इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या लोधी जाति उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग में अधिसूचित है अथवा नहीं। कोर्ट ने इस मामले में सरकार को 10 दिन के भीतर जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। 2018 की पुलिस भर्ती के अभ्यर्थी सचिन कुमार राजपूत की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति शमीम अहमद ने दिया।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक याची ने 2018 की कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन किया था। लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद उसे दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बुलाया गया। याची ने केंद्र सरकार द्वारा जारी पिछड़ा वर्ग का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया, जिसे भर्ती बोर्ड ने मानने से इंकार कर दिया। इसके खिलाफ याचिका दाखिल की गई।