लोकनाथ चौराहे पर कपडा फाड होली के बाद तार पर टंगे कपडे़।
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लोकनाथ चैराहा दो दिनों तक होलियारों की भीड़ से पटा रहा। जाति-धर्म, भेद-भाव से बेखबर होलियारे फागुनी बयार की पहचान होली में मदमस्त होकर नाचते-गाते रहे। खराब मौसम के बावजूद यहां पर बड़ी संख्या में होलियारे पहुंचे और फिल्मी धुनों की थाप पर घंटों थिरकते रहे। यहां पहुंचने वाले होलियारों को रंगने का काम लोकनाथ मिलन संघ की ओर से किया गया। फिर लोगों के सिर चढ़कर कपड़ा फाड़ होली यादगार बन गई।
श्री लोकनाथ मिलन संघ के अध्यक्ष निखिल पांडेय के मुताबिक आजादी के पूर्व से लोकनाथ चैराहे पर होली और होली मिलन समारोह का आयोजन किया जाता रहा है। इसी परंपरा का निर्वाह संघ के पदाधिकारी और सदस्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां तीन फौव्वारे लगाकर होलीयारों के ऊपर टेसू के फूल, गुलाब की पंखुड़ियां और कागज के कतरनों सहित 20 कुंतल गुलाल की बारिश से होलियारों को सराबोर किया गया। इसके लिए पांच मोटर पंप की सहायता ली गई।
इस मौके पर कमेटी के संरक्षक रवींद्र पांडेय, किशोर चैरसिया, शिवनंद पांडेय, महामंत्री बृजेश पुरवार, उपाध्यक्ष अनिल चैरसिया, कोषाध्यक्ष दीपक पुरवार, वित्तीय सलाहकार सीएस तन्मय सौरभ चटर्जी, उपमंत्री नीरज गुप्ता, विकास मालवीय और रामलाल चैरसिया टेक्निशियन के तौर पर मौजूद रहे। व्यवस्थाओं में पिंकू यादव, पंकज मिश्रा,गंगेश शर्मा,आशीष श्रीवास्तव, संतोष गौड़, अनुज अग्रवाल सहित आदि विशेष रूप से कमेटी से 300 लोगों ने लोकनाथ चैराहे पर आयोजित होली समारोह को शांतिपूर्वक निपटाने में विशेष सहयोग प्रदान किया।