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केस हिस्ट्री नहीं तो जांच से ही इंकार, पुराने ढर्रे पर चल रहा एसआरएन अस्पताल

Sun, 12 Apr 2020 11:29 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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corona lab in mln medical college prayagraj - फोटो : prayagraj
कोरोना का संक्रमण सामुदायिक स्तर न फैले, इसके लिए अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। जानकारों का मनाना है कि जिस तरह से देश में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उससे यह आवश्यक हो गया है कि ज्यादा से ज्यादा टेस्ट किए जाएं। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, आगरा जैसे शहरों में ऐसा ही किया जा रहा है लेकिन, स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में सबकुछ पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है। जांच कराने के जो मानदंड कोरोना की शुरूआती दिनों में बनाए गए थे, उसे ही फॉलो किया जा रहा है। इससे संक्रमण के फैलने की आशंका बनी हुई है।
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corona - फोटो : social media
शनिवार को ऐसा ही मामला सामने आया। इंडियन ऑयल के एक अधिकारी को डॉक्टरों ने लौटा दिया। जबकि उन्हें परेशानी महसूस हो रही थी। इस तरह के मामले रोजाना ही ओपीडी में पहुंच रहे हैं। लेकिन ओपीडी में बैठ रहे जूनियर डॉक्टर बिना जांच कराए ही कोरोना संक्रमित न होने का प्रमाण दे देते हैं। हालांकि, कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. सुजीत कुमार कहते हैं कि उन्हें अभी दो मानदंडों के आधार पर ही जांच कराने को कहा गया है। वे उसका पालन कर रहे हैं।
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coronavirus - फोटो : सोशल मीडिया
उधर, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह कहते हैं कि अभी तक आईसीएमआर की जो गाइडलाइन है, उसी का पालन किया जा रहा है। अब यह कहा जा रहा है कि सामुदायिक स्तर कोरोना का फैलाव न हो इसके लिए जिनमें जरा भी लक्षण दिखे, उन्हें भर्ती कर जांच कराई जाए। इसलिए अब ऐसा ही किया जाएगा। 

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कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला

जिला सर्विलांस अफसर बेहोश होकर गिरे, नाजरेथ में भर्ती

जिला सर्विलांस अफसर डॉ. अंशु वैश्य सीने में तेज दर्द होने के बाद अचानक बेहोश होकर गिर गए। उन्हें नाजरेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वह डीएम की बैठक में शामिल हुए थे। बैठक में सीएमओ सहित कई और अफसर मौजूद थे। 

डीएम ने रविवार को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक बुलाई थी। समीक्षा बैठक के बाद डीएम ने सीएमओ सहित कुछ अधिकारियों के साथ एक अलग से बैठक की। डॉ. अंशु वैश्य उसमें शामिल थे। कहा जा रहा है कि डीएम सीएमओ से कोरोना नियंत्रण को लेकर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान डॉ. आशु ने सीने में तेज दर्द होने की शिकायत की और देखते ही देखते बेहोश होकर गिर गए। आनन-फानन में डॉ. अंशु को नाजरेथ अस्पताल ले जाया गया। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने कहा कि उनकी हालत ठीक है और देर रात उन्हें डिस्चार्ज किया जा सकता है।  
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घर पर बना मास्क पहनने पर जोर क्यों? - फोटो : AMAR UJALA

निजी अस्पतालों में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को मानदेय देने के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को सभी निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, पैथालॉजी लैबों, नर्सिंग होमों के काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों को मार्च का मानदेय देने का निर्देश दिया है। सीएमओ की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि मानदेय की रिपोर्ट ई-मेल के माध्यम से उन्हें प्रेसित करें। 

607 का स्वास्थ्य परीक्षण, कराया सैनिटाइजेशन

स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के विभिन्न गेस्ट हाउस में क्वारंटीन हुए 607 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके साथ ही डीएम कार्यालय, डीएम कैंप कार्यालय, कचहरी परिसर, नजारत शिविर, सदर तहसील परिसर, सीएमओ मुख्य कार्यालय, कैंप कार्यालय, एमआर गार्डेन, हमसफर गार्डेन आदि जगह पर सैनिटाइजेशन कराया गया। 
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