उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के होलागढ़ में एक ही परिवार के चार लोगों को मौत के घाट उतारने वाले हत्यारों की क्रूरता देख पुलिस भी सन्न रह गई है। घर में जिस हालत में चारों सदस्यों के शव पड़े हुए थे उसे देख ग्रामीण भी स्तब्ध रह गए। जांच में कई तरह के चौंकाने वाले खुलासे और हत्यारों की क्रूरता सामने आई है। आगे पढ़ें कैसे घर में घुसे हत्यारे और खौफनाक वारदात को अंजाम देकर कैसे हुए फरार-
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मृतक बहनें
- फोटो : अमर उजाला
मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि घर में जबरन घुसने के कोई निशान नहीं थे। ऐसे में माना जा रहा है कि हत्यारे छत के रास्ते आए और सोते वक्त ही परिवार को निशाना बना लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि सुबह जब पड़ोस गांव में रहने वाला व्यक्ति वैद्य को बुलाने पहुंचा, तो दरवाजा भीतर से बंद नहीं था। यही वजह थी कि धक्का देने पर दरवाजा खुल गया। दरवाजे पर किसी तरह के जबरदस्ती के निशान नहीं मिले। दरवाजे की कुंडियां भी पूरी तरह सुरक्षित थीं। घर के भीतर से ही सीढ़ी बनी थी, जिससे होकर छत पर जाया जा सकता था।
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मृतक पिता पुत्र
- फोटो : अमर उजाला
छानबीन के दौरान घर के पीछे की ओर दीवार पर ईंट के बयाले भी बने मिले। माना जा रहा है कि इन्हीं बयालों से होकर हत्यारे छत पर पहुंचे और फिर दबे पांव सीढ़ी से होकर घर में दाखिल हो गए। हत्या के बाद वह मुख्य दरवाजे से होकर भागे और यही वजह थी कि सुबह दरवाजा भीतर से बंद नहीं मिला।
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जांच करने पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खून से लथपथ शवों की हालत बर्बरता की दास्तां बयां कर रही थीं। हत्यारों ने बेटे-बेटियों व मां का गला काटा था तो वैद्य के पूरे शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए थे। हत्यारों की क्रूरता देख पुलिसकर्मी भी स्तब्ध थे। वैद्य के घर के भीतर जाने के लिए दरवाजे के ठीक सामने गलियारा है। गलियारे में जाकर दाहिनी ओर मुड़ने पर कमरे स्थित हैं। बृहस्पतिवार रात विमलेश गलियारे के मुहाने पर रखी चौकी जबकि बेटा प्रिंस ठीक बगल के कमरे में सो रहा था। पत्नी रचना व दोनों बेटियां भीतर के कमरे में सो रही थीं।
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घर में विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मी घर के भीतर गए तो चौकी पर विमलेश मृत पड़े मिले। उनकी गर्दन के साथ ही चेहरे व शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियार से हमला किया गया था और पूरा शरीर खून से लथपथ था। बगल के कमरे में रखी चौकी पर बेटा मृत पड़ा था जिसके गले पर गहरे जख्म के निशान थे। पुलिसकर्मी भीतर के कमरे में गए तो वहां दोनों बेटियों के खून से सने शव चारपाई पर पड़े मिले। इन दोनों को भी गले पर वार कर मौत के घाट उतारा गया था।
उधर, खून से लथपथ रचना जमीन पर पड़ी हुई थी, जिसके गले के साथ ही चेहरे पर धारदार हथियार से हमले के निशान थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घर के भीतर के जो हालात थे उससे यही लग रहा था कि वैद्य के बेटे व दोनों बेटियों को तो चारपाई से उठने का भी मौका नहीं मिला। हत्यारों ने सोते समय ही धारदार हथियार से वार कर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। वैद्य के गले के अलावा शरीर के कई अन्य हिस्सों में भी जख्म के निशान मिलने से माना जा रहा है कि जान बचाने के लिए उन्होंने हत्यारों से जमकर संघर्ष किया। घर के भीतर काफी मात्रा में खून भी बिखरा हुआ था।