फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रधान बंदीरक्षक हत्याकांड: बेटे ने जताया संदेह, जेल की काली कमाई समेत कई पहलुओं को खंगाल रही एसटीएफ

Sat, 29 Dec 2018 09:18 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
विज्ञापन
1 of 8
Jail Warder Murder
जेल के प्रधान बंदीरक्षक की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। जिससे पुलिस अधीक्षक लगातार पूछताछ कर रहे हैं। उससे पूछताछ के बाद पुलिस घटना की कड़ी जोड़ने में जुटी हुई है। शूटर की तलाश में पुलिस ने संभावित स्थानों पर दबिश दी, लेकिन पहुंचने के पहले ही उसने अपना ठिकाना बदल दिया था। शनिवार को जेल में निरुद्ध बंदियों व उनसे मिलने जुलने वालों का ब्योरा एसटीएफ खंगालती रही। 
 
विज्ञापन

2 of 8
Jail Warder Murder
जेल में तैनात प्रधान बंदीरक्षक हरिनारायण त्रिवेदी की गुरुवार की शाम जेल रोड क्रासिंग पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रधान बंदीरक्षक की हत्या करने के बाद दोनों नकाबपोश बदमाश कंधई की ओर भाग निकले थे। दो दिन से लगातार कोतवाली व स्वाट टीम संदिग्ध बदमाशों की धरपकड़ में जुटी हुई थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो गैस एजेंसी लूटने वाले बदमाशों से पूछताछ के बाद पुलिस को प्रधान बंदीरक्षक की हत्या करने वाले शूटरों व उनके मददगारों के बारे में जानकारी लग गई।
विज्ञापन

3 of 8
Jail Warder Murder
पुलिस ने घटना में शामिल एक बदमाश को दबोच लिया। उसे कर्रा करने पर यह पता चला कि प्रधान बंदीरक्षक की हत्या किसने की। उसे ही हत्या का राज भी मालूम है। पुलिस ने शूटर को पकड़ने के लिए शुक्रवार की रात जाल भी बिछाया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। हालांकि संभावित स्थानों पर पुलिस पकड़े गए बदमाश की निशानदेही पर दबिश पर दबिश देती रही। दूसरी ओर एसटीएफ व कोतवाली पुलिस ने जेल में खूंखार बंदियों के साथ ही 10 दिन के भीतर उनसे मिलने वाले लोगों का ब्यौरा खंगालती रही। ताकि घटना की असलियत तक पहुंच सके। पुलिस अधीक्षक एस आनंद लगातार पकड़े गए बदमाश से पूछताछ कर रहे हैं। एसपी ने बताया कि अभी कुछ संदिग्ध लोग पकड़े गए हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है। संभावना है कि जल्द ही हत्या का खुलासा होगा। 

4 of 8
Jail Warder Murder
800 से अधिक निरुद्ध हैं बंदी 
जिला कारागार में क्षमता से अधिक बंदी निरुद्ध हैं। कारागार में बंदियों को रखने की क्षमता 456 है। मौजूदा समय में जेल में 826 बंदी निरुद्ध हैं। उनकी सुरक्षा के लिए मानक से कम बंदीरक्षक तैनात हैं। केवल 27 बंदीरक्षकों से काम चलाया जा रहा है। गैर जनपद स्थानांतरित बंदीरक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है। प्रभारी जेल अधीक्षक आरपी चौधरी ने बताया कि गैर जनपद से स्थानांतरित बंदीरक्षकों के न आने के कारण 6 बंदीरक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया गया। 
विज्ञापन

5 of 8
Jail Warder Murder
कई चक्र हो रही बैरकों की छानबीन 
जिला कारागार में निरुद्ध शातिर बंदियों से लगातार पूछताछ चल रही है। इतना ही नहीं दिन व रात में कई बार बैरकों की सघन तलाशी ली जा रही है। शातिर बंदियों से पुलिस के अलावा खुद जेलर व डिप्टी जेलर भी पूछताछ कर रहे हैं। ताकि घटना को लेकर हकीकत का पता लग सके। शनिवार को भी कार्यालयों में बुलाकर शातिर बंदियों से अफसर पूछताछ करते रहे। बैरक नंबर आठ में निरुद्ध सभी बंदियों से अलग-अलग पूछताछ की गई। ताकि पहले हुए विवाद की जानकारी हो सके। 
विज्ञापन

6 of 8
Jail Warder Murder
जेल की काली कमाई भी बन सकती है प्रधान बंदीरक्षक के हत्या की वजह 
जिला कारागार में अवैध कमाई भी प्रधान बंदीरक्षक की हत्या की वजह हो सकती है। इस दिशा में पुलिस व एसटीएफ की छानबीन तेज हो गई है। बंदियों से मुलाकात से लेकर उन्हें जेल के भीतर सुविधाएं मुहैया कराने के रेट भी फिक्स हैं। जिसे लेकर बंदीरक्षकों के बीच अक्सर खींचतान की बातें सामने आती रहती थीं। विरोध करने वाले बंदियों पर जुल्म भी ढाया जाता रहा है। 

 
विज्ञापन

7 of 8
Jail Warder Murder
जिला कारागार में तैनात प्रधान बंदी रक्षक हरिनारायण त्रिवेदी की बुधवार की शाम जेल रोड क्रासिंग पर बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद बदमाश भाग निकले थे। प्रधान बंदी रक्षक की हत्या के बाद पुलिस विभाग में सनसनी फैल गई। आईजी जोन, डीआईजी जेल से लेकर एसटीएफ के एसपी भी जेल पहुंच गए। परिवार के लोगों से बातचीत के बाद घटना के सिलसिले में जानकारी की। सूत्रों की मानें तो जिला कारागार में 8 सौ से अधिक बंदी निरुद्ध हैं। जेल में निरुद्ध बंदियों को रुपये लेकर सुविधाएं मुहैया कराई जाती है। यहां तक कि बंदियों से मिलने के लिए पहुंचने वाले मुलाकातियों से भी भीतर तक पहुंचने के लिए 50 से 70 रुपये तक ले लिए जाते हैं। जिसके बाद वे अपनों से मुलाकात कर पाते हैं। हर माह लाखों रुपये की आमदनी के चलते मेन गेट व भीतर के गेट पर ड्यूटी के लिए बंदीरक्षकों के बीच घमासान मचा रहता था। प्रधान बंदी रक्षक हरिनारायण त्रिवेदी कई सालों से गेट से लेकर बैरकों की ड्यूटी लगाया करते थे। वह खुद अधिकांश ड्यूटी करते थे। हत्या की छानबीन में जुटी पुलिस व एसटीएफ भी आशंका जता रही है हो सकता है जेल की अवैध कमाई को लेकर प्रधान बंदी रक्षक की हत्या कराई गई हो। 
 
विज्ञापन

8 of 8
Jail Warder Murder
बेटे ने जताया है बंदीरक्षक पर संदेह 
जेल के प्रधान बंदी रक्षक हरिनारायण त्रिवेदी की हत्या के बाद उसके बेटे अरविंद ने बंदीरक्षक संत कुमार मिश्र के ऊपर हत्या कराने की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी है। कोतवाली पुलिस डिप्टी जेलर अवधेश राय की तहरीर पर दर्ज अज्ञात मुकदमे में उस तहरीर को शामिल कर जांच आगे शुरू कर दी है। बंदीरक्षक से पुलिस अधीक्षक के साथ ही एसटीएफ व डीआईजी जेल भी पूछताछ कर चुके हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें