि पिता आरडी सिंह की कोरोना काल के दौरान मौत हो चुकी है, वह एयरफोर्स से सेवानिवृत्त थे। पप्पू पिछले कई वर्षों से धूमनगंज के अलका विहार कॉलोनी में बेटे राज नारायण (22) और पत्नी सरिता सिंह के संग रहते थे। वह वर्ष 2005 में केबल डिश का कारोबार करते थे लेकिन बाद में व्यापार चौपट होने के बाद एक निजी समाचार चैनल से जुड़ गए थे जबकि बेटा राज नारायण बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद धूमनगंज स्थित एक इंस्टीट्यूट से ग्राफिक डिजाइनिंग का कोर्स कर रहा है।
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डॉ. अजयपाल शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
प्रयागराज के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में धरना स्थल पुलिस चौकी से महज 150 व थाने से 500 मीटर की दूरी पर मीडियाकर्मी लक्ष्मी नारायण सिंह (48) की चाकू से गोदकर हत्या ने कमिश्नरेट पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह वारदात सिविल लाइंस जैसे शहर के सबसे पॉश इलाके में हुई जहां दिनभर भीड़भाड़ रहती है और वीवीआईपी मूवमेंट आम बात है।
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अशोक सिंह, पूर्व अध्यक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ी बात यह है कि घटनास्थल के पास स्थित थाने के पास ही एडिशनल डीसीपी नगर का कार्यालय भी है। इसके बावजूद हमलावरों ने बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया जबकि अन्य आरोपी फरार हैं। बता दें कि तीन दिन पहले ही धूमनगंज में संविदा रोडवेज बस चालक रावेंद्र कुमार उर्फ मुन्नू की ईंट से हमला कर हत्या कर दी गई थी। शहर में एक के बाद एक हो रहीं हत्या की वारदातों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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राज नारायण सिंह, बेटा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या के 24 घंटे बाद भी पत्नी नहीं देख सकी मीडियाकर्मी पति का चेहरा
मीडियाकर्मी लक्ष्मी नारायण सिंह की हत्या के बाद शुक्रवार को उनके घर के बाहर चार पुलिसकर्मी तैनात रहे। अंदर से पत्नी के रोने की आवाज आती रही। घटना के 24 घंटे बाद भी पत्नी अपने पति का चेहरा नहीं देख पाई। पड़ोसियों के अनुसार लक्ष्मी नारायण सिंह की पत्नी सदमे में हैं। कभी चुपचाप बैठ जाती हैं तो अगले ही पल पति को पुकारते हुए बिलखने लगती हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
लक्ष्मी नारायण सिंह ही परिवार का सहारा थे। पड़ोसी सेवानिवृत्त एयरफोर्सकर्मी आरएस त्रिपाठी ने बताया कि एलएन सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ रहते थे। वह स्वभाव से बहुत ही अच्छे थे। जब भी मिलते तो मुस्कुरा कर ही बात करते थे। वहीं बाजार के रहने वाले एक कपड़ा व्यवसायी ने बताया कि एलएन सिंह भैया लोगों की बहुत मदद करते थे। करीब तीन दिन पहले ही वह उनकी दुकान पर बेटे के लिए कपड़े लेने पहुंचे थे। दुकानदार ने उनसे कहा था कि दिवाली के उपलक्ष्य में व्यापारी उन्हें सम्मानित करना चाहते हैं। जल्द ही यह आयोजन होना था लेकिन उससे पहले ही एलएन भैया साथ छोड़ गए।
डॉ. अजयपाल शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी विशाल पर हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे का आदी है। नशे के विवाद को लेकर ही हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है। डॉ. अजय पाल शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त