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छाई रही फागुनी मस्ती, खूब बरसे रंग

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लोकनाथ चौराहे पर होली की मस्ती में खूब चला रंग-अबीर और गुलाल। - फोटो : Prayagraj
  • रंगों की बारिश में भीग गवा तन-मन, चेहरा भवा रंगीन

  • मुंडेरा, मीरापुर, मेहंदौरी, कीडगंज, कटरा में उड़े अबीर-गुलाल, लोकनाथ लाल

  • चौक में जमकर कपड़ाफाड़ होली तो दारागंज में भिगोते रहे रंगों से भरे दमकल

प्रयागराज। होली में दो दिनों तक शहर से लेकर गांव तक रंग बरसे। हो गांव, हर तरफ फागुनी मस्ती छाई रही। मीरापुर से लेकर मम्फोर्डगंज, गोविंदपुर-तेलियरगंज तो मुंडेरा से लेकर मुट्ठीगंज, कटरा. कीडगंज, अल्लापुर, दारागंज तक अबीर-गुलाल उड़े, चेहरे रंग-बिरंगे रहे। बच्चे और महिलाएं अपनी टोलियों में मगन रहीं। वहीं युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी एक दूसरे पर खुशियों के रंग डालते, उड़ेलते रहे। चेहरों की तरह ही सड़कें भी रंगबिरंगी रहीं। 
 
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रंगों की बारिश में भीग गवा तन-मन, चेहरा भवा रंगीन

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होली 2020 - फोटो : Prayagraj
पहले दिन मंगलवार को तो रंग खेलने में मौसम की मार रही। वहीं दूसरे दिन बुधवार को धूप निकलने के साथ रंगों की बारिश पहले दिन की अपेक्षा ज्यादा हुई। होली पर वैसे तो पूरा शहर ही रंगों से सराबोर रहा, लेकिन चौक-लोकनाथ की होली सबसे अलग-अनूठी रही। चौतरफा होली का रंग, हुड़दंग दिखा।

बडे़-बड़े ड्रम में भरकर रंग रखे गए थे। लाउडस्पीकरों से बज रहे गीतों ने होली का मजा और बढ़ा दिया था। नौ बजते-बजते होलियारों, पास-पड़ोस के कारोबारियों, स्थानीय निवासियों का जुटना शुरू हुआ। दोपहर तक होलियारों की मस्ती में डूबी टोलियां धमाल करती रहीं। रंग पर्व की शुरुआत आम तौर पर अबीर-गुलाल से हुई। छोटे-बडे़ सभी ने एक दूसरे को पहले अबीर-गुलाल लगाया, फिर चेहरे लाल, गुलाबी, सिल्वर और काले किए गए। छोटों ने बड़ों के पांव छूकर आशीर्वाद लिया। इसी बीच बरामदों में खड़े बच्चों और महिलाओं के रंग और पानी डालते ही होली का माहौल बन गया। 
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युवतियों ने होली पर जमकर किया धमाल, एक दूसरे के गालों पर लगाया अबीर गुलाल

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अतरसूइया में एक दूसरे को अबीर गुलाल से रंगती युवतियां। - फोटो : Prayagraj
युवतियों व महिलाओं ने भी होली पर एक-दूसरे के गालों पर अबीर-गुलाल लगाकर जमकर धमाल व मस्ती की। इसके अलावा होरियारों ने तरह-तरह के रंगों से चेहरों को भिगोना शुरू हुआ। लोग बारी-बारी से एक दूसरे को पकड़ कर रंगों से भिगोते और फिर उसके कपड़े फाड़े जाते रहे। शर्ट, कुर्ते को चिथड़ा-चिथड़ा करके उसे बिजली, केबल, टेलीफोन के तारों पर लटका दिया गया। अब बारी थी पायजामा, पैंट, जींस की, कुछ लोगों ने खुद की खीज उतारने के लिए साथियों की पैंट आदि पूरी ताकत से फाड़ कर तारों पर टांग ही दिया।


मस्ती का आलम ऐसा रहा कि होलियारों को न अपना ख्याल रहा और न ही समय का। हर नए-पुराने गानों के साथ यह मस्ती तेज और तेज होती रही। पहले दिन तकरीबन दोपहर एक बजे तक सन्नाटा हो गया। वहीं दूसरे दिन बुधवार को सुबह बादलों के कारण सन्नाटा रहा। 11 बजे से होलियारों में धूप देखकर जोश चढ़ा फिर तकरीबन शाम तीन बजे तक फुटकर में रंग चलता रहा। कमोवेश पूरा शहर ऐसे ही रंगों में सराबोर रहा।

 

मुंडेरा, मीरापुर, मेहंदौरी, कीडगंज, कटरा में उड़े अबीर-गुलाल

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होली 2020 - फोटो : Prayagraj
मौसम के बदलाव में तारी हुई ठंड के बावजूद गली-मोहल्लों में पानी की बौछारों से ही लोग मस्त होकर भीगते रहे। वहीं लोकनाथ पर पाइपों को बांधकर ’रेन डांस’ में शामिल होकर भीगने की होड़ मची रही। कहीं रंग बरसे तो कहीं होली खेले रघुवीरा, रंग बरसे, नाकाबंदी जैसे गीतों पर, सड़क पर तनी पाइपों से झमाझम हो रही रंगों की बारिश में युवा जमकर नाचे और झूमे इस बीच ड्रमों से रंग और पानी ज्यादा उड़ेला जाता रहा।
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देर रात तक चला होली मिलन का सिलसिला

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अग्निपथ कालोनी में गुलाल लगाकर होली मिलन करतीं महिलाएं। - फोटो : Prayagraj
रंगों की बारिश थमने के बाद लोग नहा धोकर, नए कपड़े पहनकर शाम को दूसरों के घर होली मिलने गए। दोस्त, करीबी, या फिर रिश्तेदार, पड़ोसियों आदि भी होली की शुभकामनाएं देने, गले मिलने आए। सुबह भांग, ठंडई तो शाम को चिप्स, पापड़, मठरी, गुझिया, तरह-तरह की नमकीन, मटर, दहीबड़ा सहित जाने कितनी चीजें परोसी गईं। अबीर-गुलाल और गले मिलने के साथ ही बड़ों के पांव छूकर आशीर्वाद लेने का क्रम जारी रहा। 
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लोकनाथ, लाल चौक में जमकर कपड़ाफाड़ होली तो दारागंज में भिगोते रहे रंगों से भरे दमकल

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लोकनाथ चौराहे पर कपडा फाड होली के बाद तार पर टंगे कपडे़। - फोटो : Prayagraj
लोकनाथ चैराहा दो दिनों तक होलियारों की भीड़ से पटा रहा। जाति-धर्म, भेद-भाव से बेखबर होलियारे फागुनी बयार की पहचान होली में मदमस्त होकर नाचते-गाते रहे। खराब मौसम के बावजूद यहां पर बड़ी संख्या में होलियारे पहुंचे और फिल्मी धुनों की थाप पर घंटों थिरकते रहे। यहां पहुंचने वाले होलियारों को रंगने का काम लोकनाथ मिलन संघ की ओर से किया गया। फिर लोगों के सिर चढ़कर कपड़ा फाड़ होली यादगार बन गई।

    श्री लोकनाथ मिलन संघ के अध्यक्ष निखिल पांडेय के मुताबिक आजादी के पूर्व से लोकनाथ चैराहे पर होली और होली मिलन समारोह का आयोजन किया जाता रहा है। इसी परंपरा का निर्वाह संघ के पदाधिकारी और सदस्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां तीन फौव्वारे लगाकर होलीयारों के ऊपर टेसू के फूल, गुलाब की पंखुड़ियां और कागज के कतरनों सहित 20 कुंतल गुलाल की बारिश से होलियारों को सराबोर किया गया। इसके लिए पांच मोटर पंप की सहायता ली गई। 


इस मौके पर कमेटी के संरक्षक रवींद्र पांडेय, किशोर चैरसिया, शिवनंद पांडेय, महामंत्री बृजेश पुरवार, उपाध्यक्ष अनिल चैरसिया, कोषाध्यक्ष दीपक पुरवार, वित्तीय सलाहकार सीएस तन्मय सौरभ चटर्जी, उपमंत्री नीरज गुप्ता, विकास मालवीय और रामलाल चैरसिया टेक्निशियन के तौर पर मौजूद रहे।  व्यवस्थाओं में पिंकू यादव, पंकज मिश्रा,गंगेश शर्मा,आशीष श्रीवास्तव, संतोष गौड़, अनुज अग्रवाल सहित आदि विशेष रूप से कमेटी से 300 लोगों ने लोकनाथ चैराहे पर आयोजित होली समारोह को शांतिपूर्वक निपटाने में विशेष सहयोग प्रदान किया।
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होली पर कोरोना का डर रहा हावी

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नोवल कोरोना वायरस(COVID-19) के खौफ से होली पर लोगों ने कुछ इस तरह एहतियात बरते। - फोटो : Prayagraj
  •  मौसम के बदलाव से हर घर पहुंचा फ्लू, इंफ्लुइंजा
  •  बच्चों में वायरल डायरिया बढ़ा, बड़ों की फूली सांस
होली पर इस बार कोरोना का डर हावी रहा। एक हफ्ते से जुकाम पीड़ित लोग कोरोना संक्रमण होने की दहशत में जांच करा रहे हैं। वहीं मौसम के बदलाव से घर-घर में फ्लू और इंफ्लुइंजा के मरीज हो गए हैं। छोटे बच्चों में वायरल डायरिया तो बड़ों को सांस फूलने से दिक्कत हो रही है। 


बुधवार को एसआएन अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में मौसम जनित बीमारियों से पीड़ित मरीजों की भरमार रही। डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक एक सप्ताह से जुकाम पीड़ित बुजुर्ग कोरोना संक्रमण से ग्रसित होने की बात कहते रहे। उनके रक्त की सामान्य जांच में कुछ नहीं निकला। वह खुद को भर्ती करने की जिद पर अड़े रहे। उन्होंने बताया कि सर्द-गर्म हो रहा मौसम फ्लू, इंफ्लुइंजा से पीड़ित कर रहा है। सावधानी बरतने की जरूरत है। 
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सीएएः मंसूर अली पार्क में जारी धरने में भी मनाई गई होली, बनीं गुझिया और पापड़

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होली पर मंसूर पार्क में धराने पर बैठी महिलाओं ने दिया एकता का संदेश। - फोटो : Prayagraj
  • सीएए के विरोध में धरना दे रहीं महिलाओं ने रंगोली बनाकर दिया साझा संस्कृति का संदेश
सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में मंसूर अली पार्क में 60 दिनों से जारी धरने में भी होली का उल्लास दिखा। धरने में शामिल महिलाओं ने गुझिया, पापड़ आदि बनाए और एक दूसरे को बांटे। 

महिलाओं ने रंगोली के माध्यम से भी धार्मिक सौहार्द का संदेश दिया। साथ में सीएए, एनआरसी का विरोध किया। वहां होली मिलन कार्यक्रम की भी घोषणा की गई थी, लेकिन दिल्ली दंगा तथा आंदोलन के दौरान महिलाओं की मौत की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया। धरने में शामिल महिलाओं तथा अलग-अलग संगठन के वक्ताओं ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया। उनमें प्रशासन की ओर से लगातार मिल रहे नोटिस तथा एफआईआर को लेकर नाराजगी भी रही। 
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